चेस की दिग्गज Judit Polgár बन सकती हैं हंगरी की राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने दिया पद संभालने का प्रस्ताव
News-Desk
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Chess news, Hungary, Judit Polgar, ग्रैंडमास्टर, जुडित पोलगर, पीटर मग्यार, राष्ट्रपति, वर्ल्ड न्यूज़, विश्व शतरंज, शतरंज, हंगरीविश्व शतरंज की महान खिलाड़ियों में शामिल जुडित पोलगर (Judit Polgár) जल्द ही हंगरी की नई राष्ट्रपति बन सकती हैं। हंगरी के प्रधानमंत्री पीटर मग्यार ने उन्हें देश के राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालने का प्रस्ताव दिया है। इस घोषणा के बाद खेल और राजनीति, दोनों क्षेत्रों में जुडित पोलगर का नाम चर्चा का विषय बन गया है।
प्रधानमंत्री पीटर मग्यार ने अपने आधिकारिक फेसबुक पोस्ट में लिखा कि वह जुडित पोलगर का नाम राष्ट्रपति पद के लिए प्रस्तावित करेंगे। उन्होंने कहा कि देश को ऐसी राष्ट्रपति की आवश्यकता है, जिस पर हर हंगेरियन नागरिक गर्व कर सके।
विश्व शतरंज की सबसे सफल महिला खिलाड़ियों में रही हैं जुडित पोलगर
49 वर्षीय जुडित पोलगर को आधुनिक शतरंज इतिहास की सबसे महान महिला खिलाड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने अपने करियर में अनेक ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें आज भी शतरंज की दुनिया में बेहद सम्मान के साथ याद किया जाता है।
इस वर्ष उनके जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘द क्वीन ऑफ चेस’ (The Queen of Chess) भी रिलीज हुई, जिसमें उनके संघर्ष, उपलब्धियों और अंतरराष्ट्रीय करियर को दर्शाया गया है।
महिला वर्ग की बजाय हमेशा ओपन टूर्नामेंट में खेलीं
जुडित पोलगर ने बचपन से ही एक अलग रास्ता चुना। उन्होंने केवल महिलाओं के लिए आयोजित प्रतियोगिताओं तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अधिकांश करियर में ओपन टूर्नामेंट खेले, जहां उनका मुकाबला दुनिया के शीर्ष पुरुष खिलाड़ियों से हुआ।
सिर्फ 6 वर्ष की उम्र से उन्होंने प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। उनकी प्रतिभा इतनी असाधारण थी कि कम उम्र में ही वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने लगीं।
15 साल की उम्र में बनाया विश्व रिकॉर्ड
जुडित पोलगर ने मात्र 15 वर्ष 4 महीने की आयु में ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल कर इतिहास रच दिया।
इस उपलब्धि के साथ उन्होंने अमेरिकी दिग्गज बॉबी फिशर का सबसे कम उम्र में ग्रैंडमास्टर बनने का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उस समय यह उपलब्धि शतरंज जगत की सबसे बड़ी खबरों में शामिल थी।
विश्व रैंकिंग में हासिल किया आठवां स्थान
वर्ष 2005 में जुडित पोलगर विश्व शतरंज रैंकिंग में आठवें स्थान तक पहुंचीं। यह किसी भी महिला खिलाड़ी द्वारा हासिल की गई सर्वोच्च विश्व रैंकिंग मानी जाती है।
वह अब तक की एकमात्र महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने 2700 से अधिक Elo रेटिंग का आंकड़ा पार किया। यह उपलब्धि विश्व शतरंज के सर्वोच्च स्तर की खिलाड़ियों में ही देखने को मिलती है।
11 विश्व चैंपियनों को दी मात
जुडित पोलगर ने अपने शानदार करियर में कई महान खिलाड़ियों को हराया।
उन्होंने क्लासिकल और रैपिड मुकाबलों में कुल 11 विश्व चैंपियनों के खिलाफ जीत दर्ज की। इनमें शामिल हैं—
- गैरी कास्पारोव
- विश्वनाथन आनंद
- अनातोली कार्पोव
- बोरिस स्पास्की
- मैग्नस कार्लसन
इन जीतों ने उन्हें विश्व शतरंज के इतिहास में एक अलग पहचान दिलाई।
26 वर्षों तक दुनिया की नंबर-1 महिला खिलाड़ी रहीं
जुडित पोलगर लगातार 26 वर्ष और 28 दिनों तक महिला विश्व रैंकिंग में नंबर-1 स्थान पर बनी रहीं।
उन्होंने 1 फरवरी 1989 से 1 मार्च 2015 तक शीर्ष स्थान बनाए रखा। यह रिकॉर्ड आज भी महिला शतरंज इतिहास की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में गिना जाता है।
इसके अलावा उन्होंने पांच बार शतरंज ओलंपियाड में भी खिताब जीते और हंगरी के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल ‘ऑर्डर ऑफ सेंट स्टीफन’ से सम्मानित की गईं।
भारत के युवा खिलाड़ियों की भी कर चुकी हैं तारीफ
मार्च 2026 में दिए गए एक इंटरव्यू में जुडित पोलगर ने भारतीय शतरंज की तेजी से बढ़ती ताकत की सराहना की थी।
उन्होंने कहा था कि भविष्य की अगली ‘जुडित पोलगर’ भारत से भी आ सकती है। उन्होंने भारतीय जूनियर खिलाड़ियों की प्रतिभा और देश में तेजी से विकसित हो रहे शतरंज वातावरण की खुलकर प्रशंसा की थी।
पीएम बोले—देश को ऐसी राष्ट्रपति चाहिए जिस पर हर नागरिक गर्व करे
प्रधानमंत्री पीटर मग्यार ने अपने संदेश में कहा कि हंगरी को ऐसी राष्ट्रपति की जरूरत है जो देश में एकता और शांति का प्रतीक बन सके।
उन्होंने कहा कि जुडित पोलगर की पहचान किसी राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, ईमानदारी, अनुशासन और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों से बनी है।
पीटर मग्यार ने यह भी कहा कि यदि जुडित पोलगर इस जिम्मेदारी को स्वीकार करती हैं, तो यह उनके और पूरे देश के लिए सम्मान की बात होगी।
खेल से नेतृत्व तक नई भूमिका की चर्चा
यदि जुडित पोलगर राष्ट्रपति पद का प्रस्ताव स्वीकार करती हैं, तो यह विश्व खेल जगत की सबसे चर्चित राजनीतिक नियुक्तियों में से एक होगी। एक ऐसी खिलाड़ी, जिसने शतरंज की बिसात पर दशकों तक दुनिया के दिग्गजों को चुनौती दी, अब राष्ट्रीय नेतृत्व की भूमिका में भी दिखाई दे सकती हैं।
फिलहाल, उनके प्रस्ताव स्वीकार करने को लेकर आधिकारिक निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। देश और दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि क्या शतरंज की यह महान खिलाड़ी हंगरी के सर्वोच्च संवैधानिक पद की जिम्मेदारी संभालेंगी।

