Kanpur ज्योति हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद बरकरार रखी, पीयूष-रेनू-सोनू की अपील खारिज, मनीषा को मिली राहत
News-Desk
4 min read
crime news, kanpur, Kanpur News, अपराध समाचार, उत्तर प्रदेश, कानपुर, कोर्ट न्यूज, ज्योति हत्याकांड, पीयूष श्यामदासानी, सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्टकरीब एक दशक पुराने Kanpur के चर्चित ज्योति हत्याकांड (Kanpur Jyoti Murder Case) में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। शीर्ष अदालत ने पीयूष श्यामदासानी, रेनू उर्फ अखिलेश कनौजिया और सोनू कश्यप की ओर से दायर अपीलों को खारिज कर दिया। इसके साथ ही इन तीनों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा यथावत रहेगी।
वहीं, मामले में कथित प्रेमिका मनीषा मखीजा को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दी गई राहत पर भी सुप्रीम कोर्ट ने अपनी मुहर लगा दी। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार की उस अपील को भी खारिज कर दिया, जिसमें मनीषा को दोबारा दोषी ठहराने की मांग की गई थी।
2014 में हुई थी ज्योति की हत्या
यह मामला 27 जुलाई 2014 का है। कानपुर के बिस्कुट कारोबारी पीयूष श्यामदासानी की पत्नी ज्योति श्यामदासानी की हत्या ने उस समय पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी।
जांच के दौरान पुलिस ने हत्या की साजिश और उसमें कथित रूप से शामिल कई लोगों को गिरफ्तार किया। मामला अदालत पहुंचा, जहां विस्तृत सुनवाई के बाद फैसला सुनाया गया।
सेशन कोर्ट ने छह आरोपियों को सुनाई थी उम्रकैद
लंबी सुनवाई के बाद 20 अक्टूबर 2022 को सेशन कोर्ट ने मामले में छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
सजा पाने वालों में शामिल थे—
- पीयूष श्यामदासानी
- कथित प्रेमिका मनीषा मखीजा
- मनीषा के पूर्व ड्राइवर अवधेश कुमार चतुर्वेदी
- कथित साजिशकर्ता आशीष कश्यप
- रेनू उर्फ अखिलेश कनौजिया
- सोनू कश्यप
अभियोजन पक्ष के अनुसार, हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी।
हाईकोर्ट ने मनीषा को दी थी राहत
सेशन कोर्ट के फैसले को सभी दोषियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
29 नवंबर 2024 को हाईकोर्ट ने अपने फैसले में पांच दोषियों की सजा को बरकरार रखा, लेकिन मनीषा मखीजा को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी अपीलें कीं खारिज
सुप्रीम कोर्ट में दो अलग-अलग प्रकार की अपीलें दायर की गई थीं।
एक ओर पीयूष श्यामदासानी, रेनू उर्फ अखिलेश कनौजिया और सोनू कश्यप ने अपनी उम्रकैद की सजा रद्द करने की मांग की थी।
दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट द्वारा मनीषा मखीजा को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए उसे फिर से दोषी ठहराने की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने चारों अपीलों पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के फैसले को सही माना और सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।
पीयूष, रेनू और सोनू को काटनी होगी उम्रकैद
सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब पीयूष श्यामदासानी, रेनू उर्फ अखिलेश कनौजिया और सोनू कश्यप की उम्रकैद की सजा अंतिम रूप से बरकरार रहेगी।
वहीं, मनीषा मखीजा को हाईकोर्ट द्वारा दी गई राहत भी कायम रहेगी, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की अपील स्वीकार नहीं की।
करीब 10 साल पुराने मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी
ज्योति हत्याकांड वर्ष 2014 से न्यायिक प्रक्रिया में था। जांच, ट्रायल, हाईकोर्ट और अंततः सुप्रीम कोर्ट तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब इस मामले में शीर्ष अदालत ने भी अपना फैसला सुना दिया है।
इस निर्णय के साथ तीन दोषियों की सजा बरकरार रहने और एक आरोपी को मिली राहत पर न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।

