खेल जगत

Commonwealth Games 2026- बिंदियारानी देवी ने दिलाया भारत को छठा मेडल, वेटलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज जीतकर रचा इतिहास; बॉक्सिंग और एथलेटिक्स में भी बढ़ीं पदक की उम्मीदें

Commonwealth Games 2026 India के अभियान में भारत ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। मणिपुर की स्टार वेटलिफ्टर बिंदियारानी देवी ने महिला 58 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। उन्होंने कुल 199 किलोग्राम (87 किग्रा स्नैच + 112 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर पोडियम पर जगह बनाई और भारत के पदकों की संख्या बढ़ाकर छह कर दी।

इस उपलब्धि के साथ वेटलिफ्टिंग भारत के लिए सबसे सफल खेलों में शामिल हो गया है। अब तक भारत के छह पदकों में से पांच पदक वेटलिफ्टिंग से आए हैं, जो इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों की निरंतर मजबूती को दर्शाता है।


बिंदियारानी देवी ने लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता पदक

27 वर्षीय बिंदियारानी देवी के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह उनका लगातार दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स पदक है।

उन्होंने इससे पहले बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। अब 2026 में ब्रॉन्ज जीतकर उन्होंने लगातार दूसरी बार इस बहु-खेल प्रतियोगिता में भारत को गौरवान्वित किया है।

उनका यह प्रदर्शन बताता है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सबसे भरोसेमंद महिला वेटलिफ्टरों में अपनी पहचान मजबूत कर चुकी हैं।


कैसा रहा बिंदियारानी देवी का प्रदर्शन?

प्रतियोगिता के स्नैच राउंड में बिंदियारानी ने लगातार तीन सफल प्रयास किए।

उन्होंने क्रमशः—

  • 83 किलोग्राम
  • 85 किलोग्राम
  • 87 किलोग्राम

का वजन सफलतापूर्वक उठाया।

इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उनका पहला प्रयास 110 किलोग्राम पर असफल रहा।

हालांकि उन्होंने शानदार वापसी करते हुए दूसरे प्रयास में 112 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठा लिया।

तीसरे प्रयास में उन्होंने 116 किलोग्राम उठाने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका।

दोनों वर्गों को मिलाकर उनका कुल स्कोर 199 किलोग्राम रहा, जिसने उन्हें कांस्य पदक दिलाया।


नाइजीरिया ने बनाया नया रिकॉर्ड

महिला 58 किलोग्राम स्पर्धा में नाइजीरिया की रफियातु फोलाशाडे लावल ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए कुल 229 किलोग्राम (103+126) वजन उठाया।

इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने—

  • गोल्ड मेडल
  • कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड
  • नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड

अपने नाम किया।

वहीं कनाडा की एन सोफी टाशेरो ने कुल 215 किलोग्राम (94+121) वजन उठाकर सिल्वर मेडल हासिल किया।


भारत के खाते में छह पदक, वेटलिफ्टिंग बना सबसे सफल खेल

बिंदियारानी देवी के पदक के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या छह पहुंच गई।

इनमें—

  • वेटलिफ्टिंग से पांच पदक
  • पैरा पावरलिफ्टिंग से एक पदक

शामिल हैं।

भारत लगातार शुरुआती दिनों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करता जा रहा है।


भारत मेडल टैली में पहुंचा आठवें स्थान पर

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पदक तालिका में भारत आठवें स्थान पर पहुंच गया है।

वहीं ऑस्ट्रेलिया शानदार प्रदर्शन करते हुए 18 स्वर्ण पदकों सहित कुल 42 पदकों के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है।

प्रतियोगिता के आगे बढ़ने के साथ भारत को एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, शूटिंग, कुश्ती और अन्य खेलों में भी पदकों की उम्मीद है।


ज्ञानेश्वरी यादव ने जीता सिल्वर, बनाया गेम्स रिकॉर्ड

भारत के लिए इससे पहले ज्ञानेश्वरी यादव ने महिला 53 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता था।

उन्होंने कुल 199 किलोग्राम (88+111) वजन उठाया।

स्नैच वर्ग में उन्होंने 88 किलोग्राम उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।

हालांकि कुल प्रदर्शन में नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडीह ने 206 किलोग्राम (93+113) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीत लिया।


मणिपुर के खिलाड़ियों ने फिर दिखाया दम

भारतीय वेटलिफ्टिंग में मणिपुर की प्रतिभा एक बार फिर चमकती नजर आई।

अब तक मणिपुर के तीन खिलाड़ियों ने भारत के लिए पदक जीते हैं—

  • मीराबाई चानू – गोल्ड
  • बिंदियारानी देवी – ब्रॉन्ज
  • ऋषिकांत सिंह – सिल्वर

इन खिलाड़ियों ने एक बार फिर साबित किया कि मणिपुर भारतीय वेटलिफ्टिंग की सबसे मजबूत प्रतिभाओं में से एक है।


छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु के खिलाड़ियों ने भी बढ़ाया गौरव

भारत के लिए छत्तीसगढ़ की ज्ञानेश्वरी यादव ने सिल्वर मेडल जीता।

वहीं तमिलनाडु के राजा मुथुपांडी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया।

इसके अलावा झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज जीतकर भारत का पदक खाता खोला था।


ताइक्वांडो से शुरू हुआ था बिंदियारानी का खेल सफर

आज वेटलिफ्टिंग में भारत का नाम रोशन करने वाली बिंदियारानी देवी ने अपने खेल करियर की शुरुआत वेटलिफ्टिंग से नहीं बल्कि ताइक्वांडो से की थी।

वर्ष 2008 से 2012 के बीच उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व ताइक्वांडो में किया।

बाद में उनकी शारीरिक बनावट और क्षमता को देखते हुए कई प्रशिक्षकों ने उन्हें वेटलिफ्टिंग अपनाने की सलाह दी।

उन्होंने 2013 में वेटलिफ्टिंग शुरू की और जल्द ही स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इम्फाल में चयनित हो गईं।

इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सफलता हासिल की।


ज्ञानेश्वरी यादव की सफलता के पीछे संघर्ष की कहानी

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की रहने वाली ज्ञानेश्वरी यादव की सफलता भी प्रेरणादायक रही है।

उनके पिता स्वयं बॉडीबिल्डर थे, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण उन्हें खेल छोड़कर इलेक्ट्रीशियन के रूप में काम करना पड़ा।

इसी संघर्षपूर्ण माहौल में पिता ने ज्ञानेश्वरी को प्रशिक्षण दिया।

कड़ी मेहनत और लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीतने में सफल रहीं।


बॉक्सिंग में भी भारत की उम्मीदें मजबूत

भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार शुरुआत की है।

सचिन सिवाच ने पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

अब उनका मुकाबला बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी से होगा।

वहीं अंकुश ने 80 किलोग्राम वर्ग में एंटीगुआ और बारबुडा के जलान जान को 5-0 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई।

दोनों मुक्केबाज अब भारत के लिए पदक सुनिश्चित करने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।


एथलेटिक्स और स्विमिंग में भी बढ़ीं उम्मीदें

एथलेटिक्स में भारत के स्टार लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर ने पहली ही कोशिश में 8.01 मीटर की छलांग लगाकर फाइनल में प्रवेश किया।

वहीं लोकेश सत्यानाथन ने 7.77 मीटर के साथ फाइनल के लिए क्वालिफाई किया।

स्विमिंग में साजन प्रकाश ने पुरुष 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल में जगह बनाई।

इसी तरह तेजस शिर्से ने 110 मीटर हर्डल्स के फाइनल के लिए क्वालिफाई कर भारत की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।


प्रतिष्ठा मेडल से चूकीं, गुरिंदरवीर नहीं कर सके क्वालिफाई

आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स के महिला वॉल्ट फाइनल में प्रतिष्ठा सामंता ने 12.883 अंक हासिल किए और सातवें स्थान पर रहीं।

वह पदक जीतने से चूक गईं।

दूसरी ओर भारत के तेज धावक गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर हीट्स में 10.39 सेकेंड का समय निकाला, लेकिन यह प्रदर्शन उन्हें सेमीफाइनल तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त नहीं रहा।


हाई जंप में तेजस्विन शंकर पर टिकी निगाहें

अब भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें पुरुष हाई जंप फाइनल पर रहेंगी।

भारत की ओर से—

  • तेजस्विन शंकर
  • सर्वेश कुशारे
  • जे. आदर्श राम

मेडल के लिए चुनौती पेश करेंगे।

वहीं तेजस शिर्से 110 मीटर हर्डल्स फाइनल में भी भारत के लिए पदक की उम्मीद जगाएंगे।

आने वाले मुकाबलों में भारत के पास पदकों की संख्या बढ़ाने का शानदार अवसर होगा।

अपडेट: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का अभियान लगातार मजबूत होता जा रहा है। बिंदियारानी देवी के ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या छह पहुंच गई है, जिनमें वेटलिफ्टिंग से पांच पदक शामिल हैं। बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, स्विमिंग और हाई जंप में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अगले दौर में जगह बनाकर पदकों की उम्मीदें बरकरार रखी हैं।

News-Desk

News Desk एक समर्पित टीम है, जिसका उद्देश्य उन खबरों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। हम निष्पक्षता, सटीकता, और पारदर्शिता के साथ समाचारों को प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को हर महत्वपूर्ण विषय पर सटीक जानकारी मिल सके। आपके विश्वास के साथ, हम खबरों को बिना किसी पूर्वाग्रह के आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, हमें संपर्क करें: info@poojanews.com

News-Desk has 22355 posts and counting. See all posts by News-Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

5 × four =