व्हाट्सएप से नशे का कारोबार, UPI से पेमेंट और पोर्टर से डिलीवरी! गाजियाबाद में Operation Prahar के तहत अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़
News-Desk
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स्वॉट टीम द्वारा चलाए गए अभियान में मुख्य आरोपी कौस्तुभ उर्फ कार्तिक को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से 13 लाख रुपये नकद, 894 ग्राम गांजा तथा दो ग्राम कोकीन बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक संगठित नेटवर्क के रूप में सामने आया है और इसके अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
ऑपरेशन प्रहार में मिली बड़ी सफलता, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
गाजियाबाद पुलिस की स्वॉट टीम ने विशेष अभियान ऑपरेशन प्रहार के दौरान आरोपी कौस्तुभ उर्फ कार्तिक को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में मादक पदार्थों की आपूर्ति से जुड़ा हुआ था।
गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से बड़ी मात्रा में नकदी और विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थ बरामद किए गए। पुलिस का मानना है कि बरामद नकदी कथित रूप से मादक पदार्थों की बिक्री से प्राप्त रकम हो सकती है, जिसकी वित्तीय जांच भी की जा रही है।
व्हाट्सएप पर ऑर्डर, यूपीआई से भुगतान और पोर्टर से सप्लाई
जांच में सामने आया कि आरोपी और उसका गिरोह तकनीक का इस्तेमाल करते हुए ग्राहकों तक नशे की आपूर्ति कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, ग्राहक व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क करते थे और अपनी मांग के अनुसार ऑर्डर देते थे। इसके बाद भुगतान यूपीआई के जरिए लिया जाता था। भुगतान की पुष्टि होने के बाद मादक पदार्थों की खेप पोर्टर सेवा अथवा अन्य डिलीवरी माध्यमों से निर्धारित स्थान तक पहुंचाई जाती थी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस तरीके से गिरोह सीधे संपर्क से बचते हुए अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा था। मामले की जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
स्कूल, कॉलेज और हॉस्टलों के आसपास सक्रिय था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य निशाना कथित रूप से स्कूल, कॉलेज और हॉस्टलों में रहने वाले छात्र थे।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि गिरोह छात्रों तक पहुंच बनाने के लिए सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता था। हालांकि पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।
अधिकारियों का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास इस प्रकार की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
बिहार से लाकर दिल्ली-एनसीआर में की जाती थी सप्लाई
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को विजयनगर क्षेत्र से पकड़े गए आरोपी कौस्तुभ से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी मूल रूप से पटना (बिहार) का रहने वाला है और वह बिहार से मादक पदार्थ लाकर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में उनकी आपूर्ति करता था।
पूछताछ में उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसका नेटवर्क विभिन्न राज्यों से मादक पदार्थ जुटाकर अलग-अलग माध्यमों से ग्राहकों तक पहुंचाता था।
शारदा यूनिवर्सिटी से की है बीटेक और एमबीए की पढ़ाई
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी से बीटेक और एमबीए की पढ़ाई कर चुका है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और उसके कथित आपराधिक नेटवर्क के बीच संबंधों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका क्या रही और नेटवर्क किस स्तर तक फैला हुआ था।
गिरोह में कई तरह के मादक पदार्थों की कथित तस्करी
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित रूप से बताया कि उसका गिरोह केवल गांजा ही नहीं, बल्कि अन्य मादक पदार्थों की सप्लाई से भी जुड़ा हुआ था।
पुलिस के अनुसार, जांच में गांजा, एमडीएमए, चरस, स्मैक और कोकीन जैसे मादक पदार्थों की कथित तस्करी की जानकारी सामने आई है।
बरामद गांजे में विभिन्न किस्में शामिल हैं, जिनमें ओजी, मैंगो और सिलोंग श्रेणी का गांजा भी बताया गया है। पुलिस इन बरामदगी की फोरेंसिक और कानूनी जांच आगे बढ़ा रही है।
एनडीपीएस एक्ट के मामले में पहले से था वांछित
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी कौस्तुभ पहले से ही नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में वांछित था।
अब उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन, मोबाइल डेटा और डिजिटल नेटवर्क की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
गिरोह में आठ से अधिक सदस्यों के शामिल होने का दावा
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर अपने गिरोह के कई अन्य सदस्यों के नाम भी बताए।
पुलिस के अनुसार, गिरोह में शिवम मिश्रा, दीपक, सूरज, अभिषेक, तनिष्क, इमरान, शिवम और बॉबी समेत कई लोग शामिल बताए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इन सभी की भूमिका की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और किन-किन क्षेत्रों में इसकी पहुंच थी।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के कई सदस्य पहले भी नोएडा और गाजियाबाद में अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
दो अन्य तस्कर भी गिरफ्तार, 21 किलो से अधिक गांजा बरामद
ऑपरेशन प्रहार के दौरान पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह के अनुसार, फिरोज खान (28) निवासी नाहली, भोजपुर और जैद (22) निवासी नाहल, मसूरी को डासना स्थित कंपोजिट विद्यालय उस्मान कॉलोनी के पास से गिरफ्तार किया गया।
दोनों के कब्जे से 20 किलो 972 ग्राम गांजा बरामद हुआ है।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे वसीम और शाहनवाज के साथ मिलकर गांजा तस्करी करते थे। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि वसीम और शाहनवाज ओडिशा तथा बिहार से गांजा लाकर इसकी आपूर्ति करते थे।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी, डिजिटल और वित्तीय पहलुओं पर भी फोकस
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। जांच में मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट, यूपीआई ट्रांजैक्शन, बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था, कितने ग्राहक इससे जुड़े थे और अवैध कमाई का इस्तेमाल किस प्रकार किया जाता था।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

