Agra में 1 करोड़ की सनसनीखेज चोरी: फलों के आढ़ती हाजी नसीम की दुकान से कैश गायब, 10 कर्मचारियों से पूछताछ के बाद भी पुलिस के हाथ खाली
News-Desk
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1 करोड़ चोरी, agra, agra news, crime news, आगरा, आगरा पुलिस, उत्तर प्रदेश अपराध, एसओजी, फल मंडी, सर्विलांस, सिकंदरा मंडी, हाजी नसीमAgra 1 Crore Theft मामले ने शहर के व्यापारिक वर्ग और पुलिस प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है। आगरा के सिकंदरा फल मंडी स्थित फलों के आढ़ती हाजी नसीम की दुकान से करीब 1 करोड़ रुपये नकद चोरी होने के मामले में पुलिस की जांच लगातार जारी है। हालांकि घटना के कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस को अभी तक कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी है।
पुलिस ने अब तक दुकान से जुड़े 10 कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ की है, लेकिन उनसे कोई ऐसी जानकारी नहीं मिल सकी, जिससे चोरी की गुत्थी सुलझाई जा सके। वहीं, मंडी परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांची गई, लेकिन अब तक कोई निर्णायक सुराग हाथ नहीं लगा है।
दुकान से दो बैग सहित गायब हुई करोड़ों की नकदी
जानकारी के अनुसार, मथुरा के दरेसी रोड निवासी फलों के आढ़ती हाजी नसीम ने बुधवार दोपहर पुलिस को सूचना दी कि उनकी दुकान से करीब 1 करोड़ रुपये चोरी हो गए हैं।
उन्होंने पुलिस को बताया कि 31 जुलाई की रात वह अपनी आढ़त बंद करके चले गए थे। इसके अगले दिन यानी 1 अगस्त को वह किसी काम से हैदराबाद रवाना हो गए। जब बुधवार को वापस लौटकर दुकान पहुंचे तो उन्होंने देखा कि दुकान का जंगला टूटा हुआ था।
दुकान के भीतर रखे दो बैग, जिनमें नकदी रखी गई थी, वहां मौजूद नहीं थे। उनके अनुसार, रकम का एक हिस्सा टेबल पर रखे बैग में और दूसरा अलमारी में रखे बैग में था। दोनों बैग चोरी हो चुके थे।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दुकान का निरीक्षण किया।
फोरेंसिक टीम और अन्य पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। दुकान के अंदर और बाहर की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया गया तथा आसपास के लोगों से भी प्रारंभिक पूछताछ की गई।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास मौजूद संभावित प्रवेश और निकास मार्गों की भी जांच की।
डीसीपी बोले— चार टीमें कर रही हैं जांच
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले में चोरी की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच को तेज करने के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि—
- स्थानीय थाना पुलिस,
- एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप),
- सर्विलांस टीम,
- तथा अन्य जांच इकाइयों
को मामले की जांच में लगाया गया है।
पुलिस का उद्देश्य जल्द से जल्द चोरी की पूरी साजिश का खुलासा करना और आरोपियों तक पहुंचना है।
खेतों की तरफ से टूटा जंगला, कैमरों की पहुंच से बाहर था रास्ता
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दुकान का जंगला खेतों की ओर स्थित है और उसी हिस्से को तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खेतों की दिशा में काफी दूरी तक कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। यही वजह है कि उस दिशा से आने-जाने वाले संदिग्धों की गतिविधियां कैमरों में कैद नहीं हो सकीं।
इसी कारण जांच एजेंसियों को घटनास्थल से आगे की कड़ियां जोड़ने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है।
सीसीटीवी फुटेज से नहीं मिला कोई बड़ा सुराग
पुलिस ने मंडी परिसर और आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग को भी खंगाला।
हालांकि शुरुआती जांच में फुटेज से कोई ऐसा स्पष्ट सुराग सामने नहीं आया, जिससे सीधे आरोपियों की पहचान की जा सके।
जांच अधिकारी अब अन्य संभावित कैमरों, निजी प्रतिष्ठानों और आसपास के मार्गों की रिकॉर्डिंग का भी विश्लेषण कर रहे हैं।
10 कर्मचारियों से पूछताछ, फिर भी नहीं सुलझी गुत्थी
पुलिस का मानना है कि दुकान में इतनी बड़ी नकदी रखे जाने की जानकारी सीमित लोगों को ही रही होगी।
इसी आधार पर अब तक 10 कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है। उनसे नकदी रखने की जानकारी, दुकान की सुरक्षा व्यवस्था और हाल के दिनों की गतिविधियों के बारे में विस्तृत सवाल पूछे गए।
हालांकि पूछताछ के बावजूद अभी तक ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है, जिससे जांच निर्णायक दिशा में आगे बढ़ सके।
कुछ संदिग्ध हिरासत में, पुलिस कर रही पूछताछ
जांच के दौरान पुलिस ने कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि इनसे पूछताछ जारी है और उपलब्ध तकनीकी तथा अन्य साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस का फोकस— आखिर इतनी बड़ी रकम की जानकारी किसे थी?
जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह माना जा रहा है कि दुकान में करीब 1 करोड़ रुपये नकद होने की जानकारी किन-किन लोगों को थी।
पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या यह वारदात किसी बाहरी गिरोह ने की या फिर आरोपियों को पहले से दुकान की गतिविधियों और नकदी की जानकारी थी।
जांच अधिकारी कर्मचारियों, व्यापारिक संपर्कों और हाल के दिनों में दुकान पर आने-जाने वाले लोगों की जानकारी भी जुटा रहे हैं।
व्यापारिक वर्ग में बढ़ी चिंता
इतनी बड़ी नकदी चोरी की घटना के बाद मंडी के व्यापारियों में भी चिंता का माहौल है।
कई व्यापारियों का मानना है कि मंडी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत करने की आवश्यकता है। वहीं, सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की भी मांग की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों में बड़ी मात्रा में नकदी रखने की स्थिति में बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा और आधुनिक निगरानी प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

