मूसलाधार बारिश में भी नहीं डिगी खाकी की सेवा! Muzaffarnagar चरथावल में कांवड़ियों के लिए पुलिस बनी सहारा, पानी-फल और कोल्ड ड्रिंक बांटी
Muzaffarnagar चरथावल क्षेत्र में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ जनसेवा की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसने राहगीरों और स्थानीय लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। सोमवार को जब इलाके में मूसलाधार बारिश हो रही थी और सड़कों पर पानी भरने से आम जनजीवन प्रभावित था, उसी दौरान दधेड़ू चौकी पुलिस कांवड़ियों की सेवा में सड़क पर डटी रही।
चरथावल थाना प्रभारी सत्यनारायण दहिया के मार्गदर्शन में दधेड़ू चौकी प्रभारी पुष्पेंद्र कुमार और उनकी टीम पिछले करीब एक सप्ताह से चरथावल-मुजफ्फरनगर मार्ग पर कांवड़ियों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और सेवा में जुटी हुई है। बारिश ने परिस्थितियों को मुश्किल जरूर बनाया, लेकिन पुलिसकर्मियों के सेवा भाव में कोई कमी नहीं आई।
दधेड़ू चौकी प्रभारी पुष्पेंद्र कुमार के साथ कांस्टेबल अमित कुमार, कांस्टेबल सुशील कसाना और अन्य पुलिसकर्मी बारिश के बीच सड़क पर मौजूद रहे। पुलिस टीम ने लंबी दूरी तय कर आगे बढ़ रहे शिवभक्तों को रोका और उन्हें पीने का पानी, ताजे फल तथा कोल्ड ड्रिंक वितरित की।
बारिश में भीगे कपड़ों और लगातार पैदल चलने से थके कांवड़ियों के लिए यह छोटा सा सहयोग काफी राहत भरा साबित हुआ। कुछ क्षणों के लिए रास्ते में रुककर पानी पीना, फल खाना और आराम महसूस करना उनके लंबे सफर में मददगार रहा।
सुरक्षा ड्यूटी से आगे बढ़कर जनसेवा की मिसाल
कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की जिम्मेदारी केवल यातायात नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहती। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एक साथ सड़कों पर निकलने के कारण पुलिसकर्मियों को लगातार कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
चरथावल-मुजफ्फरनगर मार्ग पर भी पुलिसकर्मी पिछले कई दिनों से इसी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। लेकिन दधेड़ू चौकी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ सेवा कार्यों को भी अपनी ड्यूटी का हिस्सा बनाया।
बारिश के दौरान जब सड़क पर खड़े रहना और लगातार ड्यूटी करना खुद पुलिसकर्मियों के लिए कठिन था, उस समय भी उन्होंने कांवड़ियों के बीच पहुंचकर उनकी जरूरतों का ध्यान रखा।
बारिश बनी चुनौती, लेकिन पुलिसकर्मी सड़क पर डटे रहे
सोमवार को हुई तेज बारिश ने कांवड़ यात्रा के रास्ते को मुश्किल बना दिया। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी और सड़क पर पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के बीच कांवड़ियों के कपड़े और सामान भीग रहे थे। लंबे सफर के कारण थकान अलग थी। ऐसे समय में सड़क किनारे खड़ी पुलिस टीम ने श्रद्धालुओं को पानी और खाने-पीने की चीजें उपलब्ध कराईं।
पुलिसकर्मियों के लिए भी यह आसान ड्यूटी नहीं थी। लगातार बारिश में वर्दी पहनकर सड़क पर खड़े रहना, यातायात संभालना और कांवड़ियों की आवाजाही पर नजर रखना अपने आप में चुनौतीपूर्ण था।
इसके बावजूद टीम ने सेवा कार्य जारी रखा।
दधेड़ू चौकी प्रभारी पुष्पेंद्र कुमार की टीम ने संभाला मोर्चा
दधेड़ू चौकी प्रभारी पुष्पेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में सक्रिय बताई जा रही है। टीम की प्राथमिकता कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही और सड़क पर यातायात को सुचारु बनाए रखना है।
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त पैदल यात्रा करते हैं। कई श्रद्धालु लंबी दूरी तय करके मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पर वाहनों और कांवड़ियों की आवाजाही के बीच संतुलन बनाए रखना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
दधेड़ू चौकी की टीम लगातार इसी व्यवस्था में लगी हुई है।
कांवड़ियों को पानी, ताजे फल और कोल्ड ड्रिंक वितरित
बारिश के बीच पुलिस टीम ने पदयात्रियों को रोककर पीने का पानी उपलब्ध कराया। इसके साथ ताजे फल और कोल्ड ड्रिंक भी वितरित की गई।
लंबी दूरी से पैदल चलकर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पानी सबसे जरूरी चीजों में शामिल होता है। मौसम बारिश का हो या गर्मी का, लगातार पैदल चलने के दौरान शरीर को तरल पदार्थ की जरूरत होती है।
फल उपलब्ध कराने से भी यात्रियों को तत्काल ऊर्जा मिल सकती है। पुलिस टीम द्वारा सड़क पर ही यह सेवा उपलब्ध कराए जाने से कांवड़ियों को कुछ समय के लिए राहत मिली।
भीगे कपड़ों में पहुंचे शिवभक्तों को मिला राहत का पल
मूसलाधार बारिश के कारण कई कांवड़िए पूरी तरह भीग गए थे। यात्रा के दौरान लगातार चलते रहने के बाद जब उन्हें पुलिसकर्मियों ने पानी और फल दिए तो यह उनके लिए राहत का क्षण बना।
कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालु अक्सर कई किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हैं। रास्ते में छोटी-छोटी सहायता भी उनके सफर को आसान बना सकती है।
ऐसे में पुलिस द्वारा सेवा के लिए आगे आना श्रद्धालुओं के लिए केवल पानी या फल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी देता है कि रास्ते में प्रशासन और पुलिस उनकी सहायता के लिए मौजूद है।
खाकी का मानवीय चेहरा देखकर लोग हुए प्रभावित
पुलिस की वर्दी आम तौर पर सुरक्षा, कानून और अनुशासन से जुड़ी होती है। लेकिन जब वही पुलिसकर्मी जरूरत के समय राहगीरों और श्रद्धालुओं की सहायता करते दिखाई देते हैं तो उनकी भूमिका का मानवीय पक्ष भी सामने आता है।
चरथावल में दधेड़ू चौकी पुलिस की इसी पहल ने स्थानीय लोगों और राहगीरों का ध्यान आकर्षित किया। बारिश के बीच सड़क पर खड़े पुलिसकर्मियों को कांवड़ियों को पानी और फल बांटते देखकर लोगों ने उनकी सराहना की।
स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस व्यवहार को सकारात्मक पहल बताया।
कांवड़ियों ने पुलिसकर्मियों का जताया आभार
सेवा प्राप्त करने वाले कांवड़ियों ने पुलिसकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। श्रद्धालुओं का कहना था कि यात्रा के दौरान पुलिस का ऐसा सहयोग उन्हें आत्मीयता और सुरक्षा का एहसास कराता है।
कांवड़ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में पुलिस की मौजूदगी स्वाभाविक रूप से सुरक्षा से जुड़ी होती है। लेकिन जब सुरक्षा व्यवस्था के साथ पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं की जरूरतों को भी समझते हैं, तो इससे पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास मजबूत हो सकता है।
कांवड़ियों ने पुलिस के सेवाभावी व्यवहार को समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि मजबूत करने वाला बताया।
यातायात व्यवस्था संभालने के साथ सेवा भी
दधेड़ू चौकी पुलिस पिछले कई दिनों से केवल सेवा कार्य में ही नहीं, बल्कि यातायात व्यवस्था बनाए रखने में भी जुटी है।
चरथावल-मुजफ्फरनगर मार्ग पर कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ यातायात का दबाव भी बढ़ता है। पैदल यात्रियों, स्थानीय वाहनों और अन्य राहगीरों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बन जाता है।
ऐसे में पुलिसकर्मियों को एक साथ कई मोर्चों पर काम करना पड़ता है—सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, श्रद्धालुओं की सहायता और आकस्मिक परिस्थितियों से निपटना।
एक सप्ताह से लगातार ड्यूटी पर पुलिस टीम
जानकारी के अनुसार दधेड़ू चौकी प्रभारी पुष्पेंद्र कुमार और उनकी टीम करीब एक सप्ताह से कांवड़ यात्रा के दौरान क्षेत्र में लगातार सक्रिय है।
कांवड़ यात्रा के दौरान ड्यूटी कई बार सामान्य पुलिस ड्यूटी से अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है। लंबे समय तक सड़क पर मौजूद रहना, भीड़ के बीच व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देना पुलिसकर्मियों की दिनचर्या का हिस्सा बन जाता है।
इसके बावजूद टीम द्वारा सेवा गतिविधियां जारी रखना उनके अतिरिक्त प्रयास को दर्शाता है।
चरथावल-मुजफ्फरनगर मार्ग पर बढ़ती भीड़ के बीच सुरक्षा अहम
कांवड़ यात्रा के दौरान चरथावल-मुजफ्फरनगर मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। कई कांवड़िए पैदल यात्रा करते हुए इस मार्ग से गुजरते हैं।
पैदल श्रद्धालुओं और वाहनों की एक साथ आवाजाही में दुर्घटना की आशंका को कम करने के लिए यातायात प्रबंधन महत्वपूर्ण होता है। पुलिस को यह सुनिश्चित करना होता है कि कांवड़िए सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ें और वाहनों की आवाजाही भी पूरी तरह बाधित न हो।
दधेड़ू चौकी पुलिस इसी व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
बारिश ने बढ़ाई ड्यूटी की मुश्किलें
बारिश के कारण कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। सड़क पर पानी भरने, फिसलन बढ़ने और दृश्यता प्रभावित होने से वाहन और पैदल यात्रियों दोनों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।
ऐसे समय में पुलिस को केवल भीड़ प्रबंधन ही नहीं, बल्कि सड़क की स्थिति पर भी नजर रखनी पड़ती है। यदि कहीं जलभराव ज्यादा हो जाए तो श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
सोमवार की मूसलाधार बारिश के बावजूद दधेड़ू चौकी की टीम सड़क पर मौजूद रही और कांवड़ियों की सहायता करती रही।
सेवा के छोटे प्रयास का बड़ा असर
सड़क पर किसी थके हुए यात्री को पानी देना देखने में छोटा काम लग सकता है, लेकिन लंबी दूरी की पैदल यात्रा करने वाले व्यक्ति के लिए इसका महत्व काफी बड़ा होता है।
कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालु कई घंटों तक चलते हैं। गर्मी, बारिश, उमस और सड़क की परिस्थितियों के बीच लगातार चलना शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
ऐसे में रास्ते में मिलने वाला पानी, फल या कोई ठंडा पेय थोड़ी देर के लिए ऊर्जा और राहत प्रदान कर सकता है।
दधेड़ू चौकी पुलिस की पहल को इसी मानवीय दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।
पुलिस और श्रद्धालुओं के बीच विश्वास मजबूत करने की कोशिश
किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन की सफलता केवल भीड़ को नियंत्रित करने से तय नहीं होती। श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण, आवश्यक सहायता और सम्मानजनक व्यवहार मिलना भी महत्वपूर्ण है।
जब पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करते हैं, तो उनके बीच संवाद आसान होता है। इससे किसी समस्या या आपात स्थिति में श्रद्धालु भी पुलिस से सहायता मांगने में सहज महसूस कर सकते हैं।
चरथावल में पुलिस की सेवा गतिविधि को इसी दृष्टि से सकारात्मक माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने भी की पुलिस टीम की सराहना
दधेड़ू चौकी पुलिस द्वारा बारिश के दौरान कांवड़ियों की सेवा किए जाने की तस्वीर ने स्थानीय लोगों को भी प्रभावित किया। राहगीरों और क्षेत्र के लोगों ने पुलिसकर्मियों के प्रयास की प्रशंसा की।
आमतौर पर पुलिस की चर्चा कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था के संदर्भ में होती है। लेकिन जनसेवा से जुड़ी गतिविधियां पुलिस की भूमिका का दूसरा पक्ष सामने लाती हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार पुलिस का ऐसा व्यवहार समाज और पुलिस के बीच दूरी कम करने में मदद कर सकता है।
कांवड़ यात्रा में पुलिस की दोहरी जिम्मेदारी
कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की जिम्मेदारी दो स्तरों पर रहती है। पहला, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना। दूसरा, किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना।
भीड़ अधिक होने के कारण किसी श्रद्धालु के रास्ता भटकने, स्वास्थ्य खराब होने या किसी अन्य समस्या में फंसने की स्थिति बन सकती है। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी ऐसे समय में महत्वपूर्ण होती है।
चरथावल क्षेत्र में पुलिस टीम लगातार इसी जिम्मेदारी के तहत सक्रिय बताई जा रही है।
पुष्पेंद्र कुमार और टीम की सेवा भावना की चर्चा
दधेड़ू चौकी प्रभारी पुष्पेंद्र कुमार के नेतृत्व में कांस्टेबल अमित कुमार, कांस्टेबल सुशील कसाना और अन्य पुलिसकर्मी सेवा कार्य में जुटे रहे।
बारिश के दौरान सड़क पर खड़े होकर श्रद्धालुओं को आवश्यक चीजें उपलब्ध कराना टीम की सक्रियता को दर्शाता है। पुलिसकर्मियों ने खुद भी खराब मौसम का सामना करते हुए ड्यूटी जारी रखी।
ऐसे प्रयास पुलिस व्यवस्था के मानवीय पक्ष को जनता के सामने लाते हैं।
खाकी की छवि केवल सख्ती तक सीमित नहीं
पुलिस की वर्दी को अक्सर सख्ती और कानून लागू करने वाली भूमिका से जोड़ा जाता है। लेकिन किसी भी पुलिस व्यवस्था की सफलता में जनता के साथ उसका व्यवहार भी महत्वपूर्ण होता है।
जब पुलिसकर्मी किसी जरूरतमंद की सहायता करते हैं, बुजुर्ग की मदद करते हैं, दुर्घटना में फंसे व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाते हैं या धार्मिक यात्रा पर निकले लोगों को पानी उपलब्ध कराते हैं, तो इससे पुलिस की सार्वजनिक छवि में सकारात्मक बदलाव आता है।
चरथावल में दधेड़ू चौकी पुलिस का यह प्रयास भी इसी मानवीय पक्ष को सामने लाता है।
कांवड़ियों की यात्रा में बारिश बनी परीक्षा, पुलिस बनी सहारा
सोमवार की बारिश ने यात्रा कर रहे शिवभक्तों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी थीं। सड़क पर जलभराव और लगातार बरसते पानी के बीच यात्रा जारी रखना आसान नहीं था।
इसी दौरान पुलिसकर्मियों का सड़क पर मौजूद रहना और पानी तथा फल उपलब्ध कराना श्रद्धालुओं के लिए राहत का कारण बना।
बारिश चाहे जितनी तेज रही हो, सेवा का यह प्रयास जारी रहा।
सेवा के साथ सुरक्षा पर भी नजर
पुलिस टीम का उद्देश्य केवल खाने-पीने की चीजें वितरित करना नहीं था। पुलिसकर्मी लगातार यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रख रहे थे।
कांवड़ियों की बड़ी संख्या के कारण सड़क पर भीड़ बढ़ने की स्थिति में पुलिस को वाहनों की गति नियंत्रित करनी पड़ सकती है। जरूरत पड़ने पर यातायात को डायवर्ट या व्यवस्थित करना भी पुलिस की जिम्मेदारी होती है।
इस तरह सेवा और सुरक्षा दोनों गतिविधियां एक साथ चलती रहीं।
धार्मिक यात्राओं में पुलिस की मानवीय भूमिका महत्वपूर्ण
भारत में विभिन्न अवसरों पर बड़ी संख्या में धार्मिक यात्राएं और मेले आयोजित होते हैं। ऐसे आयोजनों में प्रशासन और पुलिस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
कांवड़ यात्रा जैसे बड़े आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। ऐसे में पुलिसकर्मियों का व्यवहार श्रद्धालुओं के अनुभव को प्रभावित कर सकता है।
यदि सुरक्षा के साथ सम्मान, सहयोग और सहायता मिले तो पुलिस और श्रद्धालुओं के बीच बेहतर तालमेल बनता है।
कांवड़ियों के लिए रास्ते में छोटी सहायता भी बड़ी राहत
कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि लंबे शारीरिक परिश्रम वाली यात्रा भी है। पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को रास्ते में विश्राम, पानी और भोजन जैसी मूलभूत जरूरतों की आवश्यकता होती है।
इसलिए विभिन्न स्थानों पर लगाए जाने वाले सेवा शिविर और पुलिस की ओर से की जाने वाली सहायता यात्रियों के लिए उपयोगी होती है।
चरथावल में पुलिस टीम ने भी इसी जरूरत को समझते हुए सड़क पर कांवड़ियों को पानी, फल और कोल्ड ड्रिंक उपलब्ध कराई।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस के समन्वय से आसान होती है यात्रा
कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं में पुलिस के साथ स्थानीय प्रशासन और नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहती है। सड़क व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, यातायात और सुरक्षा से जुड़े इंतजाम मिलकर यात्रा को सुगम बनाते हैं।
चरथावल क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता इसी व्यापक व्यवस्था का हिस्सा है।
सेवा की तस्वीर ने जीता लोगों का दिल
बारिश के बीच वर्दी में खड़े पुलिसकर्मी जब कांवड़ियों को पानी और फल बांटते दिखाई दिए तो यह दृश्य कई लोगों के लिए यादगार बन गया।
कांवड़ियों ने पुलिसकर्मियों की आत्मीयता के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि पुलिस का ऐसा चेहरा समाज में विश्वास बढ़ाने वाला है।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस टीम की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की ड्यूटी आसान नहीं
कांवड़ मेले के दौरान पुलिसकर्मियों को लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। कई बार मौसम खराब होता है, भीड़ अधिक होती है और लगातार सतर्क रहना पड़ता है।
बारिश में भीगने के बावजूद ड्यूटी करना शारीरिक रूप से कठिन हो सकता है। इसके बावजूद दधेड़ू चौकी टीम ने सेवा गतिविधि जारी रखी।
यह पहल पुलिस की नियमित जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर मानवीय सहयोग का उदाहरण बनकर सामने आई।
मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने की कोशिश
मुजफ्फरनगर कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों में शामिल है। बड़ी संख्या में शिवभक्त इस क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। इसलिए जिले के विभिन्न मार्गों पर पुलिस और प्रशासन की सक्रियता जरूरी होती है।
चरथावल-मुजफ्फरनगर मार्ग पर दधेड़ू चौकी पुलिस की तैनाती और सेवा गतिविधियां इसी व्यवस्था का हिस्सा हैं।
सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा पर ध्यान देने से यात्रा का अनुभव बेहतर बनाया जा सकता है।
खाकी ने दिया सेवा का संदेश
चरथावल में बारिश के बीच कांवड़ियों को पानी, फल और कोल्ड ड्रिंक उपलब्ध कराने वाली पुलिस टीम ने यह संदेश दिया कि पुलिस की भूमिका केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है।
जरूरत के समय जनता की सहायता करना भी पुलिस सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
दधेड़ू चौकी प्रभारी पुष्पेंद्र कुमार और उनकी टीम ने खराब मौसम में सड़क पर उतरकर इस भावना को व्यवहार में दिखाया।
कांवड़ियों ने कहा—ऐसे सहयोग से बढ़ता है भरोसा
कांवड़ियों ने पुलिसकर्मियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यात्रा के दौरान जब वर्दीधारी जवान खुद आगे बढ़कर मदद करते हैं तो इससे सुरक्षा के साथ अपनापन भी महसूस होता है।
पुलिस और जनता के बीच भरोसा केवल कानून व्यवस्था के समय नहीं बनता। ऐसे छोटे-छोटे मानवीय प्रयास भी उस भरोसे को मजबूत करते हैं।
चरथावल की इस घटना ने पुलिस की इसी सकारात्मक भूमिका को सामने रखा है।
आगे भी जारी रहेगी सुरक्षा और सेवा व्यवस्था
कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की ड्यूटी यात्रा समाप्त होने तक जारी रहती है। श्रद्धालुओं की संख्या, मौसम और यातायात की स्थिति के अनुसार व्यवस्था में बदलाव भी करना पड़ सकता है।
दधेड़ू चौकी पुलिस पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में सक्रिय है और कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही के साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखने में जुटी है।
बारिश जैसी परिस्थितियों में भी टीम की सक्रियता यह दिखाती है कि ड्यूटी केवल सामान्य मौसम तक सीमित नहीं रहती।

