Shamli से हापुड़ जा रहा 12 लाख का मीट मेरठ में लूटा! कैंटर रुकवाकर चालक को धमकाया, ठिकाने पर उतरवाया माल
News-Desk
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अपराध समाचार, कांधला रोड, कैराना, क्राइम न्यूज़, मीट फैक्ट्री, मीट लूट, मेरठ, मेरठ पुलिस, मोहम्मद तनवीर, शामली, शामली न्यूज, साजिद, हापुड़Shamli से हापुड़ के लिए मीट लेकर निकला एक कैंटर मेरठ पहुंचते ही कथित तौर पर दबंगों के निशाने पर आ गया। आरोप है कि रास्ते में कुछ लोगों ने गाड़ी को जबरन रुकवा लिया और चालक साजिद को डराने-धमकाने के बाद कैंटर को अपने बताए ठिकाने पर ले गए। वहां गाड़ी में लदा करीब 12 लाख रुपये की कीमत का मीट जबरन उतरवा लिया गया।
घटना के बाद चालक को कथित तौर पर धमकी दी गई कि यदि उसने इस बारे में किसी को बताया या शिकायत की तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। डरे-सहमे चालक ने वापस कैराना पहुंचकर फैक्ट्री मालिक मोहम्मद तनवीर को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
पुलिस ने फैक्ट्री मालिक की तहरीर पर चार नामजद और दो अज्ञात लोगों समेत छह आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैराना से हापुड़ के लिए रवाना हुआ था मीट से भरा कैंटर
मामला शामली जिले के कैराना से जुड़ा है। कांधला रोड स्थित मीम एग्रो फूड प्राइवेट लिमिटेड के मालिक मोहम्मद तनवीर, निवासी मोहल्ला अंसारियान, के अनुसार मंगलवार रात करीब एक बजे हापुड़ के लिए मीट से लदी एक बड़ी गाड़ी रवाना की गई थी।
इस कैंटर को साजिद, निवासी मोहल्ला आलकला, चला रहा था। गाड़ी में बड़ी मात्रा में मीट लदा था, जिसकी कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई है।
गाड़ी अपने निर्धारित रास्ते से हापुड़ की ओर जा रही थी। आरोप है कि मेरठ पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने रास्ते में कैंटर को रोक लिया। इसके बाद चालक को कथित तौर पर धमकाया गया और उसे अपनी मर्जी के मुताबिक गाड़ी ले जाने के लिए मजबूर किया गया।
मेरठ में बीच रास्ते में घेरकर रुकवाई गाड़ी
फैक्ट्री मालिक की तहरीर के अनुसार, मेरठ के बनी सराय निवासी अदनान, उसके भाई फरदीन और अलतमश, पिता आफाक तथा दो अन्य अज्ञात लोगों ने कैंटर को रास्ते में रोक लिया।
आरोप है कि आरोपियों ने चालक साजिद को डराया-धमकाया और इसके बाद उसे मेरठ के हापुड़ अड्डे स्थित अपने ठिकाने पर ले गए। वहां कैंटर में लदे मीट को कथित तौर पर जबरन उतरवा लिया गया।
शिकायत में मीट की कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई है। यानी आरोप के मुताबिक, एक कारोबारी की गाड़ी में हापुड़ भेजा जा रहा लाखों रुपये का माल रास्ते में ही उतरवा लिया गया।
घटना के दौरान चालक ने विरोध किया या नहीं, इस संबंध में शिकायत में अलग-अलग परिस्थितियों का विस्तृत उल्लेख नहीं है, लेकिन आरोप है कि उसे डराकर और धमकाकर पूरी कार्रवाई कराई गई।
“किसी को बताया तो जान से मार देंगे”, चालक को धमकी देने का आरोप
मीट उतरवाने के बाद आरोपियों ने चालक को कथित तौर पर धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, उसे कहा गया कि अगर उसने घटना के बारे में किसी से शिकायत की या मुंह खोला तो उसे जान से मार दिया जाएगा।
इस धमकी के कारण चालक काफी डर गया। वह किसी तरह वापस लौटा और फैक्ट्री मालिक को पूरी घटना के बारे में बताया।
इसके बाद मोहम्मद तनवीर ने पुलिस को तहरीर देकर पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चार नामजद समेत छह लोगों के खिलाफ FIR
पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री मालिक की तहरीर के आधार पर मामले में चार नामजद आरोपियों के अलावा दो अज्ञात लोगों को भी शामिल किया गया है।
नामजद आरोपियों में अदनान, फरदीन, अलतमश और आफाक के नाम बताए गए हैं। शिकायत के अनुसार, आफाक फरदीन और अलतमश के पिता हैं। इसके अलावा दो अन्य लोगों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित वारदात में कौन-कौन लोग शामिल थे और मीट को वास्तव में कहां ले जाकर उतारा गया। जांच में कैंटर की आवाजाही, चालक के बयान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी देखा जा सकता है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू
मामले के जांच अधिकारी उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार त्यागी ने बताया कि तहरीर के आधार पर नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अब पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि करीब 12 लाख रुपये मूल्य का कथित तौर पर जबरन उतरवाया गया मीट कहां ले जाया गया। इसके साथ ही पुलिस आरोपियों की भूमिका और घटना के दौरान मौजूद अन्य लोगों की पहचान भी जांच सकती है।
यदि पुलिस जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो मामले में आगे आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी की कार्रवाई भी हो सकती है। फिलहाल प्राथमिकी दर्ज होने के बाद विवेचना जारी है।
चालक के बयान से सामने आई पूरी घटना
इस मामले में चालक साजिद की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि वह घटना के समय कैंटर चला रहा था। फैक्ट्री मालिक को वापस लौटकर उसने जो जानकारी दी, उसी के आधार पर पुलिस को तहरीर दी गई।
शिकायत के अनुसार, साजिद ने बताया कि रास्ते में उसकी गाड़ी रोकी गई और उसे डराया-धमकाया गया। इसके बाद कैंटर को हापुड़ अड्डे की ओर ले जाकर मीट उतरवाया गया।
पुलिस जांच में चालक के बयान के साथ-साथ यह भी देखा जाएगा कि घटना के समय कैंटर किस स्थान पर था और वहां से किस दिशा में गया। इससे घटना की पूरी कड़ी को समझने में मदद मिल सकती है।
12 लाख रुपये के माल की वजह से मामला गंभीर
इस मामले में कथित तौर पर छीना गया माल कोई छोटी खेप नहीं थी। फैक्ट्री मालिक ने मीट की कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई है। ऐसे में कारोबारी के लिए आर्थिक नुकसान भी बड़ा बताया जा रहा है।
मीम एग्रो फूड प्राइवेट लिमिटेड से हापुड़ के लिए निकली गाड़ी का रास्ते में रुकना और कथित तौर पर पूरा माल उतरवा लिया जाना अब पुलिस जांच का मुख्य विषय है।
पुलिस यह भी जांच करेगी कि क्या आरोपी पहले से माल की आवाजाही के बारे में जानते थे या कैंटर को रास्ते में अचानक निशाना बनाया गया। हालांकि, इस संबंध में अभी पुलिस जांच पूरी नहीं हुई है, इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
कैराना से मेरठ और फिर हापुड़ तक जुड़ा मामला
इस घटना में तीन शहरों और अलग-अलग स्थानों का कनेक्शन सामने आता है। मीट की खेप कैराना से रवाना हुई थी और उसे हापुड़ पहुंचना था, लेकिन आरोप के मुताबिक मेरठ में कैंटर को रोककर माल उतरवा लिया गया।
कैराना की मीट फैक्ट्री से शुरू हुई यह यात्रा अपने गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही कथित रूप से रुक गई। अब पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि रास्ते में वास्तव में क्या हुआ और मीट की पूरी खेप कहां गई।
जांच अधिकारी के अनुसार, पुलिस मामले में कानूनी कार्रवाई कर रही है। आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
धमकी के आरोप ने बढ़ाई मामले की गंभीरता
इस मामले में केवल माल जबरन उतरवाने का आरोप ही नहीं है, बल्कि चालक को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने की बात भी शिकायत में कही गई है।
आरोप है कि वारदात के बाद चालक को चेतावनी दी गई कि वह किसी से इस घटना का जिक्र न करे। यही वजह बताई गई है कि चालक तत्काल पुलिस के पास नहीं गया और पहले वापस फैक्ट्री पहुंचकर मालिक को पूरी जानकारी दी।
अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चालक को किस तरह धमकाया गया और घटना के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे। साथ ही अज्ञात आरोपियों की पहचान भी जांच का हिस्सा होगी।
फिलहाल शामली से हापुड़ जा रहे करीब 12 लाख रुपये के मीट से भरे कैंटर को मेरठ में रोककर माल उतरवाने के आरोप ने इलाके में चर्चा बढ़ा दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब जांच के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि घटना में कौन-कौन शामिल था, माल कहां गया और आरोपों में कितनी सच्चाई है।

