Muzaffarnagar में विजयादशमी पर शिवसेना का शस्त्र पूजन, 50 महिलाओं को भेंट की कृपाण; आत्मरक्षा का दिया संदेश
Muzaffarnagar। विजयादशमी के अवसर पर शिवसेना की ओर से शहर में अलग-अलग स्थानों पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। कंबल वाली गली स्थित शिवसेना ओबीसी मोर्चा के कार्यालय में समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय करीब 50 महिलाओं को कृपाण भेंट की गई। आयोजकों ने इसे शक्ति, साहस और आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता का प्रतीक बताया। वहीं, प्रकाश चौक स्थित शिवसेना कार्यालय पर भी शस्त्र पूजन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।
कंबल वाली गली में करीब 50 महिलाओं को भेंट की गई कृपाण
शिवसेना ओबीसी मोर्चा के कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में मोर्चा अध्यक्ष मनोज सैनी ने कहा कि शस्त्र पूजन सनातन संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इतिहास में जब भी समाज को बुरी शक्तियों और अन्याय का सामना करना पड़ा, तब साहस और शक्ति के साथ उनका मुकाबला करने की आवश्यकता महसूस हुई। भगवान श्रीराम के जीवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए अधर्म के विरुद्ध संघर्ष किया गया था।
मनोज सैनी ने कहा कि धर्म और समाज की रक्षा के लिए साहस तथा आत्मविश्वास जरूरी हैं। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं से जुड़ी और समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय करीब 50 महिलाओं को कृपाण भेंट की गई। आयोजकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित करना था।
महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील
कार्यक्रम में नेहा गोयल ने कहा कि नारी शक्ति का स्वरूप है और महिलाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने महिलाओं से हर परिस्थिति में अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
गीता ठाकुर ने भी महिलाओं से आत्मरक्षा के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की एकजुटता और आत्मविश्वास समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी को मजबूत बनाते हैं। कार्यक्रम में महिला सुरक्षा, साहस और अन्याय का विरोध करने जैसे विषयों पर जोर दिया गया।
प्रकाश चौक स्थित कार्यालय पर भी हुआ शस्त्र पूजन
प्रकाश चौक स्थित शिवसेना कार्यालय पर आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में शिवसेना की जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी ने दशहरे के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि हर साल रावण के पुतले का दहन किया जाता है, लेकिन अहंकार, ईर्ष्या और नकारात्मक सोच जैसी बुराइयां आज भी समाज में मौजूद हैं।
पूनम चौधरी ने कहा कि दशहरे का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब लोग अपने भीतर मौजूद बुराइयों को दूर करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने महिलाओं से एकजुट होकर अपनी आवाज उठाने, अन्याय का विरोध करने और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।
‘अपने भीतर के अहंकार रूपी रावण का अंत करना जरूरी’
शिवसेना के जिलाध्यक्ष बिंदु सिखेड़ा ने कहा कि रावण विद्वान होने के बावजूद अहंकार और गलत सोच के कारण विनाश को प्राप्त हुआ। उनके अनुसार, केवल रावण का पुतला जलाने से समाज की सभी बुराइयां समाप्त नहीं होंगी। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर मौजूद अहंकार और नकारात्मकता को दूर करने की जरूरत है।
उन्होंने महिलाओं और बेटियों से दुर्गा का स्वरूप धारण कर अन्याय तथा बुराई के खिलाफ मजबूती से खड़े होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ मिलकर काम करना होगा।
महिला सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव पर दिया जोर
शहर में दोनों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से महिला सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, एकजुटता और धर्म-संस्कृति के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। पदाधिकारियों ने लोगों से आपसी सद्भाव बनाए रखने, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और जरूरतमंदों की सहायता करने की अपील की।
विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन के साथ-साथ साहस, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर भी विचार रखे गए। कंबल वाली गली में महिलाओं को कृपाण भेंट करने का कार्यक्रम महिला सुरक्षा और आत्मरक्षा के संदेश के साथ आयोजित किया गया, जबकि प्रकाश चौक पर वक्ताओं ने दशहरे को अपने भीतर की बुराइयों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा से जोड़ा।
मुजफ्फरनगर में विजयादशमी पर शिवसेना ने दो स्थानों पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किए। कंबल वाली गली स्थित कार्यालय में समाजसेवा से जुड़ी करीब 50 महिलाओं को कृपाण भेंट की गई। वहीं, प्रकाश चौक पर वक्ताओं ने अहंकार और नकारात्मक सोच जैसी बुराइयों को समाप्त करने तथा महिलाओं की सुरक्षा, आत्मविश्वास और सामाजिक सद्भाव को मजबूत बनाने का संदेश दिया।

