उत्तर प्रदेश

Agra में चौंकाने वाला आरोप: विवाहिता के बेडरूम-किचन में CCTV, देवर पर निगरानी और पति पर दहेज उत्पीड़न का केस

Agra CCTV privacy case ने एक बार फिर महिलाओं की निजता और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला दिया है। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से सामने आए इस मामले में एक विवाहिता ने अपने ही ससुराल के सदस्यों पर ऐसे आरोप लगाए हैं, जो न केवल कानून बल्कि सामाजिक मर्यादाओं को भी चुनौती देते हैं।


🔴 ट्रांस यमुना थाने पहुंची पीड़िता, लगाए गंभीर आरोप

मामला ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़िता ने पुलिस के सामने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसके देवर द्वारा लगातार उसकी निगरानी की जा रही थी। पीड़िता के अनुसार, देवर ने घर के बेडरूम और किचन जैसे अत्यंत निजी स्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए थे।

पीड़िता ने कहा कि इन कैमरों के जरिए उसके हर पल की रिकॉर्डिंग की जाती थी, जिससे वह मानसिक तनाव और भय के माहौल में जीने को मजबूर हो गई।


🔴 निजता भंग होने से टूट चुकी थी मानसिक स्थिति

विवाहिता का कहना है कि बेडरूम और किचन जैसे स्थानों में कैमरे लगे होने से उसकी निजता पूरी तरह खत्म हो चुकी थी। उसे हर समय यह डर सताता रहता था कि उसकी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जा रहा है।

Agra CCTV privacy case में यह आरोप बेहद गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि कानूनन किसी भी व्यक्ति की निजी जगह में इस तरह की निगरानी अपराध की श्रेणी में आती है।


🔴 दहेज उत्पीड़न के भी लगाए आरोप

पीड़िता ने केवल निजता भंग करने तक ही आरोप सीमित नहीं रखे। उसने पति और पूरे ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न का भी गंभीर आरोप लगाया है।

पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी 12 मार्च 2019 को कपिल देव के साथ हुई थी। विवाह के समय लगभग 15 लाख रुपये नकद, जेवर, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और एक बुलेट मोटरसाइकिल दी गई थी।


🔴 अतिरिक्त दहेज में कार और नकदी की मांग

शादी के कुछ समय बाद ही पति कपिल देव, सास-ससुर और देवर जीतू द्वारा अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी गई। पीड़िता का आरोप है कि उससे एक कार और दो लाख रुपये नकद की मांग की जाती रही।

जब उसने इस मांग का विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया गया।


🔴 विरोध करने पर मारपीट और घर से निकाला

पीड़िता ने बताया कि जब उसने सीसीटीवी कैमरों का विरोध किया और दहेज की मांग से इनकार किया, तो 12 दिसंबर 2025 को उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।

आरोप है कि इसके बाद उसे अपने दो मासूम बच्चों के साथ घर से बाहर निकाल दिया गया। पीड़िता ने कहा कि वह लंबे समय तक चुप रही, लेकिन अब हालात इतने खराब हो गए कि पुलिस की शरण लेना मजबूरी बन गया।


🔴 पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच शुरू

Trans Yamuna थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

Agra CCTV privacy case में सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी, रिकॉर्डिंग और दहेज उत्पीड़न से जुड़े तथ्यों की तकनीकी और कानूनी जांच की जा रही है।


🔴 महिला सुरक्षा और निजता पर गंभीर सवाल

यह मामला सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि तकनीक का दुरुपयोग किस तरह महिलाओं की निजता और सम्मान को ठेस पहुंचा सकता है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि निजी स्थानों में बिना सहमति कैमरे लगाना आईटी एक्ट और महिला सुरक्षा कानूनों के तहत गंभीर अपराध है।


आगरा से सामने आया यह मामला घरेलू हिंसा और निजता के उल्लंघन की भयावह तस्वीर पेश करता है। बेडरूम और किचन जैसे निजी स्थानों में सीसीटीवी लगाने का आरोप न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि सामाजिक मूल्यों पर भी गहरा आघात है। अब यह पुलिस और न्याय व्यवस्था की जिम्मेदारी है कि पीड़िता को सुरक्षा और न्याय मिले तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

 

News-Desk

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