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Muzaffarnagar में अवैध हथियारों के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़: भोपा पुलिस ने 10 तमंचों और 15 कारतूस के साथ तीन तस्करों को दबोचा

Muzaffarnagar Illegal Arms Racket के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना भोपा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 अवैध तमंचे (315 बोर) और 15 जिंदा कारतूस (315 बोर) बरामद किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री का धंधा करने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई चेन और इनके संपर्कों की गहन जांच कर रही है।


वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण तथा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, क्षेत्राधिकारी भोपा लक्ष्मण वर्मा एवं थाना प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में थाना भोपा पुलिस लगातार अपराधियों के विरुद्ध अभियान चला रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार जनपद में अवैध हथियारों की तस्करी रोकने और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए लगातार चेकिंग अभियान संचालित किए जा रहे हैं।


संदिग्ध स्कूटी को रोकने पर भागने लगे आरोपी

पुलिस के अनुसार थाना भोपा की टीम ककराला रजवाहे की पुलिया पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच कर रही थी। इसी दौरान एक स्कूटी पर सवार तीन युवक पुलिस को आते दिखाई दिए।

पुलिस टीम ने टॉर्च की रोशनी डालकर उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन स्कूटी सवार पुलिस को देखकर अचानक वाहन मोड़कर भागने लगे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उनका पीछा किया और आवश्यक बल प्रयोग के बाद तीनों आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया।

पुलिस का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो आरोपी हथियारों की खेप लेकर फरार हो सकते थे।


स्कूटी की डिग्गी से मिले सात और तमंचे

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों की तलाशी ली। प्रत्येक आरोपी के पास से एक-एक अवैध तमंचा और एक-एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।

इसके बाद स्कूटी की डिग्गी की तलाशी लेने पर पुलिस को सात अतिरिक्त अवैध तमंचे और 12 जिंदा कारतूस मिले। इस प्रकार कुल 10 अवैध तमंचे और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

पुलिस ने बरामद हथियारों और कारतूसों को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।


मेरठ के रहने वाले हैं तीनों आरोपी

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी मेरठ जनपद के निवासी बताए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई—

  • रोहित, पुत्र राजेंद्र, निवासी ग्राम पबला, थाना इंचौली, जनपद मेरठ।
  • निखिल मलिक, पुत्र रामबीर, निवासी ग्राम नगला शेखू, थाना इंचौली, जनपद मेरठ।
  • विकास भाटी, पुत्र प्रदीप भाटी, निवासी ग्राम कुंडा, थाना फलावदा, जनपद मेरठ।

पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे पहले भी किसी संगठित अपराध या हथियार तस्करी के मामलों में शामिल रहे हैं या नहीं।


पूछताछ में कबूला हथियारों की खरीद-बिक्री का कारोबार

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त का काम करते हैं। उनके अनुसार वे एक अवैध तमंचा लगभग 5,000 से 5,500 रुपये में खरीदते थे और बाद में उसे करीब 7,000 रुपये में बेच देते थे, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा होता था।

आरोपियों ने यह भी बताया कि जिस समय पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया, उस समय वे 10 तमंचे और 15 जिंदा कारतूस किसी अज्ञात ग्राहक को बेचने के लिए जा रहे थे।

हालांकि पुलिस अभी इन दावों का सत्यापन कर रही है और खरीदार की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।


पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब जांच केवल तीन आरोपियों तक सीमित नहीं रहेगी। पूरे नेटवर्क की फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकिंग की जांच की जा रही है।

जांच में यह पता लगाया जाएगा कि—

  • अवैध हथियार किस व्यक्ति या गिरोह से खरीदे गए।
  • हथियारों की सप्लाई कहां से होती थी।
  • किन-किन लोगों को पहले हथियार बेचे गए।
  • क्या इस गिरोह का संबंध किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से है।
  • इन हथियारों का उपयोग किन अपराधों में किया जाना था।

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।


अवैध हथियारों पर लगातार कार्रवाई कर रही पुलिस

जनपद पुलिस पिछले कुछ समय से अवैध हथियारों की तस्करी और अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे गिरोहों पर कार्रवाई से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध हथियार अक्सर लूट, हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों में इस्तेमाल किए जाते हैं। इसलिए ऐसे नेटवर्क को समय रहते समाप्त करना कानून-व्यवस्था की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।


कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम

इस सफल कार्रवाई में थाना भोपा पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्रवाई में वरिष्ठ उपनिरीक्षक रेशमपाल सिंह, उपनिरीक्षक पिंटू चौधरी, हेड कांस्टेबल आदित्य चौधरी, विनय कुमार, कांस्टेबल प्रवीन कुमार, प्रमोद कुमार, अनुपम यादव तथा दलेल यादव शामिल रहे।

पुलिस अधिकारियों ने टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार अभियान जारी रहेगा।

भोपा पुलिस द्वारा अवैध हथियारों की बड़ी खेप बरामद किए जाने के बाद जांच अब पूरे तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने पर केंद्रित है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद हथियार कहां से लाए गए थे, किन लोगों तक उनकी आपूर्ति की जानी थी और इस गिरोह के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले प्रत्येक तथ्य के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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