Bulandshahr News: दरिंदे को जुवेनाइल बता लाभ लेने की नाकाम रही कोशिश, आजीवन कारावास की सजा मुकर्रर
Bulandshahr News: स्पेशल पॉक्सो कोर्ट बुलंदशहर की न्यायाधीश डॉ पल्लवी अग्रवाल ने महज 9 महीने में मासूम बच्ची के साथ एनल सेक्स करने के आरोपी को आजीवन कारावास व 50000 रुपये के अर्थदंड की सजा मुकर्रर की है।
अपर सत्र न्यायालय स्पेशल पॉक्सो कोर्ट बुलंदशहर के विशेष लोक अभियोजक भरत शर्मा व महेश राघव ने बताया कि 5 माह पूर्व खुर्जा देहात थाना क्षेत्र में एक युवक ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसकी 9 माह की बच्ची को 19 साल का एक युवक यह कहकर घर से ले गया कि वह उसे उसकी दादी के पास ले जा रहा है।
कुछ देर बाद रोती बिलखती बच्ची को खाट पर लिटा छोड़कर युवक चला गया, जब बच्ची को रोते हुए उसकी मां ने देखा तो उसके गुप्तांगों से रक्त स्त्राव हो रहा था। आनन-फानन में चिकित्सक को दिखाया तो पता चले कि बच्ची के साथ दरिंदगी की गई है। पीड़िता को जिला अस्पताल और उसके बाद मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बुलंदशहर के एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने राजा पुत्र वकील निवासी खुर्जा देहात कोतवाली क्षेत्र के खिलाफ कई धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज किया। मामले में आरोप पत्र न्यायालय के समक्ष दाखिल कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और कोर्ट में मुकदमे की त्वरित व सशक्त पैरवी की गई।
अपर सत्र न्यायालय स्पेशल पास को कोर्ट बुलंदशहर के विशेष लोक अभियोजक भरत शर्मा ने बताया कि न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष की तरफ से 7 गवाह पेश किए गए एक गवा डिफेंस में पेश किया गया जिसकी बात न्यायालय ने अस्वीकार कर दी, क्योंकि डिफेंस का गवाह आरोपी को मौके पर ने होने का दावा कर रहा था। मगर उसके पास प्रमाण नहीं था, जबकि अन्य सभी गवाहों ने घटनास्थल पर आरोपी के होने की बात कही थी।
विशेष लोक अभियोजक भरत शर्मा ने बताया कि 19 साल के दरिंदे राजा को बचाने के लिए डिफेंस ने भरसक प्रयास किए, डिफेंस की तरफ से राजा को नाबालिग भी घोषित कराए जाने की नाकाम कोशिश की गई थी, न्यायालय के समक्ष उसके जुवेनाइल होने का दावा किया गया था, मगर झूठा निकला और न्यायालय ने राजा को वयस्क माना।
पीड़ित बच्ची के पिता ने बताया कि परिजनों को नहीं पता था कि 19 साल के युवक के जहन में 9 माह की बच्ची के साथ दरिंदगी की दास्तां लिखी थी। युवक ने 9 माह की बच्ची के साथ एनल सेक्स किया, जिंदगी और मौत के बीच काफी दिन तक बच्ची झूलती रही और जिंदगी के लिए संघर्ष करती रही।
आज कुछ देर पहले अपर सत्र न्यायालय स्पेशल पॉक्सो कोर्ट बुलंदशहरकी न्यायाधीश डॉ पल्लवी अग्रवालने महज 5 महीने में दरिंदे को सजा मुकर्रर करने का जैसे ही फैसला सुनाया तो सजा मुकर्रर होने के बाद परिवार ने न्यायालय के प्रति आस्था जताई और कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वह 5 माह में न्यायालय दरिंदे को सजा मुकर्रर कर देगा, कम समय में फैसला सुनाए जाने से पीड़ित परिवार का न्यायालय के प्रति भरोसा और बढ़ा है।

