Canada Job Scam Sex Case: फर्जी रिक्रूटर बनकर लड़कियों का यौन शोषण, ब्रैम्पटन से तेजिंदर धालीवाल गिरफ्तार, जमानत पर छूटा तो भड़की कम्युनिटी
Canada job scam sexual exploitation का यह मामला प्रवासी समुदायों की सुरक्षा और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते जॉब फ्रॉड के खतरों को लेकर गंभीर चेतावनी बनकर सामने आया है। कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में पुलिस ने एक 47 वर्षीय पंजाबी व्यक्ति तेजिंदर धालीवाल को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि वह फर्जी कंपनी मालिक और रिक्रूटर बनकर युवतियों को नौकरी का लालच देता था और फिर सुनसान जगहों पर ले जाकर उनका यौन शोषण करता था। पुलिस का कहना है कि यह मामला तब उजागर हुआ, जब दो पीड़ित लड़कियां सामने आईं और उन्होंने अपनी आपबीती दर्ज कराई।
🔴 ऑनलाइन जॉब विज्ञापन से शुरू हुआ अपराध का जाल
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी लोकप्रिय क्लासिफाइड पोर्टल Kijiji जैसे प्लेटफॉर्म पर “इजी जॉब” के नाम से विज्ञापन पोस्ट करता था। इन विज्ञापनों में खासतौर पर केवल लड़कियों की मांग की जाती थी, जिससे युवतियों को यह लगता था कि उन्हें बिना ज्यादा अनुभव के आसानी से नौकरी मिल सकती है।
जैसे ही कोई लड़की संपर्क करती, आरोपी खुद को कंपनी का मालिक या अधिकृत रिक्रूटर बताता और इंटरव्यू के बहाने मिलने के लिए बुलाता था। पुलिस के मुताबिक, मिलने की जगह अक्सर सुनसान या कम भीड़-भाड़ वाले इलाके चुने जाते थे।
🔴 पीड़ितों की आपबीती से खुला मामला
मामले में सामने आई दो लड़कियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें नौकरी के बहाने बुलाया गया और फिर जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की गई। एक पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि तेजिंदर ने साफ तौर पर कहा था कि नौकरी पाने के बदले उसे उसके साथ संबंध बनाने होंगे।
इन बयानों के बाद पुलिस ने जांच तेज की और अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश शुरू की। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने एक से अधिक लड़कियों को अपना शिकार बनाया हो सकता है।
🔴 26 जनवरी को गिरफ्तारी, तस्वीर जारी कर मांगी मदद
लंबी जांच और सुराग जुटाने के बाद ब्रैम्पटन पुलिस ने 26 जनवरी 2026 को तेजिंदर धालीवाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी तस्वीर भी सार्वजनिक की, ताकि यदि कोई और लड़की उसके झांसे में आई हो, तो सामने आकर जानकारी दे सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ यौन शोषण, धोखाधड़ी और नौकरी के बदले यौन सेवा की मांग जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
🔴 24 घंटे में जमानत, कम्युनिटी में उबाल
गिरफ्तारी के महज 24 घंटे के भीतर, 27 जनवरी को कोर्ट में सुनवाई के बाद तेजिंदर धालीवाल को जमानत मिल गई। इस फैसले के बाद कनाडा की स्थानीय और प्रवासी कम्युनिटी में नाराजगी और गुस्सा देखने को मिला।
लोगों का कहना है कि यौन शोषण जैसे गंभीर अपराधों में इतनी जल्दी जमानत मिलना पीड़ितों के लिए निराशाजनक है और इससे गलत संदेश जाता है।
🔴 प्रवासी समुदाय की चिंता और मांगें
कई सामुदायिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सरकार और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभाग ऐसे मामलों में सख्त नियम लागू करें, खासकर जब पीड़ित प्रवासी या नए आए छात्र हों।
उनका कहना है कि नए प्रवासी और अंतरराष्ट्रीय छात्र नौकरी की तलाश में अक्सर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निर्भर होते हैं, जिससे वे ऐसे जालसाजों के आसान शिकार बन जाते हैं।
🔴 पुलिस की चेतावनी: ऑनलाइन जॉब ऑफर्स में सतर्कता जरूरी
पुलिस ने जनता को चेतावनी दी है कि वे किसी भी ऑनलाइन जॉब ऑफर पर भरोसा करने से पहले कंपनी की वैधता जांचें। खासतौर पर, अगर इंटरव्यू के लिए किसी सुनसान या निजी स्थान पर बुलाया जाए, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।
पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर शिकायत करने से न केवल खुद की सुरक्षा होती है, बल्कि अन्य संभावित पीड़ितों को भी बचाया जा सकता है।
🔴 हॉल्टन पुलिस की भूमिका और जांच का विस्तार
इस मामले में हॉल्टन पुलिस ने भी सहयोग किया है। अधिकारियों का कहना है कि वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या आरोपी का नेटवर्क किसी बड़े गिरोह से जुड़ा हुआ था या वह अकेले ही यह सब कर रहा था।
जांच एजेंसियां आरोपी के डिजिटल रिकॉर्ड, फोन डेटा और ऑनलाइन गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।
🔴 कानून और सामाजिक बहस
Canada job scam sexual exploitation केस ने एक बार फिर कनाडा के यौन शोषण कानूनों और जमानत प्रक्रिया पर बहस छेड़ दी है। कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालतें आरोपी को दोषी ठहराए जाने से पहले निर्दोष मानने के सिद्धांत पर काम करती हैं, लेकिन समाज का एक बड़ा वर्ग यह सवाल उठा रहा है कि पीड़ितों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति का भी उतना ही ध्यान रखा जाना चाहिए।
🔴 आगे क्या?
पुलिस अब अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश में है और आरोपी के खिलाफ सबूत मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। यदि और शिकायतें सामने आती हैं, तो मामले में नई धाराएं जुड़ सकती हैं और कानूनी कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।
प्रशासन और सामुदायिक संगठन मिलकर जागरूकता अभियान चलाने की भी योजना बना रहे हैं, ताकि नौकरी के नाम पर होने वाले ऐसे अपराधों से लोगों को बचाया जा सके।

