सुशील कुमार: जेल प्रबंधन को पत्र लिखकर एक टीवी उपलब्ध कराने का आग्रह
सागर धनखड़ की हत्या के आरोप में तिहार जेल में बंद ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार ने एक्स्ट्रा प्रोटीन वाली डाइट के बाद अब अपने सेल में टीवी की मांग की है। जेल अधिकारियों ने बताया कि उसने जेल प्रबंधन को पत्र लिखकर एक टीवी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुशील ने बताया है कि जेल में अकेले रहते हुए उनका मन नहीं लग रहा है। ऐसे में अगर उन्हें टीवी मिल जाता है, तो उनका मन भी लगना शुरू हो जाएगा। दूसरा, वह देश और दुनिया में समय-समय पर होने वाली कुश्ती और अन्य तरह के मैच भी देख सकेंगे।
सुशील की यह मांग तिहाड़ जेल हेडक्वॉर्टर के अधीन पहुंच गई है। आने वाले दिनों में अगर जेल प्रशासन को उनकी जरूरत और सुरक्षा के लिहाज से लगा कि उन्हें टीवी की सुविधा दे देनी चाहिए, तो संभव है कि उन्हें टीवी दे दिया जाएगा।
उनकी इस मांग पर यूजर्स ने अपनी प्रतिकृया दी हैं। एक यूजर ने लिखा “हत्या करने के बाद भी इनके शौक कम नहीं हो रहे हैं। हथियारे हो कैंप पर नहीं आए हो।” एक यूजर ने लिखा “हत्या करने के बाद ओलंपिक में जाने की सोच रहा है।” सुनील नाम के एक यूजर ने लिखा “टोक्यो ही भेज दो हथकड़ी पहना के।”
कुछ समय पहले सुशील ने कहा था कि जेल के खाने से उनका पेट नहीं भर रहा है और न ही शरीर की जरूरत पूरी हो पा रही है। इसलिए उन्हें प्रोटिन युक्त अतिरिक्त भोजन दिया जाए। अदालत ने उनकी इस याचिका को खारिज कर दिया था। रोहिणी कोर्ट के चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सतवीर सिंह लांबा ने कहा था कि सुशील को जेल में आवश्यक खाना मुहैया कराया जा रहा है। विशेष आहार एवं सप्लीमेंट उसकी चाह है, यह कोई जरूरी नहीं है।
बता दें कि मंडोली जेल नंबर-15 से उन्हें कुछ दिन पहले ही तिहाड़ की जेल नंबर-2 में शिफ्ट किया गया है। यहां भी उन्हें अलग सेल में रखा गया है। जिसमें वह अकेले हैं। वैसे, सेल में 3 या इससे भी अधिक कैदियों को रखा जा सकता है, लेकिन उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें अकेले ही सेल में रखा गया है।
सुशील कुमार पर छत्रसाल स्टेडियम में पहलवान सागर की हत्या का आरोप हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक वे 4-5 मई की रात दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में अपने कुछ साथियों के साथ पहुंचे थे। यहां उन्होंने पहलवान के साथ मारपीट की। इस मारपीट में सागर धनखड़ बुरी तरह जख्मी हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। पिटाई करने के बाद अगले दिन से ही सुशील कुमार फरार चल रहे थे।
