सीबीआई-देशभर में 150 स्थानों पर छापा मारा
सीबीआई ने देशभर में एक विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत 150 स्थानों पर संयुक्त औचक निरीक्षण किए गए गए। इस अभियान में संदिग्ध भ्रष्टाचार के विभिन्न स्थानों पर जांच की गई।
सीबीआई का यह विशेष अभियान मुख्य रूप से ऐसी जगहों पर आयोजित किया गहां जहां आम नागरिक या छोटे व्यवसायी सरकारी मशीनरी में व्याप्त भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा मार झेलते हैं। सीबीआई की यह कार्यवाही प्रधानमंत्री मोदी की जीवनयापन को आसान बनाने की पहल पर आधारित है।
Special drive conducted primarily at such points where common citizens or small businessmen feel maximum pinch of corruption in government machinery. The exercise is based on ‘PM Modi’s initiative of ease of living’ https://t.co/sL7v9ViYQV
— ANI (@ANI) August 30, 2019
चिदंबरम को 2 सितंबर तक सीबीआई रिमांड पर
आईएनएक्स मीडिया केस में कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी हुई जिसने उनकी हिरासत अवधि तीन दिन के लिए बढ़ा दीई। वह दो सितंबर तक सीबीआई की हिरासत में रहेंगे। सीबीआई ने इस मामले में अदालत से हिरासत अवधि पांच दिन के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया था। विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ ने हिरासत अवधि बढ़ाने का आदेश पारित किया। चिदंबरम को उनकी चार दिनों की सीबीआई हिरासत समाप्त होने के बाद विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ के समक्ष पेश किया गया।
Delhi: Congress leader P Chidambaram being taken to Rouse Avenue Court for hearing in INX media case. pic.twitter.com/gkKhpfASH4
— ANI (@ANI) August 30, 2019
चिदंबरम (73) को 21 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और अगले दिन उन्हें अदालत में पेश किया गया था। उसके बाद से वह सीबीआई हिरासत में हैं। 21 अगस्त की रात चिदंबरम को गिरफ्तार किए जाने के बाद उनसे आठ दिन हिरासत में पूछताछ की जा चुकी है।एक अप्रत्याशित आवेदन में पी चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया मामले में सुप्रीम कोर्ट से 2 सितंबर तक सीबीआई हिरासत में ही रखने का आग्रह किया था। दरअसल चिदंबरम की सीबीआई रिमांड की अवधि आज खत्म होने रही है। लिहाजा उन्हें फिर से निचली अदालत में पेश किया गया।

चिदंबरम ने कहा था कि जब तक सुप्रीम कोर्ट सीबीआई रिमांड पर भेजने के आदेश के खिलाफ उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं कर लेता तब तक वह कस्टडी में ही रहना चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि कहा था कि वह अपनी बात निचली अदालत में ही रखें। उल्लेखनीय है कि सीबीआई रिमांड पर भेजने के निचली अदालत के फैसले के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होनी है।
