गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की सीबीआई जांच सीतापुर पहुंची, दस्तावेजों की तलाशी
लखनऊ में बने गोमती रिवरफ्रंट (Gomti River Front) घोटाले की जांच की चिंगारी सीतापुर भी पहुंची है। सीबीआई (CBI) की जांच में सुपरटेंडेंट इजीनियर सिंचाई रिटायर्ड सुरेंद्र कुमार पाल (Surendra Kumar Pal ) का नाम आने के बाद सीबीआई सीतापुर में कई दस्तावेज खंगाल रही है।
जानकारी के मुताबित सुरेंद्र पाल लखनऊ में रहते हैं। गोमती रिवर फ्रंट के घोटाले में नाम आने के बाद सीबीआई के 40 ठिकानों पर रेड मामले के बाद सिंचाई के अधिकारियों के हाथ पाव फूल गए हैं। जिसके बाद सिंचाई विभाग के अफसर सीबीआई को लेकर डरे हुए नजर आ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में गोमती नदी के किनारे सपा की अखिलेश यादव सरकार ने नदी के किनारे का सुदंरीकऱण करवा था। सपा सरकार ने गोमती रिवर फ्रंट साल 2014 से 2016 के बीच बनवाया था। जानकारी के मुताबित सपा सरकार में साल 2014 से वर्ष 2016 के बीच सीतापुर में तैनाती के दौरान सुपरिटेंडेंट इंजीनियर सिंचाई विभाग सुरेंद्र कुमार पाल पर बेनामी संपत्ति और रिवरफ्रंट घोटाले में शामिल होने का आरोप है।
जिसके बाद सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। सीबीआई की इस जांच को लेकर सीतापुर के अफसरों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
सीबीआई रिवर फ्रंट घोटाले मे शामिल सीतापुर में तैनात रहे इंजीनियर सुरेंद्र कुमार पाल की गिरफ्तारी कर सकती है। जानकारी के मुताबित सिंचाई विभाग से यह बड़ा घोटाला सामने आने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों के हाथ पाव फुले हुए हैं।
हालांकि इस घोटाले में शामिल सभी अफसर सीबीआई के निशाने पर हैं.सीबीआई ने सीतापुर से कुछ अहम दस्तावेज भी कलेक्ट किए हैं।
