सिविल बार एसोसिएशन ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
मुजफ्फरनगर। सिविल बार एसोसिएशन ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को सम्बोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौपा। सिविल बार एसो. के तत्वाधान मे कचहरी स्थित डीएम कार्यालय पहुंचे अधिवक्ताओ ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेते गए ज्ञापन मे अवगत कराया कि बार काउसिंल ऑफ उत्तर प्रदेश की आपात/सामान्य बैठक दिनांक 11/12 जनवरी 2020 मे गम्भीर विचार विमर्श किया गया।
जिसमे बताया गया कि बार काउसिंल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को कई बार मुलाकात के लिए पत्र लिखा गया। लेकिन मुख्यमंत्री के यहा से अभी कोेेई उत्तर नही मिल सका है। इसके अतिरिक्त उच्च न्यायालय इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश ने प्रदेश सरकार एवं प्रशासनिक अधिकारियो को न्यायालय परिसर की सुरक्षा हेतु निर्देशित किया था। उसके बाद न्यायमुर्ति सुधीर अगवाल तथा न्यायमुर्ति सुनीत कुमार की खण्डपीठ द्वारा न्यायालय परिसर की सुरक्षा हेतु आदेश पारित किए गए।
बार काउसिंल ऑफ उत्तर प्रदेश की मांगो के अनुक्रम मे सिविल बार एसो.द्वारा सरकार से निम्न मांगे अपेक्षित हैं। जिनमे लखनउ के शिशिर त्रिपाठी की तथा इलाहाबाद के अधिवक्ता समाउल्ला खां के हत्यारोपियो की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए तथा उनके आश्रितो को यथाशीघ्र 50 लाख रूपये की सहायता की मांग की।
70 वर्ष तक मृतक अधिवक्ताओ के आश्रितों को 5 लाख रूपये तक का जो भुगतान उत्तर प्रदेश सरकार अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति द्वारा किया जाना है, के सम्बन्ध मे कम से कम 500 करोड का कार्पस फण्ड तुरन्त जारी किया जाए।
जिससे की उनके भुगतान मे व्यवधान ना हो और निरन्तरता बनी रहे। फण्ड न होने के कारण अध्िवक्ताओं की विधवायें एव आश्रित जिले की बार एसो.एवं बार काउसिंल कार्यालय के शासन द्वारा पारिक अनुदान पाने के लिए चक्कर लगाते रहते हैं। ं
एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को बनाकर लागू कराया जाये। जिससे की अधिवक्ताओ की सुरक्षा हो सके। ज्ञापन सौपने वालो मे सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश चन्द गुप्ता,महासचिव सतेन्द्र कुमार,सुभाष चन्द भारद्वाज एड., बिजेन्द्र मलिक एड.,श्यामा चरण पंवार एड., आदेश कुमार एड., अमित वर्मा एड.,राजीव गोस्वामी एड.,महबूब आलम एड. आदि अधिवक्तागण मौजूद रहे।
