जिलाधिकारी का जल संरक्षण की शिथिलता पर कडा रूख
जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे0 ने कलैक्ट्रेट सभागार मे आज सांय जल शक्ति अभियान के सम्बन्ध मे अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए निर्देश दिये कि अपने कार्य के प्रति सचेत हो जाये। उन्होने कहा कि किसी भी स्तर पर जनपद की रैंकिग अगर विभागो की शिथिलता से कम होती है तो सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उसका परिणाम भुगतने को तैयार रहे।
उन्होने कहा कि जल सचंयन जैसे कार्य को हल्के में न ले। जो निर्देश दिये जा रहे है उनका शतप्रतिशत अनुपालन सुनिश्चत कराया जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि पानी की संचयन बहुत जरूरी है क्योकि पीने केा पानी बहुत कम हो रहा है। गिरते भू जल स्तर को ऊपर लाने के लिए हम सबको संयुक्त प्रयास करने होगे। तभी हम आने वाली पीढी को पीने का पानी सुलभ करा पायेगे। उन्होने कहा कि स्थिति बहुत गम्भीर है सबको मिलकर प्रयास करने होगे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों की गाडियों की चाबी रख कहा डाटा फीड होने के उपरान्त ही जायेगे घर
पानी जैसी धरोहर को हमें भविष्य के लिए संचय करना होगा ————–जिलाधिकारी
सभी सरकारी विभागों व सभी ग्रामों में लगेगा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम——जिलाधिकारी
जिलाधिकारी की समीक्षा के दौरान तथ्य सामने आये कि जनपद के विभिन्न विभागो जो कि जल संरक्षण अभियान से जुडे है उनसे सम्बन्धित कार्यो की फीडिंग न होने के कारण जनपद की रैंिकग पर असर पड रहा है। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारी ने डाटा फीडिग न होने का कारण पूछा तो सम्बन्धित अधिकारी संतोषजनक जबाव नही दे पाये जिस पर जिलाधिकारी ने कडी फटकार लगाते हुए आज रात में ही कलैक्ट्रेट मे बैठ अपने विभाग से सम्बन्धित फीडिंग कराने के निर्देश दिये साथ ही सम्बन्धित अधिकारियों की गाडी की चाबी भी रखवा ली और कहा कि आज ही डाटा फीडिग कराकर घर जायेगे। उनहोने कहा कि जल संरक्षण अभियान 22 जून से शुरू हुआ है यह अधिकारियेां की शिथिलता है जो अभी तक डाटा फीड नही हो पाया है। उन्होने मुख्य विकास अधिकारी अर्चना वर्मा को निर्देश दिये कि डाटा फीड किये बना सम्बन्धित अधिकारी कलैक्टेªेट नही छोडेगा। उन्होंने कहा कि जिला मुजफफरनगर में बुढाना, बघरा व चरथावल ब्लाक डार्क जोन पहुंच चुके है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि सभी सरकारी कार्यालयों व सभी ग्राम पंचायतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया जाये। उन्होने कहा कि गांव के विकास के लिए देश के मा0 प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री जी प्रतिबद्ध है। गांव में भू-जल स्तर में सुधार एवं निकट भविष्य में जलापूर्ति, भूजल स्तर को ऊपर उठाने एवं वर्षा जल संचयन के यह कार्य आवश्यक है।
इस अवसर पर मुख्य विकस अधिकारी अर्चना वर्मा, एमडीए सचिव महेन्द्र प्रसाद, डीएफओ सूरज सहित सभी सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।
