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एपस्टीन फाइल्स से ब्रिटेन की राजनीति में भूचाल: Keir Starmer सरकार संकट में, चीफ ऑफ स्टाफ का इस्तीफा, वेस्टमिंस्टर से वॉशिंगटन तक हलचल

Epstein files UK politics से जुड़ा विवाद अब केवल फाइलों या आरोपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने ब्रिटेन की सत्ता के केंद्र डाउनिंग स्ट्रीट को सीधे हिला दिया है। प्रधानमंत्री Keir Starmer की सरकार उस समय गंभीर संकट में घिर गई, जब उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगी और रणनीतिकार माने जाने वाले मॉर्गन मैकस्वीनी को पद छोड़ना पड़ा। इस इस्तीफे ने न केवल लेबर पार्टी के भीतर उथल-पुथल मचा दी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ब्रिटेन की राजनीतिक साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


🔴 एपस्टीन फाइल्स और नियुक्ति विवाद की जड़

पूरा विवाद उस नियुक्ति से जुड़ा है, जिसमें पीटर मंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाया गया था। आरोप है कि मंडेलसन ने कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन का समर्थन उस समय भी किया, जब वह जेल जा चुका था। यही नहीं, यह भी आरोप सामने आए कि बिजनेस सेक्रेटरी रहते हुए मंडेलसन ने एपस्टीन के साथ संवेदनशील बाजार और कारोबारी जानकारी साझा की थी।

मॉर्गन मैकस्वीनी ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उन्हें इन तथ्यों की जानकारी थी और इसके बावजूद उन्होंने इस नियुक्ति को आगे बढ़ने दिया। उन्होंने इसे अपनी “गंभीर चूक” बताते हुए कहा कि इस फैसले ने पार्टी, सरकार और लोकतांत्रिक राजनीति पर जनता के भरोसे को गहरा नुकसान पहुंचाया।


🔴 ‘प्रधानमंत्री का दिमाग’ गया, सत्ता की नींव हिली

मैकस्वीनी को लेबर पार्टी में प्रधानमंत्री का “दिमाग” कहा जाता था। चुनावी रणनीति से लेकर सत्ता तक पहुंचने की राह में उनकी भूमिका निर्णायक मानी जाती है। उनके अचानक इस्तीफे के बाद पार्टी के भीतर यह सवाल गूंजने लगा है कि क्या स्टार्मर अब लंबे समय तक सत्ता में टिक पाएंगे।

लेबर पार्टी के वामपंथी धड़े ने खुलकर प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग शुरू कर दी है। पार्टी के पूर्व कैंपेन प्रमुख जॉन ट्रिकेट ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी ऊपर तक जाती है। सांसद ब्रायन लीशमैन ने पार्टी की दिशा बदलने की बात कही, जबकि किम जॉनसन और रैचेल मास्केल ने संकेत दिए कि यह संकट अभी शुरुआत भर है।


🔴 पीएम स्टार्मर का बचाव और संभावित संबोधन

इस राजनीतिक तूफान के बीच प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर देश को संबोधित करने की तैयारी कर रहे हैं। उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि वह राजनीति को “साफ और पारदर्शी” बनाने की बात रखेंगे और यह स्पष्ट संकेत देंगे कि वह इस्तीफा नहीं देने जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि नीतियों में कोई बदलाव नहीं होगा और प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखी जाएगी।

स्टार्मर ने पहले ही स्वीकार किया है कि मंडेलसन ने उन्हें गुमराह किया था। 5 फरवरी को दिए गए बयान में उन्होंने कहा कि अब उन्हें समझ आया है कि मंडेलसन और एपस्टीन के रिश्ते कितने गहरे और अंधेरे थे। उन्होंने लेबर सांसदों और एपस्टीन के पीड़ितों से माफी भी मांगी, लेकिन साथ ही कहा कि पुलिस जांच के चलते सुरक्षा से जुड़ी सारी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती।


🔴 नेतृत्व की दौड़ और अंदरूनी खींचतान

मैकस्वीनी के इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी में नेतृत्व की रेस तेज हो गई है। उपप्रधानमंत्री एंजेला रेनर और स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग के नाम संभावित उत्तराधिकारियों में लिए जा रहे हैं। विदेश मंत्री डेविड लैमी ने साफ किया कि उन्होंने मंडेलसन की नियुक्ति का विरोध किया था। वहीं ऊर्जा मंत्री एड मिलिबैंड को संभावित “किंगमेकर” माना जा रहा है।

दूसरी ओर, स्टार्मर के समर्थकों का तर्क है कि ऐतिहासिक चुनावी जीत के महज 18 महीने बाद प्रधानमंत्री को हटाना देश और पार्टी—दोनों के लिए खतरनाक अस्थिरता ला सकता है। वर्क एंड पेंशन सेक्रेटरी पैट मैकफैडन ने चेतावनी दी कि इससे आर्थिक और राजनीतिक अराजकता फैल सकती है।


🔴 आर्थिक असर और निवेशकों की चिंता

Epstein files UK politics विवाद का असर राजनीति से आगे बढ़कर अर्थव्यवस्था तक पहुंच गया है। राजनीतिक अस्थिरता की आशंका के चलते ब्रिटेन की उधारी लागत बढ़ने लगी है। निवेशकों को डर सता रहा है कि क्या स्टार्मर सरकार इस दबाव को झेल पाएगी या नहीं। बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है और विपक्ष इस मुद्दे को और तेज करने में जुटा है।

कंजर्वेटिव नेता केमी बेडेनोक ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री हर बार जिम्मेदारी दूसरों पर डालते हैं, जबकि असली जवाबदेही उन्हें खुद लेनी चाहिए।


🔴 अमेरिका में नई तस्वीर, विवाद का वैश्विक विस्तार

ब्रिटेन में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अमेरिका में भी एपस्टीन फाइल्स से जुड़ी एक तस्वीर ने हलचल मचा दी है। इस तस्वीर में मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक इलॉन मस्क, पेपाल के को-फाउंडर पीटर थील और MIT मीडिया लैब के पूर्व निदेशक जोई इतो एक साथ डिनर करते दिख रहे हैं।

बताया जा रहा है कि यह 2015 का वही डिनर है, जिसे एपस्टीन ने खुद “वाइल्ड डिनर” कहा था और जिसकी तस्वीर उसने अपने न्यूयॉर्क अपार्टमेंट में फ्रेम कर रखी थी। पुराने ईमेल्स में एपस्टीन द्वारा इस डिनर का जिक्र किए जाने से सवाल और गहरे हो गए हैं।


🔴 जेफ्री एपस्टीन: सत्ता, पैसा और अपराध का काला अध्याय

जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था, जिसकी पहुंच राजनीति, बिजनेस और सेलिब्रिटी दुनिया तक थी। 2005 में उस पर नाबालिग से यौन उत्पीड़न के आरोप लगे। 2008 में दोषी ठहराए जाने के बाद उसे सीमित सजा मिली, जिसने न्याय प्रणाली पर सवाल खड़े किए। 2019 में सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोपों में गिरफ्तारी के बाद जेल में उसकी मौत ने साजिशों और संदेहों को जन्म दिया।

उसकी सहयोगी घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में दोषी ठहराया गया और वह 20 साल की सजा काट रही है। एपस्टीन फाइल्स के नए खुलासे यह दिखाते हैं कि उसके नेटवर्क की परछाई आज भी वैश्विक राजनीति और सत्ता के गलियारों में मौजूद है।


Epstein files UK politics से उपजा यह संकट केवल एक सरकार या पार्टी का नहीं, बल्कि आधुनिक लोकतंत्र की पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिकता की अग्निपरीक्षा बन चुका है। कीर स्टार्मर सरकार इस तूफान से निकल पाएगी या नहीं, यह आने वाले दिनों में तय होगा, लेकिन इतना साफ है कि ब्रिटेन से अमेरिका तक सत्ता के गलियारों में एपस्टीन की परछाईं अभी लंबी रहने वाली है।

 

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