editorial

दिल से

E20 पेट्रोल पर सरकार कहती है ‘भरोसा रखिए’, आम आदमी पूछ रहा- इंजन बिगड़ा तो बिल कौन भरेगा?

E20 पेट्रोल देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता, किसानों की आय और पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, लेकिन किसी भी नीति की सबसे मजबूत नींव जनता का विश्वास होता है। आम आदमी नई तकनीक का विरोध नहीं कर रहा, वह केवल इतना पूछ रहा है कि यदि सब कुछ सुरक्षित है तो पारदर्शी परीक्षण, स्पष्ट दिशानिर्देश और मजबूत उपभोक्ता संरक्षण व्यवस्था देने में हिचक कैसी? क्योंकि नीति सरकार बनाती है, ईंधन कंपनियां बेचती हैं, वाहन कंपनियां कार बनाती हैं—लेकिन वर्षों की कमाई लगाकर उस कार को खरीदने वाला नागरिक अकेला क्यों जोखिम उठाए? देशहित जरूरी है, ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी जरूरी है, लेकिन उस आम आदमी की चिंता भी कम महत्वपूर्ण नहीं, जो पेट्रोल पंप पर टंकी भरवाते समय आजकल ईंधन से ज्यादा भरोसा तलाश रहा है।

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संपादकीय विशेष

जानसठ में आग से पहले जागेगा Muzaffarnagar प्रशासन या हादसे के बाद? रिहायशी इलाकों में ज्वलनशील किताबों के गोदाम बने बड़ा खतरा

Muzaffarnagar कहीं ऐसा न हो कि आज जिन गलियों में लोग यह कह रहे हैं कि “यहां कुछ नहीं होगा”, वहीं कल कोई बड़ी दुर्घटना होने के बाद वही लोग पूछते नजर आएं—”निरीक्षण पहले क्यों नहीं हुआ?” प्रशासन की सबसे बड़ी सफलता किसी हादसे के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि समय रहते संभावित खतरे को पहचानकर उसे टाल देना है। उम्मीद की जानी चाहिए कि जानसठ में भी सुरक्षा व्यवस्था कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर दिखाई दे।

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संपादकीय विशेष

युद्ध की आग, भारत की कूटनीति और बदलती विश्व व्यवस्था: क्यों बढ़ रहा है India पर दुनिया का भरोसा?

India के लिए आने वाले वर्षों की सबसे बड़ी चुनौती संतुलित कूटनीति, आर्थिक लचीलापन और रणनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखना होगी। यदि भारत राष्ट्रीय हितों को केंद्र में रखते हुए बहुपक्षीय संवाद, क्षेत्रीय सहयोग और वैश्विक सहभागिता की इसी नीति पर आगे बढ़ता है, तो वह विश्व व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण और भरोसेमंद साझेदार के रूप में अपनी भूमिका और मजबूत कर सकता है।

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दिल से

Save Earth First- धरती बचेगी तो भविष्य बचेगा: क्या मंगल और चाँद की दौड़ में हम अपना एकमात्र घर भूल रहे हैं?

Save Earth First धरती केवल एक ग्रह नहीं, बल्कि मानव सभ्यता, प्रकृति और जीवन का आधार है। अंतरिक्ष की नई ऊँचाइयों तक पहुँचना निश्चित रूप से मानव उपलब्धि है, लेकिन उससे पहले अपने एकमात्र जीवनदायी ग्रह को सुरक्षित रखना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यदि हम आज पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग और सतत विकास को प्राथमिकता देंगे, तो आने वाली पीढ़ियाँ भी एक स्वस्थ, सुरक्षित और रहने योग्य पृथ्वी का अनुभव कर सकेंगी। यही भविष्य के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी और सबसे मूल्यवान विरासत होगी।

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संपादकीय विशेष

Muzaffarnagar- बाजार में होली के रंग: बढ़ी होली की खरीदारी को चहल-पहल

Muzaffarnagar -होली को लेकर बाजारों में रंगों और पिचकारियों से दुकानें सज गई है। कार्टून पात्रों और पीएम मोदी के मास्क भी दुकानों पर सजे है। दुकानों पर रंगों और गुलाल के साथ-साथ गिफ्ट पैक भी जमकर बिक रहे हैं। लोगों की गिफ्ट पैक को लेकर मांग बढ़ रही है। इस बार बच्चों के लिए अलग-अलग तरह की पिचकारियां दुकानों पर सजी हुई है। पांच रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक का आइटम उपलब्ध है।

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संपादकीय विशेष

Muzaffarnagar: हम नहीं लोग कह रहे है….बार संघ के चुनाव पर मंदी की मार

लोगों में चर्चा है कि पहले Muzaffarnagar सिविल बार संघ के चुनाव दिसम्बर में और जिला बार संघ के चुनाव मार्च-अप्रैल में होते थे। सिविल बार संघ के चुनाव सामान्य थे, 21-22 दिसम्बर को मतदान के साथ सम्पन्न हो जाते थे। सिविल बार में यद्यपि वकील भाईयों की संख्या जिला बार संघ के मुकाबले काफी कम है, फिर भी यहां के वकीलों का उत्साह और राजनीति का रुझान देखते ही बनता था।

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संपादकीय विशेष

भारत का महाशक्ति न होना विश्व के लिए खतरा, Media का राष्ट्रधर्म ना निभाना बहुत ही भयानक

हर हिंदू को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विषय पर प्रबुद्ध होना चाहिए अगर भारत अमेरिका समान महाशक्ति होता तो आज विश्व में इस तरह का अशांति पूर्ण माहौल ना होता और विश्व मे इस्लामिक Media आतंकवाद इस प्रकार अपने पांव ना पसार पाता और मानवता ऐसी त्रस्त ना होती केवल भारत के पास ही ऐसा चिंतन है जो मानव के साथ-साथ चराचर जगत को भी सुरक्षित रख सकता है

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संपादकीय विशेष

Market: सब्जियों के दाम आसमान पर, गड़बड़ा रहा है रसोई का बजट

Market: गृहणी पूजा गुप्ता, रश्मि, सोनिया रानी, सुनीता देवी का कहना है कि दालों व मसालों के दाम पहले से बढ़े हुए हैं। रसोई सिलेंडर करीब एक हजार रुपये का है। अब सब्जी भी अपना रंग दिखाने लगी है।

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संपादकीय विशेष

अमीर farmers की और अमीर होने की योजना का एक और हिस्सा: क्या MSP के लिए गारंटी कानून बनाना संभव है?

MSP और MRP में फर्क है ? MRP का मतलब होता है मैक्सिमम रीटेल प्राइज… यानी अधिकतम खुदरा मूल्य… इसका मतलब अगर माचिस की एक डिब्बी पर MRP 1 रुपए लिखी हुई है तो इसका मतलब है कि दुकानदार इस माचिस को एक रुपए से ज्यादा का नहीं बेच सकता है

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संपादकीय विशेष

सिर्फ Bra के साथ ज्वेलरी के एड : Sabyasachi ने Sex के साथ किया मंगलसूत्र का प्रचार, Hindu सभ्यता पर कुठाराघात

बडी हस्तियों के सबसे पसंदीदा Anti Hindu mindset फैशन डिजाइनर Sabyasachi मुखर्जी इस समय सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं। कारण है मंगलसूत्र को bra, Sex से कनेक्ट करके बेचने की कोशिश करना

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संपादकीय विशेष

बाजार में karva chauth पर रही भीड़, लोगों को मायूस कर रहा महंगाई का रंग

karva chauth के मौके पर पत्नी को खुश करने के लिए पति कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं। नई मंडी निवासी सरगम सैक्सेना ने बताया कि वह प्रतिवर्ष पत्नी को कुछ न कुछ आभूषण उपहार स्वरूप देते हैं।

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