उत्तर प्रदेश

TajMahal पर हमले का फर्जी वीडियो, पाकिस्तानी डिजिटल क्रिएटर का दुष्प्रचार

सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें TajMahal पर हमला होते हुए दिखाया गया है। यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है और इसका निर्माण AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा किया गया है। वीडियो में ताजमहल को जलते हुए और धुएं से भरे हुए दिखाया गया है, लेकिन इसकी सच्चाई से जनता को गुमराह किया जा रहा है। यह वीडियो पाकिस्तान से जुड़े डिजिटल क्रिएटर द्वारा पोस्ट किया गया है, जो भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का फायदा उठाकर समाज में भय और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।


फर्जी वीडियो का वायरल होना

वायरल वीडियो में ताजमहल पर पाकिस्तान आर्मी के हमले का दृश्य दिखाया गया है, जिसमें ताजमहल जलता हुआ नजर आ रहा है। यह वीडियो महज 10 सेकंड लंबा है, लेकिन इसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। अब तक इस वीडियो को 2.1 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है और यह 1337 फॉलोअर्स वाले पेज से शेयर किया गया है। यह वीडियो पाकिस्तान के एक डिजिटल क्रिएटर साजिद नामक यूजर ने इंस्टाग्राम पर @r_k_rock_sajid_0_7 नाम से पोस्ट किया था।


आगरा पुलिस का बयान

आगरा पुलिस ने इस वीडियो को पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक करार दिया है। पुलिस ने बताया कि यह वीडियो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए बनाया गया है और इसका उद्देश्य केवल समाज में भय और अस्थिरता फैलाना है। आगरा पुलिस ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर इस तरह के भ्रामक वीडियो को तुरंत रिपोर्ट करने की अपील की है। पुलिस ने यह भी कहा कि इस तरह के फर्जी वीडियो और जानकारी को फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


सोशल मीडिया पर पैनी नजर

भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनाव के बीच, सोशल मीडिया पर किसी भी तरह के असामाजिक और राष्ट्र विरोधी सामग्री को फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने कहा कि पुलिस इस तरह की किसी भी पोस्ट को गंभीरता से ले रही है और दंगा भड़काने या किसी तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे इस तरह के फर्जी वीडियो को न तो लाइक करें, न ही शेयर करें और न ही कमेंट करें। यदि किसी को इस तरह की सामग्री मिलती है, तो वह तुरंत संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट करें।


पुलिस का जांच में जुटना

आगरा पुलिस इस वीडियो को पोस्ट करने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी हुई है। पुलिस ने कहा कि यह वीडियो जिस यूजर ने पोस्ट किया है, वह पाकिस्तान से संबंधित हो सकता है। इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस व्यक्ति द्वारा पोस्ट किए गए अन्य वीडियो किस प्रकार की सामग्री से भरे हुए हैं। पाकिस्तान समर्थित डिजिटल क्रिएटर द्वारा ऐसी सामग्री फैलाने की कोशिशों का जवाब देने के लिए पुलिस पूरी तरह से सतर्क है।


सोशल मीडिया पर बढ़ते दुष्प्रचार का असर

सोशल मीडिया पर इस तरह की गलत और भ्रामक जानकारी फैलाना एक बड़ा खतरा बन सकता है। खासकर जब दो देशों के बीच तनाव बढ़ा हो, तो ऐसी सामग्री केवल अफवाहों और गलतफहमियों का कारण बनती है। इस तरह के फर्जी वीडियो न केवल लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालते हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं। यही कारण है कि भारत सरकार और पुलिस प्रशासन इस पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और इस तरह के दुष्प्रचार फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।


सामाजिक मीडिया पर सतर्कता की जरूरत

समाज में फैली इस तरह की गलत जानकारी को रोकने के लिए सभी नागरिकों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। खासकर जब बात देश की सुरक्षा और शांति की हो, तो इस प्रकार की भ्रामक और दुष्प्रचार सामग्री से बचना बेहद जरूरी है। सरकार और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी केवल इस पर नजर रखना नहीं है, बल्कि नागरिकों की जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। नागरिकों को इस प्रकार की सामग्री को सोशल मीडिया पर न फैलाने और तुरंत रिपोर्ट करने की आदत डालनी चाहिए।


समाज में अस्थिरता फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

डीसीपी सोनम कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्र विरोधी, आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ी या फिर किसी तरह की समाज में अस्थिरता फैलाने वाली पोस्ट को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। यदि कोई सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह, गलत जानकारी या झूठी खबर फैलाने का प्रयास करता है, तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस प्रशासन इस तरह के मामलों को लेकर पूरी तरह से सक्रिय है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


पुलिस के संदेश का पालन करें

आगरा पुलिस ने इस अवसर पर नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी वीडियो को न तो शेयर करें, न ही लाइक करें और न ही उस पर कमेंट करें। साथ ही, यदि वे इस तरह की किसी भ्रामक जानकारी को पाते हैं, तो उसे तुरंत संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट करें। पुलिस ने यह भी कहा है कि सोशल मीडिया पर इस प्रकार की सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि समाज में किसी प्रकार का भ्रामक वातावरण न बने।

सामाजिक मीडिया पर फैली इस तरह की भ्रामक और फर्जी जानकारी ने यह साबित कर दिया है कि लोगों को इस बारे में और अधिक जागरूक होने की जरूरत है। हम सभी को इस प्रकार की अफवाहों से बचने के लिए जिम्मेदार नागरिक की तरह कार्य करना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि हम किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी को फैलने न दें।

News-Desk

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