फर्जी वेबसाइट से मनी लॉन्ड्रिंग तक: Sandeepa Virk का हाई-प्रोफाइल स्कैंडल, अंबानी केस से जुड़ा विवाद और ED की बड़ी कार्रवाई
मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय धोखाधड़ी के एक हाई-प्रोफाइल मामले में इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने अभिनेत्री और कॉस्मेटोलॉजिस्ट Sandeepa Virk को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उन्होंने अपनी वेबसाइट हाईबूकेयर डॉट कॉम को फर्जी तरीके से FDA अप्रूव्ड बताकर नकली ब्यूटी प्रोडक्ट्स बेचे और लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की।
दिल्ली-मुंबई में छापेमारी, पूरा नेटवर्क बेनकाब
ED ने संदीपा और उनके सहयोगियों के दिल्ली और मुंबई स्थित कई ठिकानों पर छापे मारे। जांच एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई अवैध वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े ठोस सबूतों के आधार पर की गई है। संदीपा पर अनिल अंबानी समूह की जांच को प्रभावित करने का भी गंभीर आरोप है।
अभिनेत्री से ‘आरोपी’ तक का सफर
मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली संदीपा विर्क खुद को एक्ट्रेस और कॉस्मेटोलॉजिस्ट बताती हैं। उन्होंने मलयालम, पंजाबी और हिंदी फिल्मों में अभिनय किया है, साथ ही मॉडलिंग और थिएटर में भी सक्रिय रही हैं। सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है, लेकिन अब वे अपने फिल्मी करियर से ज्यादा ED की जांच के कारण सुर्खियों में हैं।
अंबानी समूह की जांच से जुड़ा विवाद
20 हजार करोड़ का लोन घोटाला
ED रिलायंस समूह से जुड़े 20,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले की जांच कर रही है। इसी मामले में हाल ही में अनिल अंबानी से पूछताछ की गई थी। आरोप है कि कई बैंकों से लिए गए कर्ज का दुरुपयोग किया गया और रकम को अन्य जगह डायवर्ट कर दिया गया।
संदीपा और सेतुरमन पर आरोप
जांच में सामने आया कि रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) के पूर्व निदेशक अंगाराई नटराजन सेतुरमन और संदीपा विर्क मिलकर अंबानी समूह से जुड़ी जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। ED का दावा है कि सेतुरमन ने RCFL से 18 करोड़ रुपये का लोन लिया और इसका इस्तेमाल जांच प्रभावित करने में किया।
घर बनाने में लोन का इस्तेमाल
ED की रिपोर्ट के मुताबिक, सेतुरमन के इस लोन से संदीपा विर्क ने दिल्ली में अपना घर बनाना शुरू किया। इसके अलावा रिलायंस कैपिटल लिमिटेड ने भी सेतुरमन को 22 करोड़ रुपये का हाउसिंग लोन नियमों को ताक पर रखकर दिया, जिसका बड़ा हिस्सा वापस नहीं किया गया।
फर्जी वेबसाइट का खुलासा
हाईबूकेयर डॉट कॉम की सच्चाई
जब ED ने संदीपा की वित्तीय गतिविधियों की जांच शुरू की, तो उनकी वेबसाइट हाईबूकेयर डॉट कॉम पर नजर पड़ी। संदीपा ने इसे FDA अप्रूव्ड ब्यूटी प्रोडक्ट्स बेचने वाला बताया था, लेकिन जांच में पता चला कि न तो प्रोडक्ट असली थे और न ही FDA अप्रूवल।
वास्तविकता में क्या था?
वेबसाइट पर यूजर रजिस्ट्रेशन का कोई ऑप्शन नहीं था।
पेमेंट गेटवे में लगातार दिक्कत आती थी।
सोशल मीडिया पर सक्रियता बेहद कम थी।
वॉट्सऐप नंबर बंद था और कंपनी की वैध जानकारी उपलब्ध नहीं थी।
ED की गिरफ्तारी और अदालत में पेशी
12 अगस्त की गिरफ्तारी
12 अगस्त 2025 को ED ने छापा मारकर संदीपा विर्क को गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 18 अगस्त तक ED की हिरासत में भेज दिया गया।
कानूनी धाराएं
संदीपा विर्क के खिलाफ IPC की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) और धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज है।
पंजाब कनेक्शन और पुराना ठगी केस
6 करोड़ की ठगी का मामला दोबारा खुला
पंजाब के मोहाली में दर्ज 2016 के एक 6 करोड़ रुपये की ठगी के केस में संदीपा का नाम दोबारा सुर्खियों में आया है। उस समय पुलिस ने संदीपा के आरोपी अमित गुप्ता उर्फ नागेश्वर गुप्ता से वित्तीय कनेक्शन पाए थे, लेकिन उनका नाम FIR और चार्जशीट से निकाल दिया गया था। अब मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नाम आने के बाद पंजाब पुलिस ने जांच फिर शुरू कर दी है।
पुराने केस का बैकग्राउंड
यह ठगी फिल्म प्रोडक्शन कंपनी में निवेश के नाम पर हुई थी। 2017 में आरोपी गिरफ्तार हुआ, लेकिन 2024 में उसे भगोड़ा (PO) घोषित कर दिया गया।
फिल्मी करियर से लेकर सोशल मीडिया स्टार तक
दिल्ली विश्वविद्यालय से BA करने के बाद संदीपा ने मॉडलिंग और थिएटर में कदम रखा। उन्होंने कई विज्ञापनों, पंजाबी फिल्मों और मलयालम सिनेमा में काम किया। फिल्मों से दूरी बनाने के बाद वे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बन गईं, जहां उनके 12 लाख से ज्यादा इंस्टाग्राम फॉलोअर्स हैं।

