आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना ने बड़ी कार्रवाई की
- पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना ने बड़ी कार्रवाई की है।
- भारतीय वायुसेना के 12 मिराज 2000 विमानों ने पीओके में एक हजार किलो के बम बरसाए हैं।
- पाकिस्तानी सेना के मेजर जनरल आसिफ गफूर ने भारतीय वायुसेना के पीओके में बमबारी की कथित तस्वीरें ट्वीट की हैं।
- भारत ने कहा कि पीओके में आतंकी शिविर को निशाना बनाया, टॉप आतंकवादी मारे गए।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भारतीय सेनाध्यक्ष बिपिन रावत और भारतीय वायुसेनाध्यक्ष बीएस धनोआ के साथ सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। ऐसा वायुसेना द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर बमबारी के कारण किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति को भारतीय वायुसेना द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर की गई बमबारी के बारे में जानकारी दी।विदेश सचिव ने कहा कि विश्वसनीय खुफिया सूचना मिली थी कि जैश ए मोहम्मद भारत में कुछ और आत्मघाती हमले करने की साजिश रच रहा है। भारत ने ने कहा कि आसन्न खतरे को देखते हुए, एकतरफा कार्रवाई ‘‘अत्यंत आवश्यक’’ थी । विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि अभियान में बड़ी संख्या में जैश ए मोहम्मद के आतंकवादी, प्रशिक्षक, वरिष्ठ कमांडर और जिहादियों का समूह मारा गया । भारत ने जैश ए मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी शिविर पर गैर-सैन्य एकतरफा हमले किए। विदेश सचिव ने कहा कि भारत आतंकवाद से निपटने के लिए सभी कदम उठाने के लिए दृढ़तापूर्वक प्रतिबद्ध है ।
Sources: Prime Minister Narendra Modi has briefed both President and Vice-President about the #IndianAirForce strike at JeM terror camp in Balakot across LoC. pic.twitter.com/mDvbAllu6s
— ANI (@ANI) February 26, 2019
Indian Army has shot down a Pakistani spy drone in Abdasa village, in Kutch, Gujarat. Army and police personnel present at the spot. pic.twitter.com/84wUJY916l
— ANI (@ANI) February 26, 2019
पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में भारतीय वायुसेना द्वारा आज तड़के किए गए हमले को लेकर श्रीनगर और घाटी के अन्य बड़े शहरों के निवासियों को छोटे छोटे समूहों में बातचीत करते हुये देखा गया।
भारत और पाकिस्तान के बीच सभी युद्धों को देखने वाले अब्दुल गनी डार (80) ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि यह यहीं समाप्त हो जाएगा और इसमें वृद्धि नहीं होगी। यदि शत्रुता में वृद्धि होती है तो इससे नियंत्रण रेखा के दोनों ओर रह रहे लोग सबसे अधिक प्रभावित और पीड़ित होंगे।’’
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित कई लोगों ने दो परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच एक पूर्ण युद्ध की संभावना को लेकर सोशल मीडिया पर अपना डर व्यक्त किया है। अब्दुल्ला ने ट्वीटर हैंडल पर लिखा है, ‘‘अब पीएम इमरान खान इस पर विचार करेंगे कि ‘पाकिस्तान जबाव दे या नहीं।’ देखना यह है कि वह किस तरह की प्रतिक्रिया देंगे? कहां प्रतिक्रिया देंगे? क्या भारत पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर करारा जवाब देगा।’’ सरकार ने पिछले सप्ताह अलगाववादियों और जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर कैडर पर कारवाई शुरू की थी जिसके बाद कश्मीर के निवासियों ने जरूरत का सामान जमा करना शुरू कर दिया। घाटी में अर्द्धसैनिक बलों की 100 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती के बाद यह कार्रवाई हुई है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रविवार को लोगों की इस आशंका को दरकिनार कर दिया था कि यह मात्र चुनाव से जुड़ी कार्रवाई है और उन्हें दहशत में आने की जरूरत नहीं है। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि एनआईए ने कुछ शीर्ष अलगावादी नेताओं और उनके प्रति सहानुभूति रखने वालों के घरों पर छापेमारी के बाद सुरक्षा बलों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि छापेमारी के विरोध में प्रदर्शन होंगे जिसके कारण शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा, ‘यह भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ की गई गंभीर कार्रवाई थी। यह नियंत्रण रेखा का उल्लंघन है और पाकिस्तान के पास जवाबी कार्रवाई करने और आत्मरक्षा करने का पूरा अधिकार है।’
(with thanks from AU)
