भारतीय मूल के समीर बनर्जी बने विंबलडन जूनियर चैंपियन
भारतीय मूल के अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी समीर बनर्जी ने रविवार को इतिहास रचते हुए विंबलडन में जूनियर चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया. 17 वर्षीय समीर बनर्जी ने एक घंटे 22 मिनट तक चले फाइनल में हमवतन विक्टर लिलोव को सीधे सेटों में 7-5, 6-3 के अंतर से मात दी. समीर बनर्जी के पिता कुणाल बनर्जी ने कहा कि, “मौका मिला तो समीर भारतीय टेनिस के लीजेंड लिएंडर पेस से बात करना चाहते है.” बता दें कि, लिएंडर भी अपने करियर की शुरुआत में विंबलडन में एकल मुकाबलों की जूनियर चैंपियनशिप का खिताब जीत चुके हैं.
कुणाल बनर्जी ने कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि भारत में लोग समीर की इस जीत पर इतने खुश है.” साथ ही उन्होंने कहा, “बचपन में समीर को टेनिस के साथ साथ फुटबॉल और बेसबॉल खेलने का शौक था. टेनिस क्लब में मेरे कुछ दोस्तों ने समीर को खेलते हुए देखा तो उन्होंने उसे किसी अच्छी टेनिस अकादमी में दाखिल करने की सलाह दी. वही से उसके टेनिस करियर का ये सफर शुरू हुआ.”
कुणाल बनर्जी ने बताया कि, समीर ने महज 5 साल की उम्र में न्यू जर्सी के सेन्टर कोर्ट टेनिस अकेडमी में ट्रेनिंग शुरू की. इस के बाद सब जूनियर स्पर्धा में एक के बाद एक कई टूर्नामेंट जीतने के बाद 2017 में समीर बनर्जी ने अमेरिका में अंडर 14 विंटर चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया. इसके अलावा अपने खेल में निखार लाने के लिए उन्होंने फ्लोरिडा और फ्रेंकफ़र्ट लगातार ट्रेनिंग भी की है.
समीर दो साल पहले दिल्ली में एक आईटीएफ टूर्नामेंट में भी खेल चुके हैं. कोलकाता में समीर के कई रिश्तेदार रहते है. यहां स्थित मशहूर साउथ क्लब में 6 साल पहले समीर ने कुछ दिनों के लिए अभ्यास भी किया था.
विंबलडन शुरू होने से पहले समीर बनर्जी आईटीएफ की जूनियर खिलाड़ियों की रैंकिंग में 19 वे नंबर पर थे लेकिन इस जीत के बाद वो दुनिया के टॉप-10 जूनियर खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं. साथ ही समीर की नजर अब सीनियर स्पर्धा के क्वालिफाइंग टूर्नामेंटस पर है. इसमें उनके लिए सबसे अहम अमेरिका में नेशनल हार्डकोर्ट टूर्नामेंट का खिताब जीतना है. इस टूर्नामेंट को जीतने पर यूएस ओपन में खेलने के लिए वाइल्ड कार्ड एंट्री दी जाती है.
