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Lisa Cook vs Trump: फेडरल रिजर्व गवर्नर हटाने का विवाद और मुकदमा

Lisa Cook vs Trump अमेरिका की फेडरल रिजर्व की पूर्व गवर्नर लिसा कुक ने हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दायर किया है। ट्रम्प ने कुछ दिन पहले लिसा कुक को फेडरल रिजर्व गवर्नर के पद से हटा दिया था, जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया।

कुक का आरोप है कि ट्रम्प का यह निर्णय गैरकानूनी और अनुचित था। उन्होंने अपने केस में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल को भी शामिल किया है।


फेडरल रिजर्व में लिसा कुक का योगदान

लिसा कुक मई 2022 में फेडरल रिजर्व के बोर्ड में शामिल हुई थीं और वह इस बोर्ड की पहली अश्वेत महिला गवर्नर बनी थीं। उनकी नियुक्ति 2038 तक की थी। इससे पहले उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन में काउंसिल ऑफ इकोनॉमिक एडवाइजर्स में काम किया था।

कुक उन सात लोगों में शामिल थीं जो अमेरिका में ब्याज दरें तय करते हैं। ट्रम्प लंबे समय से फेडरल रिजर्व पर दबाव डाल रहे थे कि ब्याज दरें कम की जाएं।


ट्रम्प का हटाने का निर्णय और सोशल मीडिया एलान

ट्रम्प ने 26 अगस्त को लिसा कुक को फेडरल रिजर्व से हटा दिया। इससे तीन दिन पहले, उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एलान किया कि कुक को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जा रहा है।

इसके पहले 22 अगस्त को ट्रम्प ने कुक से इस्तफा देने की मांग की थी। कुक ने कहा कि उन्हें किसी के दबाव में इस्तीफा नहीं देना है।


मॉर्गेज फ्रॉड के आरोप और विवाद

ट्रम्प के इस फैसले के पीछे आरोप थे कि लिसा कुक ने मिशिगन और जॉर्जिया में प्रॉपर्टी खरीदने के समय अपने मॉर्गेज डॉक्यूमेंट्स में गलत जानकारी दी

  • जून 2021 में मिशिगन की प्रॉपर्टी को अपने मुख्य निवास के रूप में दिखाया।

  • जुलाई 2021 में अटलांटा की प्रॉपर्टी को भी मुख्य निवास बताया।

इसके चलते, फेडरल हाउसिंग फाइनेंस एजेंसी (FHFA) के डायरेक्टर बिल पुल्टे ने उन्हें मॉर्गेज फ्रॉड का दोषी ठहराया।

पुल्टे का कहना था – “जो महिला अपनी ब्याज बचाने के लिए झूठ बोल रही है, वह ब्याज दरों को कंट्रोल करने की जिम्मेदारी कैसे ले सकती है?”


कुक ने आरोपों का दिया जवाब

लिसा कुक ने कहा कि ये पुराने मॉर्गेज एप्लिकेशन हैं और उनका फेडरल रिजर्व में शामिल होने से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्वीट या बाहरी दबाव में इस्तीफा नहीं देंगी और तथ्यों के आधार पर जवाब देंगी।

उनके वकील एबे लोवेल ने कहा कि फेडरल रिजर्व एक्ट के अनुसार, किसी गवर्नर को हटाने के लिए ठोस कारण होना चाहिए। केवल पुराने लोन डॉक्यूमेंट्स में आरोप पर्याप्त नहीं हैं।


फेडरल रिजर्व एक्ट 1913 और कानूनी जटिलताएँ

फेडरल रिजर्व एक्ट 1913 के तहत, राष्ट्रपति किसी गवर्नर को केवल गंभीर पेशेवर कदाचार या अपराध के आधार पर हटा सकते हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि लिसा कुक को हटाना बिना सबूत के चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

कोलंबिया लॉ स्कूल के प्रोफेसर लेव मेनेंड और यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवेनिया के प्रोफेसर पीटर कोंटी-ब्राउन का कहना है कि अब तक कुक के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं, इसलिए यह मामला कोर्ट में लंबा और जटिल हो सकता है।


बोर्ड में ट्रम्प समर्थकों की संख्या बढ़ने का खतरा

लिसा कुक के हटने के बाद ट्रम्प को फेडरल रिजर्व बोर्ड में अपनी पसंद की नियुक्ति करने का मौका मिलेगा। बोर्ड में पहले से ट्रम्प द्वारा नियुक्त दो गवर्नर हैं – क्रिस्टोफर वालर और मिशेल बोमैनअगर कुक की जगह भी ट्रम्प का समर्थक आता है, तो बोर्ड में ट्रम्प समर्थकों की संख्या बहुमत में आ जाएगी, जिससे फेड की नीतियों पर उनका असर बढ़ सकता है।


लिसा कुक बनाम ट्रम्प का यह मामला अमेरिका की केंद्रीय बैंकिंग प्रणाली, फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता और राष्ट्रपति के अधिकारों के बीच संतुलन पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। कोर्ट में इसे लड़ने के बाद यह स्पष्ट होगा कि क्या राष्ट्रपति बिना ठोस कारण के गवर्नर को हटा सकते हैं या नहीं। यह विवाद न केवल अमेरिकी राजनीति बल्कि वैश्विक आर्थिक नीतियों पर भी असर डाल सकता है।

 

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