‘मार्स 2020’ लॉन्च: दुनिया का तीसरा मंगल मिशन रोवर को लेकर लाल गृह के लिए रवाना
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बृहस्पतिवार को मंगल मिशन ‘मार्स 2020’ लॉन्च किया। शक्तिशाली एटलस वी रॉकेट सुबह 7:50 बजे (स्थानीय समयानुसार) केप कनेरवल अंतरिक्ष स्टेशन से अब तक के सबसे बड़े कार के आकार वाले रोवर को लेकर लाल गृह के लिए रवाना हुआ।
इस रोवर में 25 कैमरे, माइक, ड्रिल और लेजर लाइटें लगी हैं। यह करीब 30 करोड़ मील की दूरी तय कर सात महीने बाद अगले साल फरवरी में मंगल पर पहुंचेगा और वहां से पत्थर और मिट्टी लेकर धरती पर आएगा
And so, the journey begins…
With today’s launch of @NASAPersevere, we begin another historic mission of exploration. Our #CountdownToMars continues with Perseverance landing on the Martian surface on Feb. 18, 2021. More: https://t.co/Qv6xcL9anF pic.twitter.com/GwfW9xwFsw
— NASA (@NASA) July 30, 2020
जिससे वैज्ञानिक मंगल पर प्राचीन जीवन के साक्ष्य तलाशेंगे।नासा का यह मिशन इस साल दुनिया का तीसरा मंगल मिशन है। चीन और यूएई ने इस हफ्ते की शुरुआत में अपने महत्वाकांक्षी मंगल मिशन को रवाना किया है।
तीनों के अगले साल फरवरी में पहुंचने की उम्मीद है। नासा का रोवर लाल गृह की सतह में छेद कर अंदर से सूक्ष्म भूवैज्ञानिक नमूनों को इकट्ठा करेगा और 2031 तक इन्हें लेकर वापस लौटेगा।
नासा ने रोवर के साथ इनजिन्युटी नाम का एक छोटा हेलिकॉप्टर भी मंगल पर भेजा। रोवर इसे मंगल की सतह पर छोड़ेगा। यह हेलिकॉप्टर मंगल की सतह पर अकेले उड़ान भरने का प्रयास करेगा।
मंगल के बेहद विरल वातावरण के बीच उड़ान भरने के दौरान यह हेलिकॉप्टर सतह से 10 फीट ऊंचा उठेगा और एक बार में 6 फीट आगे तक जाएगा। हर प्रयास के साथ यह और आगे बढ़ने की कोशिश करेगा।
नासा के इस मिशन से आने वाले समय में मंगल पर इंसानों को भेजने की चुनौतियों को आसान करने में मदद मिलेगी। इसमें सबसे अहम होगा मंगल के वायुमंडल में ऑक्सीजन बनाने का तरीका खोजना।
