Bagpat नगर पालिका में बड़ा भूचाल: चेयरमैन राजुद्दीन एडवोकेट पद से हटाए गए, करोड़ों की गड़बड़ी और अवैध दुकानों के आवंटन से जुड़ा सबसे बड़ा आरोप
Bagpat नगरपालिका में पिछले दो वर्षों से दबे-छुपे चल रहे Bagpat municipal scam की फाइल आखिर शासन के कठोर निर्णय पर जाकर बंद हुई। रालोद नेता और तीन बार नगरपालिका चेयरमैन रह चुके राजुद्दीन एडवोकेट को शासन ने गुरुवार शाम को पद से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश जारी कर दिया।
आदेश बागपत की जिला अधिकारी अस्मिता लाल को भेजा गया है। राजुद्दीन पर आरोप थे कि उन्होंने दुकान आवंटन, संपत्ति कर रिकॉर्ड, और प्लॉट एंट्री में भारी गड़बड़ी कर सरकारी خزाने को करोड़ों का नुकसान पहुँचाया। जांच में ये आरोप सही पाए गए।
यह फैसला न केवल राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है बल्कि पूरे जिले की नगरपालिका कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल भी उठाता है।
शिकायत की शुरुआत: गन्ना समिति के चेयरमैन प्रदीप ठाकुर ने खोला पूरा मामला
इस विवाद की शुरुआत अप्रैल 2023 में हुई जब बागपत गन्ना समिति के चेयरमैन प्रदीप ठाकुर ने शासन में विस्तृत शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने आरोप लगाया कि—
राजुद्दीन एडवोकेट ने चेयरमैन पद का दुरुपयोग किया
नगर पालिका की खाली दुकानों का नियम विरुद्ध आवंटन किया
जिससे सरकार को 1,39,00,000 रुपये का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ
शिकायत के अनुसार दुकानों का आवंटन नीलामी प्रक्रिया या तय नियमों के तहत नहीं हुआ, बल्कि मनमाने ढंग से किया गया, जिससे नगरपालिका की राजस्व व्यवस्था चरमरा गई।
संपत्ति कर में 739 प्लॉट दर्ज—दस, बीस, पचास रुपये के स्टांप!
शिकायत का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा प्लॉटों की एंट्री से जुड़ा था।
प्रदीप ठाकुर ने बताया कि—
739 प्लॉटों को संपत्ति कर रिकॉर्ड में दर्ज किया गया
इन प्लॉटों के लिए 10, 20, 50, 100 रुपये के मामूली स्टांप लगे थे
जाँच में केवल 39 प्लॉटों के कागज़ पूरे मिले
बाकी सारे रिकॉर्ड अपूर्ण या गायब थे
यह आरोप भी लगा कि बैनामों की जगह मात्र कच्चे कागज़ों पर एंट्री कर दी गई, जिससे कई सरकारी जमीनों पर कब्जे तक संभव हो गए। स्टांप शुल्क में करोड़ों की हानि अलग से हुई—यह Bagpat municipal scam की रीढ़ साबित हुआ।
ADM जांच और मई 2023 की रिपोर्ट—पहली बार ही आरोप सही मिले
सारे आरोपों की जांच ADM स्तर पर कराई गई। जांच में पाया गया कि:
दुकानों के आवंटन में नियमों का पालन नहीं हुआ
प्लॉटों के रिकॉर्ड में भारी अनियमितताएँ थीं
संपत्ति कर में हेरफेर से राजस्व हानि हुई
मई 2023 में ADM ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी। इसके बाद शासन ने राजुद्दीन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। उन्होंने जो जवाब दिया, वह शासन को संतोषजनक नहीं लगा।
दूसरी जांच और फैसला—अप्रैल 2025 में रिपोर्ट फिर आई और आरोप दोबारा सही पाए गए
जवाब के बाद शासन ने दोबारा जांच कराई।
इस दूसरी जांच में सभी आरोप फिर से सत्य पाए गए
रिपोर्ट अप्रैल 2025 में शासन के पास पहुँची
प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद ने गुरुवार को राजुद्दीन को पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया
इस आदेश में लिखा गया कि राजुद्दीन ने—
पालिका निधि को नुकसान पहुँचाया
पालिका निधि का दुरुपयोग किया
नगर पालिका हित के विरुद्ध कार्य किए
अब नगरपालिका बागपत में DM या उनके द्वारा नामित अधिकारी प्रशासक की भूमिका संभालेंगे।
तीसरी बार चुने गए थे चेयरमैन—हाईकोर्ट की रोक से मिला था फायदा
राजुद्दीन एडवोकेट 2023 में लगातार तीसरी बार चेयरमैन बने थे।
नगर पालिका की सीमा विस्तार से उनका राजनीतिक भविष्य जोखिम में आने लगा था, लेकिन हाईकोर्ट ने सीमा विस्तार पर रोक लगाकर उन्हें सीधा लाभ दिया।
यह जीत उनकी राजनीतिक पकड़ का संकेत मानी जाती थी—पर अब यह मामला पूरी तरह उलट चुका है।
Bagpat municipal scam में अभी चल रही हैं कई बड़ी जांचें
राजुद्दीन के खिलाफ सिर्फ प्लॉट और दुकानों का मामला ही नहीं—इन मामलों पर भी जांच जारी है:
पक्का घाट पर श्मशान घाट निर्माण में घोटाले का आरोप
केतीपुरा में कब्रिस्तान की जमीन पर इंटरलॉकिंग लगवाकर भू-माफियाओं को लाभ पहुँचाने का आरोप
नगर पालिका की सीमा से बाहर काम कराकर अनियमित व्यय
सब्जी मंडी में अवैध दुकानों का निर्माण और आवंटन
ये मामले मिलकर बागपत नगर पालिका में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का बड़ा संकेत देते हैं।
DM अस्मिता लाल का बयान—“आदेश के अनुसार कार्रवाई होगी”
जिला अधिकारी अस्मिता लाल ने कहा—
“बागपत नगर पालिका के चेयरमैन पद से राजुद्दीन को हटाने के आदेश आए हैं। शासन के आदेशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अब प्रशासक नगरपालिका की जिम्मेदारी संभालेंगे।”
जिले की प्रशासनिक प्रणाली अब पालिका के सभी कार्यों और रिकॉर्ड की समीक्षा करेगा।
राजनीतिक भविष्य पर सवाल—क्या होगा राजुद्दीन का अगला कदम?
राजुद्दीन एडवोकेट जिले के कद्दावर नेता रहे हैं। लगातार तीन बार चेयरमैन बनने का रिकॉर्ड उनके प्रभाव का प्रमाण था।
लेकिन Bagpat municipal scam ने उनके राजनीतिक भविष्य पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिये हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि—
राजुद्दीन हाईकोर्ट में आदेश को चुनौती दे सकते हैं
यदि भ्रष्टाचार के मुकदमे शुरू होते हैं, तो राजनीतिक करियर लंबे समय तक प्रभावित रहेगा
नगरपालिका में नये प्रशासक के आने से पुराने फैसलों का ऑडिट भी हो सकता है
पार्टी स्तर पर भी उनकी स्थिति कमजोर हो सकती है, क्योंकि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार पर सवाल उठाने की कोशिश करेगा, जबकि सत्ताधारी दल इस कार्रवाई को “भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम” के रूप में पेश करेगा।
बागपत की नगर पालिका पर इसका क्या असर?
यह फैसला सिर्फ एक व्यक्ति का पद नहीं—नगरपालिका प्रशासन का पूरा ढांचा प्रभावित करेगा।
दुकानों के पुराने आवंटन की जांच
प्लॉटों के रिकॉर्ड का ऑडिट
संपत्ति कर के बकाये
सरकारी जमीनों की सुरक्षा
सभी पर अब प्रशासक का सख्त नियंत्रण होगा।
जिले के लोग भी नगरपालिका की कार्यशैली में “नई पारदर्शिता” की उम्मीद कर रहे हैं।

