Mathura की ‘दिशा’ बैठक में गरमागरम माहौल – दो विधायकों में तीखी बहस, सांसद हेमामालिनी ने लगाई फटकार🔥
Mathura कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद हेमामालिनी की अध्यक्षता में आयोजित Mathura Disha Meeting इस बार विकास योजनाओं से ज्यादा विधायकों की बहस के कारण चर्चा में रही। बैठक में जिले के सभी विधायक, सांसद, एमएलसी और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। माहौल तब गरमा गया जब गोवर्धन विधायक मेघश्याम सिंह और बलदेव विधायक पूरनप्रकाश के बीच अंत्येष्टि स्थलों के आवंटन को लेकर जोरदार बहस हो गई।
अंत्येष्टि स्थल आवंटन पर भिड़े विधायक
बैठक के दौरान पंचायतराज विभाग ने बलदेव क्षेत्र में चार और गोवर्धन क्षेत्र में दो अंत्येष्टि स्थलों के आवंटन की जानकारी दी। इस पर गोवर्धन विधायक मेघश्याम सिंह ने आपत्ति जताई और कहा कि गोवर्धन क्षेत्र की जरूरतें नजरअंदाज की जा रही हैं। इस पर बलदेव विधायक पूरनप्रकाश नाराज हो गए और कहा –
“आप अपने क्षेत्र के विकास पर ध्यान दें, मेरे क्षेत्र के निर्णय में दखल न दें।”
दोनों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि सभागार में मौजूद अधिकारी भी सकते में आ गए। यहां तक कि डीएम चंद्रप्रकाश सिंह भी चुपचाप बैठे रहे। मामला तब शांत हुआ जब सांसद हेमामालिनी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप कर दोनों को शांत कराया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बैठक के दौरान हुई इस बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना की खूब चर्चा रही।
सांसद हेमामालिनी का अधिकारियों पर सख्त रुख
विवाद शांत होने के बाद सांसद हेमामालिनी ने बैठक को आगे बढ़ाया और जिले के कई अहम मुद्दों पर अधिकारियों को फटकार लगाई।
एनएच-19 पर मथुरा से आगरा की तरफ सर्विस रोड पर जलभराव – सांसद ने एक महीने में समाधान की कार्ययोजना बनाने के आदेश दिए।
छटीकरा अंडरपास में जलभराव – इस पर कड़ी नाराजगी जताई।
बाद फ्लाईओवर की खराब गुणवत्ता – जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाई और गड्ढे भरने के निर्देश दिए।
रेलवे अंडरपास में जलभराव – तत्काल समाधान के आदेश दिए।
भारी-भरकम सड़क निर्माण योजना
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 के लिए 2753.96 किलोमीटर की सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसकी लागत 2405.62 करोड़ रुपये है। सांसद ने साफ कहा कि जनपद की सभी सड़कें गड्ढा मुक्त होनी चाहिए।
खाद, पाइपलाइन और बाढ़ मुआवजे के मुद्दे भी उठे
बैठक में कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि नरदेव चौधरी ने खाद की समस्या और कोसीकलां रिफाइनरी पाइपलाइन के पास अतिक्रमण और गंदगी का मुद्दा उठाया।
एमएलसी योगेश नौहवार ने बाढ़ प्रभावितों को मुआवजा देने और चंद्रपुरी की जर्जर टंकी को ध्वस्त कराने की मांग की।
एमएलसी ओमप्रकाश सिंह ने जनजीवन मिशन के काम समय पर पूरा करने पर जोर दिया।
जनप्रतिनिधियों ने शिलान्यास न कराए जाने पर जताई नाराजगी
विधायक पूरनप्रकाश ने आरोप लगाया कि नई परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास जनप्रतिनिधियों से नहीं कराया जा रहा है। इससे जनता में गलत संदेश जाता है और कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठते हैं। इस पर डीएम ने आदेश दिया कि आगे से सभी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण विधायकों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराया जाए।
गांवों की समस्याएं और नए प्रस्ताव
बलदेव ब्लॉक प्रमुख प्रतीक भरंगर – नगला अकोस को जोड़ने के लिए पुल और सड़क निर्माण का प्रस्ताव
गोवर्धन ब्लॉक प्रमुख विपिन सिंह – गांवों में जलनिकासी की समस्या उठाई
फरह ब्लॉक प्रमुख – नालियों की सफाई और रखरखाव की मांग रखी
डीएम ने सभी प्रस्तावों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह, नगर आयुक्त जग प्रवेश, मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना, अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह, सचिव एमवीडीए अरविंद कुमार द्विवेदी, जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल, परियोजना निदेशक डीआरडीए अरुण कुमार, जिला विकास अधिकारी गरिमा खरे, जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र पल सिंह सहित तमाम विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
राजनीतिक गरमाहट के बाद विकास पर फोकस
मथुरा की इस बैठक ने एक ओर जहां राजनीतिक तकरार को उजागर किया, वहीं जिले के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। सांसद हेमामालिनी के सख्त निर्देशों से उम्मीद है कि सड़क, जलभराव और सफाई जैसी समस्याओं पर जल्द काम होगा। हालांकि दो विधायकों की बहस ने बैठक को यादगार बना दिया और यह चर्चा अभी भी सोशल मीडिया पर जोरों पर है।

