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Modi-Lula की हाई-वोल्टेज डिप्लोमेसी: ग्लोबल साउथ की नई रणनीति और ट्रम्प युग की अर्थनीति से निपटने पर भारत-ब्राजील की बड़ी तैयारी

Modi Lula phone call ने वैश्विक कूटनीति के गलियारों में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा के बीच हुई फोन बातचीत केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें उभरती वैश्विक राजनीति, ग्लोबल साउथ की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक चुनौतियों पर गंभीर रणनीतिक विमर्श हुआ। दोनों नेताओं ने न सिर्फ मौजूदा हालात की समीक्षा की, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने के संकेत भी दिए।


🔴 तीसरी बातचीत, गहराती रणनीतिक साझेदारी

पिछले छह महीनों में यह तीसरी बार है जब प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला ने सीधे संवाद किया है। यह अपने आप में इस बात का संकेत है कि भारत और ब्राजील के रिश्ते अब औपचारिक साझेदारी से आगे बढ़कर रणनीतिक समन्वय की दिशा में बढ़ रहे हैं। दोनों देश न केवल अपने द्विपक्षीय हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं, बल्कि विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के साझा मंच—ग्लोबल साउथ—को भी एक मजबूत आवाज देने की कोशिश कर रहे हैं।


🔴 ग्लोबल साउथ की भूमिका पर जोर

Modi Lula phone call के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों की आवाज वैश्विक मंचों पर और मजबूत होनी चाहिए। जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य आपूर्ति, तकनीकी पहुंच और वित्तीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर विकासशील देशों की चुनौतियां अलग हैं, जिन्हें वैश्विक नीति-निर्माण में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह बात दोहरा चुके हैं कि दुनिया के बहुसंख्यक देशों का प्रतिनिधित्व करने वाला ग्लोबल साउथ वैश्विक फैसलों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। राष्ट्रपति लूला ने भी इस सोच का समर्थन करते हुए ब्राजील और भारत को इस दिशा में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने वाला बताया।


🔴 ट्रम्प प्रशासन की आर्थिक नीतियों पर चर्चा

बातचीत का एक अहम पहलू अमेरिका की आर्थिक नीतियों का वैश्विक असर रहा। दोनों नेताओं ने इस पर चर्चा की कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार, टैरिफ नीति और वित्तीय प्रवाह में होने वाले बदलाव विकासशील देशों पर किस तरह प्रभाव डाल सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की संरक्षणवादी नीतियां और वैश्विक व्यापार ढांचे में बदलाव भारत और ब्राजील जैसे देशों के लिए नई चुनौतियां और अवसर दोनों लेकर आ सकते हैं। इसी संदर्भ में दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग बढ़ाकर साझा रणनीति अपनाने पर जोर दिया।


🔴 फरवरी में लूला का भारत दौरा तय

फोन बातचीत के बाद राष्ट्रपति लूला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि वे 19 से 21 फरवरी के बीच भारत के दौरे पर आएंगे। इस दौरे को दोनों देशों के रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।

इस दौरान ब्राजील-भारत बिजनेस फोरम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रमुख नेता, निवेशक और नीति-निर्माता शामिल होंगे। इस मंच पर व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशे जाएंगे।


🔴 नई दिल्ली में APEX ऑफिस का उद्घाटन

Modi Lula phone call में जिस अहम पहल का जिक्र हुआ, वह है नई दिल्ली में APEX ऑफिस का उद्घाटन। यह कार्यालय भारत और ब्राजील के बीच व्यापार और निवेश सहयोग को संस्थागत रूप से मजबूत करने का केंद्र बनेगा।

APEX ऑफिस का उद्देश्य दोनों देशों के उद्यमियों को एक साझा मंच देना है, जहां वे निवेश के अवसरों, नियामक प्रक्रियाओं और साझेदारी की संभावनाओं पर सीधे संवाद कर सकें। इससे द्विपक्षीय व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है।


🔴 प्रधानमंत्री मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के बाद X पर लिखा कि राष्ट्रपति लूला से बात करके उन्हें खुशी हुई। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी में आई मजबूत गति की समीक्षा की और इसे आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

मोदी ने यह भी कहा कि वे जल्द ही भारत में राष्ट्रपति लूला का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं, जो इस बात का संकेत है कि यह दौरा केवल औपचारिक नहीं, बल्कि ठोस नीतिगत फैसलों और समझौतों की दिशा में एक अहम कदम होगा।


🔴 व्यापार और निवेश: रिश्तों की रीढ़

भारत और ब्राजील दोनों ही बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं। कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।

बिजनेस फोरम के दौरान इन क्षेत्रों में संयुक्त उद्यम, तकनीकी साझेदारी और निवेश समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है। इससे न केवल द्विपक्षीय व्यापार बढ़ेगा, बल्कि दोनों देशों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भूमिका भी मजबूत होगी।


🔴 वैश्विक मंचों पर साझा रणनीति

Modi Lula phone call इस बात का संकेत भी है कि दोनों देश G20, BRICS और संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर साझा रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। जलवायु परिवर्तन से लेकर वैश्विक वित्तीय सुधार तक, भारत और ब्राजील कई मुद्दों पर समान दृष्टिकोण रखते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों देशों की साझेदारी ग्लोबल साउथ के लिए एक मजबूत राजनीतिक और आर्थिक धुरी बन सकती है।


🔴 कूटनीति से आगे, भविष्य की रूपरेखा

यह संवाद केवल वर्तमान मुद्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भविष्य की वैश्विक व्यवस्था में भारत और ब्राजील की भूमिका को भी परिभाषित करता है। तेजी से बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच, दोनों देश अपने हितों की रक्षा के साथ-साथ विकासशील दुनिया की सामूहिक आवाज बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।


मोदी-लूला की यह बातचीत आने वाले महीनों में भारत-ब्राजील रिश्तों की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है। ग्लोबल साउथ की बढ़ती भूमिका, अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में बदलाव और व्यापारिक सहयोग की नई संभावनाओं के बीच यह साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि उभरती दुनिया के लिए भी एक नई रणनीतिक राह खोल सकती है।

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