Moradabad: 24 साल की युवती नाबालिग प्रेमी को भगा ले गई, युवती और उसके परिवार वालों केस दर्ज
Moradabad मझोला थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जिसमें एक 24 वर्षीय युवती ने 17 साल के किशोर को अपने प्रेम के जाल में फंसा लिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी युवती के खिलाफ केस दर्ज किया है। यहां उल्लेखनीय बात यह है कि आरोपी युवती ने किशोर को अपने साथ ले जाते समय 40 हजार रुपये की नकदी और मां के गहने भी ले गए।
यह घटना हमें यह दिखाती है कि आजकल कुछ युवा अपने अधूरे प्रेम और आत्मा समर्पिति के झूले में ऐसी कार्यवाही में प्रेरित हो रहे हैं, जो न केवल समाज के नैतिक मूल्यों को चुनौती देती हैं, बल्कि समाज की स्थिरता को भी हिंसा के रास्ते पर ले जाती हैं।
बेटे को मझोला क्षेत्र के गांगन वाली मैनाठेर निवासी 24 वर्षीय युवती ने अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। 25 मई को युवती किशोर को अपने साथ भगा कर ले गई। जाते समय किशोर घर से 40 हजार रुपये की नकदी और मां के जेवर भी अपने साथ ले गया। 27 मई की सुबह करीब नौ बजे उसके पास एक कॉल आई।
कॉल युवती की मां की थी। उसने कहा कि तुम्हारा बेटा मेरी बेटी से प्यार करता है। तुम लोग सोने-चांदी के सात आभूषण और 11 जोड़ी साड़ी लेकर आ जाओ। हम दोनों की शादी करा देंगे। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि को आरोपी युवती और उसके परिवार वालों केस दर्ज किया गया है।
मूंढापांडे थाना क्षेत्र से एक किशोरी लापता हो गई। उसकी मां ने नोएडा निवासी आकाश के खिलाफ अगवा करने के आरोप में केस दर्ज कराया है। महिला ने बताया कि वह मजदूरी करने परिवार के साथ नोएडा सेक्टर 31 गई थी। 17 वर्षीय बेटी भी साथ थी। वहां आकाश वाल्मीकि बेटी से बातचीत करता था।
महिला को शक हुआ तो वह अपनी बेटी को लेकर गांव आ गई थी। 29 मई की शाम बेटी अचानक लापता हो गई। आरोप है कि आकाश उसकी बेटी को अगवा कर ले गया है। आकाश नोएडा के सेक्टर 26 में रहता है। मूंढापांडे थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर आरोपी आकाश के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। किशोरी की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस घटना के पीछे की कहानी सुनते हैं, तो एक बात स्पष्ट हो जाती है कि प्यार और समर्पण के नाम पर जिन लोगों ने इस युवा को लुभाया, उनका वास्तविक उद्देश्य था केवल धन और सामाजिक स्थिति की प्राप्ति। इस घटना से सामाजिक असहाय और अज्ञान युवा किशोर के लिए एक सख्त सबक है, जो उसे यह सिखाता है कि अपनी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखना क्यों जरूरी है।

