Muzaffarnagar: शिवभक्तों की आस्था-101 किलो की कावंड मन्नत के लिए लाया,
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar ) सड़कों पर बम भोले बम का जयघोष गूंजने लगा है। कोई भोले को प्रसन्न कर बिगड़ा काम बनवाना चाहता है तो किसी को नौकरी की चाहत है। केली के केशव त्यागी ने १०१ किलो की कांवड़ उठाई है। रूक्च्र कर रहे केशव के मन में पढ़ाई पूरी कर अच्छी नौकरी की चाह है।
हरिद्वार से कांवड़ ला रहे केली और निवाड़ी के शिवभक्तों की आस्था अलग ही नजर आ रही है। ग्रुप में हापुड़ और गाजियाबाद के कांवड़ यात्री भी शामिल हैं। हरिद्वार से १ जुलाई को एक कुंतल से अधिक भारी कांवड़ उठाने वाले शिवभक्त थकान के बावजूद आस्था में चूर हैं और गंतव्य की और बढ रहे हैं।
नौकरी और तरक्की को भोले के दरबार में कांवड़िया
आस्था के महासागर में गौते लगाए शिवभक्त कांवड़िया हरिद्वार से गंगा जल लेकर गंतव्य की और बढ़ना शुरू हो गए हैं। केली निवासी शिवभक्तों ने इस बार १०१ किलो गंगाजल से भरी कांवड़ उठाई है। भोले को खुश करने के लिए केली के शिवभक्त १ जुलाई से निरंतर पैदल चलते हुए २६ जुलाई को भोले का जलाभिषेक करेंगे।
केली के केशव त्यागी बताते हैं कि उन्होंने बीबीए किया है और एमबीए कर रहे हैं।केशव ने बताया कि वह भोले का भक्त है। उसका विश्वास है कि भोले बाबा बिन मांगे ही सब मुराद पूरी कर देते हैं। वह भी भोले से उम्मीद रखता है कि उसे पढ़ाई पूरी कर अच्छी नौकरी मिल जाएगी। बताते हैं कि उनके साथ नंगला के विकास जाट भी हैं, जो भोले के दरबार में तरक्की की प्रार्थना कर रहे हैं।
पैरों के छाले भी नहीं रोक पा रहे आस्था की डगर
कांधे पर १०१ किलो की कांवड़ और पैरों में छाले। लेकिन यह सब शिव भक्त कांवड़ियों की आस्था का रास्ता नहीं रोक पा रहे। केशव त्यागी ने बताया कि उन्हें १८० किमी. से अधिक का सफर तय करना है।
बताया कि उनके ग्रुप में निवाड़ी के अमन त्यागी तथा उनके गुरुजी सचिन भी हैं। सभी भोले के भक्त हैं। बताया कि विकास जाट ने ७५ तथा अमन त्यागी ने ५१ किलो गंगाजल की कांवड़ उठाई है। इलके अलावा कपिल त्यागी आदि भी उनके साथ कांवड़ लेकर चल रहे हैं।

