Muzaffarnagar News: सरकार के 15 दिन हुए पूरे, त्यागी समाज ने कलेक्ट्रेट पर किया धरना प्रदर्शन, आगामी रणनीति में जुटा समाज
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) त्यागी भूमिहर समाज के लोगों ने धरना देकर श्रीकांत त्यागी के परिवार का उत्पीड़न करने वाले पुलिसकर्मियों तथा भाजपा सांसद पर कार्रवाई की मांग की। नोएडा में श्रीकांत त्यागी पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर उसकी पत्नी अनु त्यागी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
श्रीकांत त्यागी की पत्नी व बच्चों का उत्पीड़न किये जाने का आरोप लगाते हुए त्यागी समाज ने इस घटना के जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए 15 दिन का समय दिया था। मंगलवार को 15 दिन पूरे होने पर कार्रवाई न होने से नाराज त्यागी समाज के लोगों ने डीएम कार्यालय पर धरना दिया। मीडिया से बात करते हुए सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने बताया कि आगामी 9 तारीख को हाईवे टोल प्लाजा पर त्यागी समाज के लोग कब्जा कर उन्हें फ्री करने का काम करेंगे।
धरना समाप्ति पर त्यागी समाज के लोगों ने सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें मांग की है कि श्रीकांत त्यागी पर लगी गैंगस्टर धारा हटाई जाए और परिवार का गठन करने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए।
डीएम कार्यालय पर दिये धरने में त्यागी भूमिहर समाज के लोगों ने कहा कि नोएडा में श्रीकांत त्यागी पर अनावश्यक रूप से गैंगस्टर की कार्रवाई की गई। त्यागी सभा भवन अध्यक्ष हरिओम त्यागी ने कहा यदि श्रीकांत त्यागी किसी महिला से अभद्रता का आरोपित है। तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। त्यागी समाज उसका विरोध नहीं करेगा। लेकिन उसकी पत्नी तथा बच्चे जो इस मामले में बिल्कुल बेकसूर हैं, नोएडा पुलिस ने स्थानीय सांसद के इशारे पर उनका उत्पीड़न किया।
श्रीकांत त्यागी की पत्नी को अवैध रूप से हिरासत में रखकर टार्चर किया गया। जो अपरध श्रीकांत त्यागी ने किया था उससे इतर उस पर गैंगस्टर की धाराएं लगाकर पूरे समाज को अपमानित करने का काम किया गया। कहा कि इन सब बातों को लेकर नोएडा में पंचायत का आयोजन कर सरकार से मांग की गई थी कि 15 दिन के भीतर ऐसे हालात के जिम्मेदार नोएडा पुलिस के संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। जिसको लेकर पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर धरना दिया जा रहा है। सीएम के नाम दिये जा रहे ज्ञापन में समाज के लोगों ने कहा कि त्यागी समाज एक महिला और मासूम बच्चों के उत्पीड़न पर चुप नहीं बैठेंगे। उन्हें इसाफ दिलाया जाएगा।

