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Muzaffarnagar में बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांच को लेकर बड़ा अभियान, 215 की आंखों और दांतों की जांच; मुफ्त दवा व परामर्श भी मिला

Muzaffarnagar  में बालिकाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। भारत विकास परिषद्-मुजफ्फरनगर ‘संकल्प’ के तत्वावधान में नई मंडी स्थित भागवंती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित इस निःशुल्क शिविर में विद्यालय की छात्राओं की आंखों और दांतों की जांच की गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के साथ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी दिया और जरूरत के अनुसार दवा उपलब्ध कराई गई।

विद्यालय परिसर में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य छात्राओं के नेत्र एवं दंत स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समय रहते संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान करना रहा। कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं के साथ स्कूल स्टाफ को भी स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण और आवश्यक सलाह दी गई।

आयोजकों के मुताबिक ऐसे शिविरों के माध्यम से बच्चों और किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शुरुआती पहचान के लिए जागरूक किया जाता है। आंखों और दांतों से जुड़ी परेशानियां अक्सर शुरुआती स्तर पर सामान्य लग सकती हैं, लेकिन समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह मिलने से कई समस्याओं को बढ़ने से रोका जा सकता है।

215 बालिकाओं की नेत्र जांच, दंत परीक्षण और दवा भी उपलब्ध

शिविर में भागवंती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की 215 बालिकाओं की आंखों की जांच की गई। दंत स्वास्थ्य को लेकर भी छात्राओं का परीक्षण किया गया। उपलब्ध विवरण में दंत जांच की संख्या को लेकर दो अलग-अलग आंकड़े सामने आते हैं—कार्यक्रम के शीर्ष विवरण में 166 बालिकाओं की दंत जांच का उल्लेख है, जबकि विस्तृत आयोजन विवरण में 107 बालिकाओं के दांतों की जांच बताए जाने की जानकारी दी गई है। इसलिए दंत जांच के आंकड़े को लेकर आयोजन संबंधी मूल रिकॉर्ड में स्पष्टता आवश्यक है।

नेत्र एवं दंत परीक्षण के दौरान चिकित्सकों ने बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सावधानियों के बारे में बताया। जिन छात्राओं को किसी प्रकार की चिकित्सकीय सलाह की आवश्यकता महसूस हुई, उन्हें आवश्यक परामर्श दिया गया। शिविर में दवा भी उपलब्ध कराई गई।

यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा सकती है क्योंकि स्कूली उम्र में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान होने पर अभिभावक समय रहते आगे की चिकित्सकीय जांच करा सकते हैं।

मुजफ्फरनगर हेल्थ कैंप में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने संभाली जांच की जिम्मेदारी

Muzaffarnagar Health Camp का संचालन मुजफ्फरनगर मेडिकल एवं अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किया गया। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभि और दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. रीना ने छात्राओं की स्वास्थ्य जांच की। चिकित्सकीय टीम में सहयोगी शिवकुमार, कार्तिक और मंथन भी शामिल रहे।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी ने शिविर को केवल सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि बच्चों को संबंधित स्वास्थ्य क्षेत्रों में विशेषज्ञ सलाह उपलब्ध कराने का अवसर भी दिया।

नेत्र विशेषज्ञ द्वारा आंखों की जांच किए जाने से छात्राओं में दृष्टि संबंधी समस्याओं की पहचान करने में मदद मिल सकती है। इसी प्रकार दंत विशेषज्ञ द्वारा परीक्षण से दांतों और मसूड़ों से जुड़ी सामान्य समस्याओं के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है।

स्कूली बच्चों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि पढ़ाई, स्क्रीन का उपयोग, खानपान और दैनिक जीवनशैली का स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।

स्कूल के बच्चों और स्टाफ को भी मिला स्वास्थ्य परामर्श

स्वास्थ्य शिविर में केवल चयनित छात्राओं की जांच तक गतिविधियां सीमित नहीं रहीं। विद्यालय के बच्चों तथा समस्त स्टाफ को भी नेत्र एवं दंत स्वास्थ्य से संबंधित परीक्षण और आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया।

स्कूल ऐसा स्थान है जहां बड़ी संख्या में बच्चे रोजाना एक साथ रहते हैं। ऐसे में विद्यालय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने से एक साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों तक स्वास्थ्य संबंधी उपयोगी जानकारी पहुंचाई जा सकती है।

आंखों की देखभाल के लिए बच्चों को पढ़ाई के दौरान पर्याप्त रोशनी रखने, लंबे समय तक लगातार स्क्रीन देखने से बचने और दृष्टि में किसी प्रकार की परेशानी होने पर चिकित्सकीय जांच कराने की जरूरत समझाई जा सकती है। इसी तरह दंत स्वास्थ्य के लिए नियमित ब्रशिंग, अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों से सावधानी और आवश्यकता पड़ने पर दंत चिकित्सक से जांच कराने जैसे सामान्य उपाय उपयोगी होते हैं।

सरस्वती वंदना से शुरू हुआ कार्यक्रम, अतिथियों का हुआ स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभि और दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. रीना सहित सहयोगी शिवकुमार, कार्तिक और मंथन का ‘संकल्प’ परिवार की ओर से स्वागत किया गया।

मुख्य अतिथि शोभित सिंह, प्रबंधक-भागवंती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, का भी पटका पहनाकर और स्मृति-चिह्न प्रदान कर अभिनंदन किया गया।

इस दौरान कार्यक्रम से जुड़े पदाधिकारियों ने चिकित्सकीय टीम के योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन की ओर से भी शिविर के आयोजन में सहयोग प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. प्रवेश कुमार और अनुपमा कर्णवाल, प्रांतीय प्रकल्प प्रभारी, का सानिध्य भी प्राप्त हुआ।

विद्यालय प्रधानाचार्य और प्रबंधन का रहा विशेष सहयोग

स्वास्थ्य शिविर के आयोजन में विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉक्टर वंदना शर्मा और स्कूल प्रबंधन का विशेष सहयोग रहा। विद्यालय परिसर में इस प्रकार की स्वास्थ्य गतिविधि आयोजित करने के लिए आवश्यक समन्वय और व्यवस्थाओं में स्कूल प्रबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

छात्राओं के लिए स्वास्थ्य जांच का आयोजन स्कूल के नियमित शैक्षणिक वातावरण के बीच स्वास्थ्य जागरूकता को जोड़ने का प्रयास भी माना जा सकता है। इससे विद्यार्थियों को यह संदेश मिलता है कि पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य की देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है।

विशेष रूप से किशोरावस्था में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता महत्वपूर्ण होती है। इस उम्र में सामने आने वाली कई समस्याओं को समय रहते पहचाना जा सकता है, यदि नियमित स्वास्थ्य जांच और उचित परामर्श की व्यवस्था उपलब्ध हो।

भारत विकास परिषद ‘संकल्प’ ने फिर उठाया स्वास्थ्य सेवा का मुद्दा

भारत विकास परिषद्-मुजफ्फरनगर ‘संकल्प’ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक संगठनों की स्वास्थ्य सेवा में भागीदारी को भी सामने रखा। संस्था की ओर से समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई।

‘संकल्प’ शाखा अध्यक्ष अवनीश गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि ‘संकल्प’ परिवार की ओर से नियमित रूप से ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते रहते हैं। उनका कहना था कि इन आयोजनों का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श का लाभ उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं होती। जागरूकता कार्यक्रम और सामुदायिक स्वास्थ्य शिविर भी लोगों को समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित करने में भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम चेयरमैन ई. लोकेश चंद्रा और संयोजक विष्णु स्वरूप अग्रवाल की भूमिका

कार्यक्रम के चेयरमैन ई. लोकेश चंद्रा और कार्यक्रम संयोजक विष्णु स्वरूप अग्रवाल का आयोजन में विशेष सहयोग रहा। उनके साथ डॉ. अजय गर्ग ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

स्वास्थ्य शिविर जैसे आयोजनों में चिकित्सकों की उपलब्धता के अलावा आयोजन स्थल, विद्यार्थियों का समन्वय, पंजीकरण, जांच की व्यवस्था और चिकित्सकीय टीम के साथ संपर्क जैसी कई व्यवस्थाएं शामिल होती हैं। इस पूरे आयोजन में संस्था और विद्यालय प्रबंधन के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहा।

आंखों की जांच को लेकर बच्चों में जागरूकता क्यों जरूरी

बच्चों की आंखों का स्वास्थ्य उनकी शिक्षा और दैनिक जीवन दोनों से जुड़ा हुआ है। यदि किसी बच्चे को बोर्ड देखने, किताब पढ़ने या दूर की वस्तुओं को देखने में परेशानी हो रही हो, तो उसका असर पढ़ाई पर भी पड़ सकता है।

कई बार बच्चे अपनी दृष्टि संबंधी समस्या को स्पष्ट रूप से बता नहीं पाते। ऐसे में स्कूल स्तर पर होने वाली जांच संभावित परेशानी की पहचान का शुरुआती माध्यम बन सकती है।

आज के समय में मोबाइल फोन, टैबलेट, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरण बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। इसका अर्थ यह नहीं कि हर दृष्टि संबंधी समस्या स्क्रीन के कारण होती है, लेकिन लंबे समय तक स्क्रीन इस्तेमाल करते समय उचित दूरी, रोशनी और बीच-बीच में आंखों को आराम देने जैसी सामान्य सावधानियां उपयोगी हो सकती हैं।

यदि किसी बच्चे को लगातार आंखों में दर्द, धुंधला दिखाई देना, सिरदर्द या पढ़ते समय परेशानी जैसी शिकायत हो, तो चिकित्सकीय सलाह लेना उचित माना जाता है।

दंत स्वास्थ्य की अनदेखी भी पड़ सकती है भारी

दांतों और मसूड़ों की समस्या को अक्सर लोग तब गंभीरता से लेते हैं जब दर्द या संक्रमण बढ़ जाता है। बच्चों में नियमित दंत जांच और सही मौखिक स्वच्छता की आदतें भविष्य में कई समस्याओं से बचाव में मदद कर सकती हैं।

नियमित रूप से दांत साफ करना, भोजन के बाद मुंह की स्वच्छता बनाए रखना और अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखना दंत स्वास्थ्य के सामान्य उपायों में शामिल हैं।

स्कूल में आयोजित दंत जांच शिविर बच्चों को सीधे विशेषज्ञ से अपनी समस्या समझने का अवसर देता है। यदि किसी बच्चे को आगे जांच या उपचार की जरूरत हो, तो अभिभावकों को उसके अनुसार कदम उठाने की सलाह दी जा सकती है।

स्वास्थ्य जांच के साथ जागरूकता पर भी रहा जोर

मुजफ्फरनगर के इस स्वास्थ्य शिविर की एक खास बात यह रही कि यहां जांच के साथ स्वास्थ्य जागरूकता को भी महत्व दिया गया। केवल बीमारी की पहचान करना पर्याप्त नहीं है; लोगों को यह जानकारी देना भी जरूरी है कि भविष्य में उस समस्या से कैसे बचा जा सकता है।

बालिकाओं की आंखों और दांतों की जांच के माध्यम से उन्हें व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। विद्यालय स्टाफ को भी आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया गया।

ऐसे कार्यक्रमों में बच्चों के साथ शिक्षक और अभिभावक भी अप्रत्यक्ष रूप से जागरूक होते हैं। इससे स्वास्थ्य संबंधी जानकारी परिवार तक पहुंचने की संभावना बढ़ती है।

मुख्य अतिथि शोभित सिंह ने किया चिकित्सकीय टीम का अभिनंदन

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शोभित सिंह, प्रबंधक भागवंती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मौजूद रहे। ‘संकल्प’ परिवार की ओर से उनका पटका पहनाकर और स्मृति-चिह्न देकर सम्मान किया गया।

चिकित्सकीय टीम का भी सम्मान और स्वागत किया गया। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपना समय देकर छात्राओं की जांच की और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सलाह दी।

विद्यालय प्रबंधन और सामाजिक संगठन के बीच इस प्रकार की साझेदारी से बच्चों को उनके स्कूल परिसर में ही प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं और विशेषज्ञ परामर्श तक पहुंच मिल सकती है।

कार्यक्रम में कई पदाधिकारी और समाजसेवी रहे मौजूद

स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक लोग उपस्थित रहे। इनमें सुभाष चंद्र गुप्ता, जगदीश पालीवाल, शिशुकांत गर्ग, अरुण राजवंशी, संदीप दास, अनुज माहेश्वरी, अभिषेक जैन, सुरेंद्र नाथ मित्तल और कुलदीप गुप्ता सहित अन्य लोग शामिल रहे।

निधि जैन सहित अन्य उपस्थित सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। समस्त चिकित्सकीय टीम के विशेष सहयोग से शिविर की जांच प्रक्रिया पूरी की गई।

इस तरह कार्यक्रम में चिकित्सकीय विशेषज्ञों, विद्यालय प्रबंधन, सामाजिक संस्था के पदाधिकारियों और स्थानीय सहयोगियों की सहभागिता दिखाई दी।

बालिकाओं के स्वास्थ्य पर केंद्रित ऐसे शिविरों की जरूरत

बालिकाओं का स्वास्थ्य किसी भी समाज की सामाजिक और शैक्षणिक प्रगति से सीधे जुड़ा विषय है। स्कूल जाने वाली किशोरियों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और सही जानकारी उपलब्ध होना विशेष महत्व रखता है।

आंखों और दांतों से जुड़ी समस्याओं के अलावा किशोरावस्था में पोषण, स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य और अन्य स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर भी सही और उम्र के अनुरूप जानकारी जरूरी होती है। स्वास्थ्य शिविर ऐसे संवाद के लिए एक उपयोगी मंच प्रदान कर सकते हैं।

हालांकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए शिविर में दी गई प्रारंभिक सलाह के साथ आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विशेषज्ञ से विस्तृत जांच कराना जरूरी होता है। स्वास्थ्य संबंधी निर्णय व्यक्तिगत स्थिति और चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर ही लिया जाना चाहिए।

मुफ्त स्वास्थ्य जांच से जरूरतमंद परिवारों को मिल सकता है फायदा

निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविरों का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि लोगों को प्रारंभिक जांच और परामर्श के लिए अतिरिक्त खर्च किए बिना विशेषज्ञों तक पहुंच का अवसर मिलता है। विशेष रूप से ऐसे परिवारों के लिए यह उपयोगी हो सकता है जो सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं को लंबे समय तक नजरअंदाज करते रहते हैं।

हालांकि किसी भी शिविर को नियमित चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। यदि जांच के दौरान किसी स्वास्थ्य समस्या की संभावना सामने आती है, तो उचित चिकित्सकीय केंद्र पर आगे की जांच और उपचार आवश्यक हो सकता है।

इसी वजह से स्वास्थ्य शिविरों की वास्तविक उपयोगिता जांच के साथ-साथ सही रेफरल और जागरूकता में भी होती है।

मुजफ्फरनगर में सामाजिक संस्थाओं और स्कूलों की साझेदारी

इस आयोजन ने यह भी दिखाया कि विद्यालय और सामाजिक संगठन मिलकर स्वास्थ्य जागरूकता को व्यापक स्तर तक पहुंचा सकते हैं। स्कूलों में बच्चों की बड़ी संख्या मौजूद रहती है और वहीं विशेषज्ञों को बुलाकर जांच कराने से समय और संसाधनों की बचत भी हो सकती है।

भारत विकास परिषद ‘संकल्प’ की ओर से आयोजित यह शिविर इसी तरह की सामाजिक सहभागिता का उदाहरण रहा। विद्यालय प्रबंधन के सहयोग से छात्राओं को स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिली और चिकित्सकों ने मौके पर आवश्यक परामर्श दिया।

भविष्य में भी यदि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होते हैं, तो बच्चों और अभिभावकों के बीच स्वास्थ्य जांच को लेकर जागरूकता बढ़ सकती है।

कार्यक्रम ने दिया स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का संदेश

भागवंती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, नई मंडी में आयोजित स्वास्थ्य शिविर ने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के साथ नियमित स्वास्थ्य देखभाल भी जरूरी है।

215 बालिकाओं की नेत्र जांच और दंत स्वास्थ्य परीक्षण से जुड़ी गतिविधियों ने स्कूल स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपयोगिता को सामने रखा। चिकित्सकीय टीम द्वारा दवा और परामर्श दिए जाने से कार्यक्रम को व्यावहारिक रूप भी मिला।

साथ ही, संस्था की ओर से नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की बात बताती है कि सामाजिक संगठनों की भूमिका केवल सामाजिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। स्वास्थ्य, शिक्षा और जागरूकता जैसे क्षेत्रों में भी उनकी भागीदारी समाज के लिए उपयोगी हो सकती है।

मुजफ्फरनगर हेल्थ कैंप से बालिकाओं को मिला स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश

Muzaffarnagar Health Camp के दौरान छात्राओं को यह संदेश मिला कि स्वास्थ्य संबंधी छोटी समस्या को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आंखों या दांतों से जुड़ी परेशानी समय के साथ बढ़ सकती है, इसलिए आवश्यकता के अनुसार समय पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।

शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभि और दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. रीना ने अपनी सेवाएं दीं। उनके साथ शिवकुमार, कार्तिक और मंथन ने सहयोग किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शोभित सिंह का स्वागत किया गया और उन्हें स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया।

डॉ. प्रवेश कुमार और अनुपमा कर्णवाल, प्रांतीय प्रकल्प प्रभारी, की मौजूदगी ने भी आयोजन को महत्वपूर्ण बनाया। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉक्टर वंदना शर्मा और स्कूल प्रबंधन ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।

कार्यक्रम चेयरमैन ई. लोकेश चंद्रा, संयोजक विष्णु स्वरूप अग्रवाल और डॉ. अजय गर्ग का विशेष सहयोग रहा। वहीं सुभाष चंद्र गुप्ता, जगदीश पालीवाल, शिशुकांत गर्ग, अरुण राजवंशी, संदीप दास, अनुज माहेश्वरी, अभिषेक जैन, सुरेंद्र नाथ मित्तल, कुलदीप गुप्ता और निधि जैन सहित कई लोग उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य सेवा की पहल को आगे बढ़ाने की जरूरत

स्कूलों में आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर शुरुआती स्तर पर जागरूकता पैदा करने का प्रभावी माध्यम हो सकते हैं। खासकर आंखों और दांतों जैसी समस्याओं में समय पर जांच और उचित सलाह मिलने से बच्चों को आगे की परेशानी से बचाने में मदद मिल सकती है।

मुजफ्फरनगर में भारत विकास परिषद ‘संकल्प’ द्वारा आयोजित यह शिविर इसी दिशा में एक प्रयास रहा। संस्था के अध्यक्ष अवनीश गोयल ने भी नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही है, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों को स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सकीय परामर्श का लाभ मिल सके।

बालिकाओं के स्वास्थ्य से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता से स्कूलों में स्वास्थ्य संस्कृति विकसित की जा सकती है। नियमित जांच, सही जानकारी और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ उपचार—इन तीनों के बीच बेहतर समन्वय बच्चों के स्वस्थ भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

मुजफ्फरनगर में आयोजित स्वास्थ्य शिविर ने बालिकाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। भागवंती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, नई मंडी में आयोजित शिविर में 215 बालिकाओं की नेत्र जांच की गई और दंत स्वास्थ्य का परीक्षण भी किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आवश्यक परामर्श और दवा उपलब्ध कराई। भारत विकास परिषद्-मुजफ्फरनगर ‘संकल्प’, विद्यालय प्रबंधन और चिकित्सकीय टीम के संयुक्त सहयोग से आयोजित यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि समय पर स्वास्थ्य जांच और सही चिकित्सकीय सलाह बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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