Muzaffarnagar में व्यापारियों और अफसरों की अहम बैठक, मंत्री कपिल देव ने कहा- ‘व्यापारी देश की धुरी’, उत्पीड़न पर होगी सुनवाई; स्कूटर रैली स्थगित
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Muzaffarnagar News, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन, कपिल देव अग्रवाल, कृष्ण गोपाल मित्तल, जिला पूर्ति विभाग, जीएसटी विभाग, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर व्यापार समाचार, राकेश त्यागी, विद्युत विभाग, व्यापार मंडल, व्यापार संगठन, व्यापारियों का उत्पीड़न, व्यापारी प्रतिनिधि, व्यापारी बैठक, व्यापारी समस्याएं, स्कूटर रैलीMuzaffarnagar में व्यापारियों से जुड़ी समस्याओं और विभिन्न विभागों के साथ उनके समन्वय को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन रजि. की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यापारियों ने अलग-अलग सरकारी विभागों से संबंधित अपनी आम समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। इस दौरान मौजूद अधिकारियों ने व्यापारियों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का भरोसा दिया।
बैठक में स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने व्यापारियों और अधिकारियों के बीच संवाद को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की धुरी हैं और किसी भी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी द्वारा व्यापारियों का नाजायज उत्पीड़न नहीं किया जाना चाहिए।
बैठक का एक और महत्वपूर्ण परिणाम सामने आया। संगठन की ओर से आगामी 11 सितंबर को प्रस्तावित स्कूटर रैली को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय व्यापार संगठन के पदाधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के बीच हुई सौहार्दपूर्ण बातचीत के बाद लिया गया।
व्यापारियों की समस्याओं पर सीधे अधिकारियों से हुई बातचीत
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन रजि. की बैठक में व्यापारियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में मौजूद व्यापारियों ने अपने दैनिक कारोबार से जुड़े मामलों और विभिन्न सरकारी विभागों से संबंधित समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा।
व्यापारियों की ओर से यह बात प्रमुखता से रखी गई कि कारोबार के दौरान उन्हें अलग-अलग विभागों के साथ लगातार संपर्क में रहना पड़ता है। ऐसे में यदि किसी स्तर पर प्रक्रिया को लेकर परेशानी आती है या किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी के व्यवहार को लेकर शिकायत होती है, तो उसके समाधान की प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए।
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि किसी भी विभाग से संबंधित समस्या के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
इस बातचीत से व्यापारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच सीधे संवाद का रास्ता मजबूत करने का प्रयास दिखाई दिया।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा- व्यापारी देश की धुरी
बैठक में स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने व्यापारियों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि व्यापारी देश की धुरी हैं और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है।
उन्होंने अधिकारियों और व्यापारियों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी द्वारा व्यापारी का नाजायज उत्पीड़न नहीं किया जाना चाहिए।
मंत्री ने व्यापारियों को यह भरोसा भी दिलाया कि यदि किसी व्यापारी को किसी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी से शिकायत है, तो वह उसकी समस्या के समाधान के लिए उपलब्ध रहेंगे।
उनके इस बयान का बैठक में मौजूद व्यापार संगठन के पदाधिकारियों ने स्वागत किया।
व्यापारियों ने उठाए रोजमर्रा की कारोबारी समस्याओं से जुड़े मुद्दे
व्यापारियों का कारोबार कई सरकारी विभागों से जुड़ा होता है। जीएसटी, आपूर्ति, बिजली और अन्य विभागों से संबंधित प्रक्रियाओं के बीच कारोबारियों को अलग-अलग स्तर पर काम करना पड़ता है।
बैठक में इन्हीं विभागीय व्यवस्थाओं से जुड़ी आम समस्याओं पर चर्चा की गई। व्यापारियों ने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी और अपेक्षा जताई कि शिकायतों का समाधान अनावश्यक देरी के बिना किया जाए।
अधिकारियों की मौजूदगी में समस्याओं को सीधे रखने से व्यापारियों को अपनी बात संबंधित विभाग के प्रतिनिधि तक पहुंचाने का अवसर मिला।
एक मंच पर कई विभागों के अधिकारी मौजूद
बैठक की खास बात यह रही कि इसमें विभिन्न सरकारी विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इससे व्यापारियों को अलग-अलग विभागों से संबंधित समस्याओं को एक ही मंच पर रखने का अवसर मिला।
बैठक में एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी श्री हरिओम उपाध्याय, जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर कृष्ण कुमार, डिप्टी कमिश्नर अभय सिंह, जॉइंट कमिश्नर गौरी शंकर और जॉइंट कमिश्नर राजनाथ तिवारी मौजूद रहे।
इसके अलावा असिस्टेंट कमिश्नर सचल दल सौरभ त्रिपाठी और असिस्टेंट कमिश्नर सचल दल राजीव राय ने भी बैठक में भाग लिया।
विद्युत विभाग की ओर से एससी एसके अग्रवाल, एसडीओ प्रयूष त्यागी और विनीत सैनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इस तरह बैठक में प्रशासन, पुलिस, आपूर्ति, जीएसटी और विद्युत विभाग से जुड़े अधिकारियों की मौजूदगी रही।
जीएसटी अधिकारियों के सामने भी रखी गई व्यापारियों की बात
बैठक में जीएसटी विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में व्यापारियों से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। डिप्टी कमिश्नर कृष्ण कुमार, डिप्टी कमिश्नर अभय सिंह, जॉइंट कमिश्नर गौरी शंकर और जॉइंट कमिश्नर राजनाथ तिवारी बैठक में मौजूद रहे।
व्यापारियों के लिए जीएसटी से जुड़े नियम और प्रक्रियाएं कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में विभागीय अधिकारियों और व्यापारियों के बीच संवाद से समस्याओं को सीधे समझने और उनका समाधान तलाशने में मदद मिल सकती है।
बैठक में अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और संबंधित विषयों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करने की बात कही।
बिजली विभाग से जुड़ी समस्याओं पर भी हुई चर्चा
बैठक में विद्युत विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। एससी एसके अग्रवाल, एसडीओ प्रयूष त्यागी और विनीत सैनी सहित विद्युत विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए बिजली आपूर्ति और उससे संबंधित विभागीय प्रक्रियाएं कारोबार की नियमित गतिविधियों का हिस्सा होती हैं। व्यापारियों ने इस स्तर पर आने वाली समस्याओं को लेकर भी बातचीत की।
अधिकारियों की मौजूदगी ने व्यापारियों को अपनी बात सीधे विद्युत विभाग के प्रतिनिधियों तक पहुंचाने का अवसर दिया।
आपूर्ति विभाग से जुड़े मामलों पर भी बातचीत
जिला पूर्ति अधिकारी श्री हरिओम उपाध्याय भी बैठक में उपस्थित रहे। व्यापारियों ने आपूर्ति विभाग से संबंधित आम समस्याओं पर भी चर्चा की।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों को एक साथ बुलाने का उद्देश्य व्यापारियों की शिकायतों और समस्याओं को व्यापक स्तर पर सुनना रहा। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने समस्याओं को गंभीरता से लेने और प्राथमिकता के आधार पर उनके समाधान का आश्वासन दिया।
एएसपी की मौजूदगी ने बढ़ाया बैठक का महत्व
बैठक में एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा की मौजूदगी भी रही। व्यापारियों और पुलिस-प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय को लेकर ऐसी बैठकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
व्यापारिक प्रतिष्ठानों और बाजारों में कानून-व्यवस्था का सीधा प्रभाव कारोबार पर पड़ता है। इसलिए व्यापारियों और पुलिस अधिकारियों के बीच संवाद से सुरक्षा और अन्य संबंधित समस्याओं को बेहतर ढंग से सामने रखा जा सकता है।
बैठक में व्यापारियों ने अपने मुद्दे रखे और अधिकारियों ने उन्हें सुनते हुए समाधान का भरोसा दिया।
कृष्ण गोपाल मित्तल ने व्यापारियों के योगदान को बताया महत्वपूर्ण
बैठक की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण गोपाल मित्तल ने की। उन्होंने व्यापारियों की आर्थिक भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में व्यापारियों का बहुत बड़ा योगदान है।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों द्वारा अदा किए जाने वाले टैक्स से सरकारी विभाग और सरकारें संचालित होती हैं। इसलिए व्यापारियों की समस्याओं का समाधान अधिकारियों द्वारा तत्परता के साथ किया जाना चाहिए।
कृष्ण गोपाल मित्तल ने व्यापारियों और अधिकारियों के बीच सहयोगपूर्ण संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उनका कहना था कि व्यापारी यदि अपने काम से जुड़े मामलों में किसी समस्या का सामना करते हैं तो संबंधित विभाग को उनकी बात को गंभीरता से लेकर उसका समाधान करना चाहिए।
जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने भी उठाया उत्पीड़न का मुद्दा
संगठन के जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने भी व्यापारियों के साथ किसी प्रकार के नाजायज उत्पीड़न का विरोध किया। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग द्वारा व्यापारी का नाजायज उत्पीड़न नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने व्यापारियों के हितों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता से देखने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में मौजूद अधिकारियों के सामने उन्होंने संगठन और व्यापारियों की समस्याओं को रखा।
राकेश त्यागी ने व्यापारियों और प्रशासन के बीच सकारात्मक संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
सौहार्दपूर्ण बैठक के बाद स्थगित हुई 11 सितंबर की स्कूटर रैली
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम आगामी 11 सितंबर को प्रस्तावित स्कूटर रैली को लेकर रहा। व्यापार संगठन द्वारा निकाली जाने वाली इस रैली को बैठक के बाद स्थगित कर दिया गया।
यह निर्णय व्यापार संगठन के पदाधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के बीच हुई सौहार्दपूर्ण बैठक के बाद लिया गया।
बैठक में व्यापारियों की समस्याओं पर अधिकारियों से सीधे बातचीत हुई और समाधान का आश्वासन मिलने के बाद संगठन की ओर से प्रस्तावित रैली को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया गया।
इस घटनाक्रम को व्यापारियों और अधिकारियों के बीच संवाद के जरिए समाधान तलाशने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा सकता है।
रैली स्थगित, लेकिन व्यापारियों के मुद्दे बने रहेंगे महत्वपूर्ण
स्कूटर रैली का स्थगित होना यह संकेत देता है कि संगठन ने बातचीत और समाधान की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है। हालांकि व्यापारियों की समस्याएं बैठक में उठाई गईं और अधिकारियों से उनके समाधान की अपेक्षा भी रखी गई।
अब महत्वपूर्ण यह होगा कि बैठक में दिए गए आश्वासन किस प्रकार व्यवहार में लागू होते हैं। व्यापारियों की अपेक्षा है कि विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाए।
संगठन की ओर से भी व्यापारियों के मुद्दों को लेकर आगे अधिकारियों से संवाद बनाए रखने की संभावना बनी रहेगी।
व्यापारियों और अधिकारियों के बीच तालमेल पर जोर
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बैठक में व्यापारियों और अधिकारियों के बीच सामंजस्य बनाने पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि व्यापारियों को किसी भी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी से शिकायत होने पर समाधान के लिए उनसे संपर्क किया जा सकता है।
यह संदेश व्यापारियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अलग-अलग सरकारी विभागों से संबंधित मामलों में उन्हें अक्सर अधिकारियों के साथ संपर्क करना पड़ता है।
यदि दोनों पक्षों के बीच संवाद की व्यवस्था मजबूत होती है तो छोटी समस्याओं का समाधान बड़े विवाद में बदलने से पहले ही किया जा सकता है।
व्यापारिक गतिविधियों के लिए बेहतर माहौल की जरूरत
किसी भी शहर की अर्थव्यवस्था में स्थानीय बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। व्यापारियों का कारोबार सीधे तौर पर रोजगार, आपूर्ति श्रृंखला और सरकारी राजस्व से जुड़ा होता है।
इसी वजह से व्यापारियों और सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय कारोबारी माहौल के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
बैठक में कृष्ण गोपाल मित्तल ने व्यापारियों द्वारा दिए जाने वाले टैक्स को सरकार और सरकारी विभागों के संचालन से जोड़ते हुए उनकी भूमिका को रेखांकित किया।
वहीं कपिल देव अग्रवाल ने व्यापारियों को देश की धुरी बताते हुए अधिकारियों से नाजायज उत्पीड़न से बचने का संदेश दिया।
सैकड़ों व्यापारियों की मौजूदगी में हुई बैठक
बैठक में संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। समाजसेवी देवराज पवार, जिला युवा अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, जिला युवा महामंत्री भूपेंद्र गोयल और नगर अध्यक्ष महिला मोर्चा गीता ठाकुर ने बैठक में भाग लिया।
नमकीन एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील तायल और प्रेस प्रवक्ता सुनील वर्मा भी उपस्थित रहे।
इसके अलावा कुलदीप मित्तल, हर्ष गुलाटी, आदित्य बंसल, सतीश मोहन सर्राफ, संघर्ष समिति के आशीष मित्तल, आकाश मित्तल, कार्तिक मित्तल और शुभम शर्मा सहित संगठन से जुड़े कई पदाधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
सुरेश चंद्र, नवीन चौधरी, करम सिंह, अंशुल तायल, प्रदीप कुमार, जतिन कुमार, पिंकी चौधरी, कल्पना ठाकुर, गीता गुर्जर, शोभा, अलका, प्रदीप कुमार और कपिल कुमार सहित सैकड़ों व्यापारी भी बैठक में शामिल हुए।
व्यापार संगठन ने अधिकारियों के सामने रखा अपना पक्ष
व्यापार संगठन की ओर से बैठक में यह स्पष्ट रूप से कहा गया कि व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। संगठन का कहना रहा कि किसी भी विभाग के स्तर पर व्यापारी को अनावश्यक परेशानी या उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़े।
अधिकारियों की मौजूदगी में समस्याएं सामने आने से संबंधित विभागों को सीधे व्यापारियों की शिकायतें सुनने का अवसर मिला।
बैठक का माहौल सौहार्दपूर्ण रहा और दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए समाधान तलाशने पर जोर दिखाई दिया।
मंत्री कपिल देव ने व्यापारियों को दिया भरोसा
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बैठक में व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि किसी व्यापारी को किसी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी से शिकायत है तो वह समस्या के समाधान के लिए उनके सामने अपनी बात रख सकता है।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए वह हर समय खड़े हैं।
मंत्री के इस रुख को व्यापार संगठन की ओर से सकारात्मक संदेश के रूप में देखा गया। इससे अधिकारियों और व्यापारियों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने की संभावना भी मजबूत हुई।
व्यापारियों के टैक्स योगदान का मुद्दा भी प्रमुख रहा
प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण गोपाल मित्तल ने बैठक में व्यापारियों के टैक्स योगदान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों द्वारा अदा किए गए टैक्स से सरकारी विभाग और सरकारें चलती हैं।
उनका कहना था कि जब व्यापारी अर्थव्यवस्था और राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं तो उनकी समस्याओं का समाधान भी तत्परता से होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से व्यापारियों की शिकायतों को गंभीरता से लेकर जल्द समाधान करने की अपेक्षा जताई।
बैठक में सामने आया संवाद से समाधान का रास्ता
पूरी बैठक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू अधिकारियों और व्यापारियों के बीच सीधा संवाद रहा। व्यापारियों ने अपनी समस्याएं रखीं और अधिकारियों ने उन्हें सुनने के बाद समाधान का भरोसा दिया।
किसी भी विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय बातचीत के माध्यम से समस्या का रास्ता निकालने की कोशिश की गई। इसी क्रम में 11 सितंबर की प्रस्तावित स्कूटर रैली को भी स्थगित करने का निर्णय सामने आया।
इससे यह संकेत मिलता है कि संगठन फिलहाल संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दे रहा है।
Muzaffarnagar News में व्यापारिक संगठनों की बैठक बनी चर्चा का विषय
Muzaffarnagar News के लिहाज से व्यापार संगठन की यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण रही क्योंकि इसमें एक साथ कई विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा से लेकर जिला पूर्ति अधिकारी हरिओम उपाध्याय, जीएसटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और विद्युत विभाग के अधिकारियों तक विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया।
व्यापारियों ने विभागवार समस्याएं रखीं और अधिकारियों ने उनके समाधान को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। मंत्री कपिल देव अग्रवाल की मौजूदगी ने बैठक को और महत्वपूर्ण बनाया।
11 सितंबर की प्रस्तावित रैली पर लगा फिलहाल विराम
व्यापार संगठन की ओर से आगामी 11 सितंबर को स्कूटर रैली निकाले जाने की योजना थी। लेकिन अधिकारियों और व्यापार संगठन के पदाधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद इस कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया।
रैली स्थगित करने का फैसला बैठक के सौहार्दपूर्ण माहौल और अधिकारियों की ओर से समस्याओं के समाधान के आश्वासन के बाद लिया गया।
अब व्यापारियों की नजर इस बात पर रहेगी कि बैठक में जिन समस्याओं पर चर्चा हुई, उनका समाधान कितनी तेजी से होता है।
व्यापारियों की समस्याओं के समाधान पर अब रहेगी नजर
बैठक के दौरान अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का आश्वासन दिया है। ऐसे में बैठक के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण इन समस्याओं पर वास्तविक कार्रवाई का होगा।
व्यापार संगठन की ओर से लगातार यह मांग उठाई जाती रही है कि व्यापारियों को विभागीय कार्रवाई के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में मंत्री कपिल देव अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण गोपाल मित्तल और जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी द्वारा इस विषय को प्रमुखता से उठाया गया।
व्यापारी और प्रशासन साथ आए तो मजबूत होगा कारोबारी माहौल
किसी भी शहर के बाजारों में व्यापार सुचारू रूप से चलाने के लिए व्यापारी समुदाय और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच सहयोग जरूरी है। व्यापारियों को नियमों का पालन करना होता है, वहीं अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है कि नियमों को पारदर्शी और उचित तरीके से लागू किया जाए।
दोनों पक्षों के बीच नियमित संवाद होने से गलतफहमियों और अनावश्यक विवादों को कम किया जा सकता है। मुजफ्फरनगर की इस बैठक में भी इसी तरह के संवाद को प्राथमिकता दी गई।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी अधिकारियों और व्यापारियों के बीच सामंजस्य पर जोर दिया।
संगठन की बैठक में दिखी व्यापक भागीदारी
बैठक में व्यापार संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों, युवा इकाई, महिला मोर्चा, संघर्ष समिति और अलग-अलग व्यापारिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।
सैकड़ों व्यापारियों की उपस्थिति ने यह दिखाया कि विभागीय समस्याओं को लेकर व्यापारिक समुदाय के भीतर संवाद और समाधान की आवश्यकता महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।
बैठक में सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिला और अधिकारियों ने भी समस्याओं को सुनकर समाधान का आश्वासन दिया।
अब आश्वासन से आगे समाधान की उम्मीद
बैठक के बाद व्यापारियों के सामने सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि जिन समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा गया है, उनका समाधान भी धरातल पर दिखाई दे। व्यापारियों की शिकायतों को प्राथमिकता देने की बात अधिकारियों की ओर से कही गई है।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी किसी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी से शिकायत होने पर व्यापारियों की मदद के लिए उपलब्ध रहने की बात कही है।
व्यापार संगठन की ओर से भी यह स्पष्ट किया गया कि व्यापारी का नाजायज उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक के सकारात्मक माहौल और 11 सितंबर की स्कूटर रैली स्थगित किए जाने के बाद अब सभी की नजर आगे होने वाली कार्रवाई पर रहेगी।
मुजफ्फरनगर के व्यापारियों के लिए बैठक से क्या निकला
इस बैठक से तीन प्रमुख बातें सामने आईं। पहली, व्यापारियों ने विभिन्न विभागों से संबंधित अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने सीधे रखीं। दूसरी, अधिकारियों ने समस्याओं को गंभीरता से सुनकर प्राथमिकता के आधार पर समाधान का भरोसा दिया। तीसरी, संगठन ने अधिकारियों के साथ हुई सौहार्दपूर्ण बातचीत के बाद 11 सितंबर को प्रस्तावित स्कूटर रैली को स्थगित कर दिया।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने व्यापारियों को समर्थन का भरोसा देते हुए नाजायज उत्पीड़न से बचने की बात कही। वहीं कृष्ण गोपाल मित्तल और राकेश त्यागी ने भी व्यापारियों के हितों और समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में मौजूद विभिन्न विभागों के अधिकारियों और सैकड़ों व्यापारियों की भागीदारी ने इसे व्यापक स्तर की बातचीत का रूप दिया। अब व्यापारियों को उम्मीद है कि बैठक में उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभाग तेजी से कार्रवाई करेंगे और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

