Muzaffarnagar: भगवान परशुराम जन्मोत्सव को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी तेज, 12 अप्रैल ध्वज यात्रा और 17 अप्रैल भव्य शोभायात्रा की रणनीति तय
News-Desk
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Muzaffarnagar Parshuram Jayanti 2026, धार्मिक शोभायात्रा, ध्वज यात्रा कार्यक्रम, परशुराम शोभायात्रा मुजफ्फरनगर, ब्राह्मण समाज आयोजन, भगवान परशुराम जन्मोत्सव, मुजफ्फरनगर समाचार, सामाजिक एकता कार्यक्रमMuzaffarnagar में भगवान परशुराम जन्मोत्सव को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की दिशा में तैयारियां तेज हो गई हैं। ‘भगवान परशुराम जन्मोत्सव समारोह समिति’ ने समाज को एकजुट करने और व्यापक स्तर पर आयोजन को सफल बनाने के उद्देश्य से अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में भारतीय कॉलोनी स्थित चंद्रमणि शर्मा के निवास पर समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई।
बैठक के दौरान आयोजन को सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए इसे अधिक प्रभावशाली बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
12 अप्रैल को ध्वज यात्रा और अभिषेक कार्यक्रम पर विशेष चर्चा
बैठक में 12 अप्रैल को आयोजित होने वाली ध्वज यात्रा और अभिषेक कार्यक्रम को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस दिन धार्मिक अनुष्ठानों के साथ समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
ध्वज यात्रा को अनुशासित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियां भी तय की गईं, ताकि कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में सम्पन्न हो सके।
17 अप्रैल की भव्य शोभायात्रा को लेकर बनाई गई विस्तृत रणनीति
बैठक का प्रमुख केंद्र 17 अप्रैल को प्रस्तावित भव्य शोभायात्रा रहा। समिति सदस्यों ने शोभायात्रा के मार्ग, स्वागत द्वारों की स्थापना, सांस्कृतिक झांकियों की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
आयोजन को आकर्षक और व्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न टीमों का गठन किया गया और प्रत्येक जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई।
समाज में एकता और सांस्कृतिक संदेश देने पर दिया गया विशेष जोर
समिति के अध्यक्ष शरणदीप कौशिक और संजय मिश्रा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आयोजन की सफलता समाज के आपसी समन्वय, अनुशासन और सक्रिय सहभागिता पर निर्भर करती है। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष का जन्मोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रहकर समाज में एकता, सांस्कृतिक चेतना और परंपराओं के सम्मान का संदेश देगा।
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सौंपी गई अलग-अलग जिम्मेदारियां
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां सौंप दी गईं। आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए स्वागत व्यवस्था, शोभायात्रा संचालन, जनसंपर्क, सुरक्षा समन्वय और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़े अलग-अलग कार्य निर्धारित किए गए।
इस निर्णय से आयोजन की तैयारियों को और अधिक व्यवस्थित रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ब्राह्मण समाज के प्रबुद्धजनों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी
बैठक में ब्राह्मण समाज के वरिष्ठजनों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आयोजन को भव्य बनाने के लिए अपने सुझाव दिए। उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में जन्मोत्सव को दिव्य और ऐतिहासिक स्वरूप देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर सुभाष शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, चंद्रमणि शर्मा, संदीप शर्मा, लक्ष्मण शर्मा, रवि शर्मा, सुखबीर शर्मा, सचिन और कन्हैया सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
समाज के प्रत्येक परिवार से कार्यक्रम में सहभागिता की अपील
बैठक के अंत में चंद्रमणि शर्मा ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए समाज के प्रत्येक परिवार से कार्यक्रमों में सपरिवार भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि व्यापक जनसहभागिता से ही आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप दिया जा सकता है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज की सामूहिक भागीदारी से इस वर्ष का जन्मोत्सव जनपद में विशेष पहचान बनाएगा।

