UGC- 2022 और 2023 की जेईई मेन और एडवांस परीक्षा के लिए नया बोर्ड गठित: MPhil/PhD के शोध पत्र जमा करने की अवधि बढ़ी
UGC ने उच्च शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों के कार्यों की समीक्षा करने के बाद एमफिल/पीएचडी के वास्ते शोध पत्र (थीसिस) जमा करने की अवधि 30 जून से छह महीने के लिए बढ़ाने को मंजूरी दी है।
इस संबंध में छह मई 2022 को हुई बैठक में यूजीसी ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके तहत किसी विद्यार्थी को एमफिल/पीएचडी के लिए शोध पत्र जमा करने के लिए 30 जून के बाद छह महीने का समय दिया जा सकता है। यह शोध परामर्श समिति द्वारा विद्यार्थियों के कायो की समीक्षा करने और प्रत्येक मामले में विभागाध्यक्ष और निरीक्षक की सिफारिश के आधार पर होगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 2022 और 2023 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी), अन्य केंद्र पोषित इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले के लिए होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मेन एवं एडवांस परीक्षा के आयोजन के लिए 19 सदस्यीय नए जेईई शीर्ष बोर्ड (जेएबी) का गठन किया है।
मंत्रालय से जारी एक अधिसूचना के अनुसार 2022 और 2023 में जेईई मेन एवं एडवांस परीक्षा के सुचारु रूप से संचालन के लिए जेईई शीर्ष बोर्ड के पुनर्गठन का फैसला किया गया है।
इसके अध्यक्ष आइआइटी मद्रास के पूर्व निदेशक प्रोफेसर भास्कर राममूर्ति होंगे। इसके सदस्यों में आइआइटी खड़गपुर, आइआइटी बाम्बे, आइआइटी गुवाहाटी, आइआइटी जयपुर, आइआइटी राउरकेला, आइआइटी बंगलुरु, आइआइटी नागपुर और आइआइटीडीएम कर्नूल के निदेशक शामिल होंगे । बोर्ड के अन्य सदस्यों में कर्नाटक, गुजरात, बिहार एवं हरियाणा राज्य के प्रतिनिधि, एसआरएम इंस्टीट्यूट आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी के प्रतिनिधि, सीबीएसई के अध्यक्ष, एनआइसी के महानिदेशक, सी-डीएसी के महानिदेशक, शिक्षा मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव/संयुक्त सचिव और राष्ट्रीय परीक्षा एजंसी (एनटीए) के महानिदेशक शामिल होंगे ।
अधिसूचना के अनुसार जेईई शीर्ष बोर्ड (जेएबी) का एक स्थायी सचिवालय होगा जो एनटीए की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। जेईई मेन परीक्षा के आयोजन के संदर्भ में नीतियां और नियम तय करने के लिए जेएबी अंतिम प्राधिकार होगा जो, जेईई एडवांस समूह एवं उसके अध्यक्ष के साथ भी समन्वय करेगा।
शिक्षा मंत्रालय ने जेईई मेन और जेईई एडवांस की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं बेहतर बनाने के लिए जेएबी का गठन किया है जो पूर्व में काम कर रहे बोर्ड का स्थान लेगा पिछले बोर्ड का कार्यकाल 31 मार्च 2022 को समाप्त हो गया था। जेईई मेन परीक्षा का पहला चरण 20 जून से आयोजित होना है।
देश में शोध को बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने ‘उच्च शिक्षा संस्थानों/अनुसंधान संस्थानों में संकाय और शोधकर्ताओं के साथ अनुसंधान प्रशिक्षुता (इंटर्नशिप)’ के लिए मसविदा तैयार किया है। चार वर्षीय पाठ्यक्रम में 160 क्रेडिट में से कम से कम 20 क्रेडिट लेना अनिवार्य होगा। इसके तहत स्नातक विद्यार्थियों को अनुसंधान करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।
इससे विद्यार्थियों के लिए शोध करने के लिए अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण होगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अनुसंधान विधियों, विश्लेषणात्मक उपकरणों और तकनीकों से परिचित कराना साथ ही उनका उचित उपयोग सिखाया जाएगा। इसके अलावा विद्यार्थियों को शोध प्रस्ताव, वैज्ञानिक रिपोर्ट और प्रस्तुतीकरण लिखने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
इसका फायदा उच्च शिक्षण संस्थानों को भी होगा। यूजीसी के मसविदे के मुताबिक चार वर्षीय पाठ्यक्रम में 160 क्रेडिट में से कम से कम 20 क्रेडिट लेना अनिवार्य होंगे। पहले या दूसरे साल में पाठ्यक्रम से बाहर आने की सोच रहे विद्यार्थियों को दूसरे और चौथे सेमेस्टर में इंटर्नशिप करनी होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में उच्च शिक्षा प्रणाली के भीतर गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा देने की परिकल्पना की गई है।
Courtesy: This article is extracted with thanks & zero benefits from:

