बाजार से गायब होने लगा सेंधा नमक, छुआरे हुए महंगे
मुजफ्फरनगर। पुलवामा में आतंकी हमले के बाद सरकार के पाकिस्तान से आने वाली चीजों पर टैक्स बढ़ाने का असर बाजार पर नजर आने लगा है। पाकिस्तान से आने वाले सेंधा नमक, छुआरा आदि कई वस्तुओं की आपूर्ति बॉर्डर पर अटक गई है। ऐसे में बाजार में इनका स्टॉक खत्म होने लगा है। व्यापारियों ने भी पाकिस्तान से आयतित माल मंगवाना बंद कर दिया और साफ कह दिया है कि यदि जरूरी लगा तो वे देश हित में पाकिस्तानी वस्तुओं का बहिष्कार करेंगे, उसके दूसरे विकल्प भी देश में मौजूद है। पुलवामा की घटना के बाद सरकार ने पाकिस्तान से आने वाली चीजों पर 200 प्रतिशत टैक्स लगा दिया है। इससे इनकी कीमतें दुगने से भी ज्यादा हो गई हैं और सप्लाई बॉर्डर पर ही अटक गई है। बाजार में छुआरे की मांग घट गई और व्यापारियों ने छुआरा मंगवाना बंद कर दिया है। आम दिनों में सहारनपुर में छुआरे की खपत चार से पांच टन है, लेकिन ईद पर रमजान माह में छुआरे की खपत इसकी 10 गुना हो जाती है। यही स्थिति सेंधा नमक की भी है। शामली की मंडी जवाहरगंज के थोक ड्राई फूड व्यापारी विजय बहादुर ने बताया कि पाकिस्तान से अमृतसर की बड़ी मंडियों में सबसे ज्यादा सेंधा नमक, छुआरा, गूगल, गोंद आदि जड़ी बूटियां आती हैं, वहां के बड़े व्यापारी इन्हें देश भर में भेजते हैं। शामली में मोदीनगर के बड़े व्यापारी इसकी सप्लाई भेजते हैं। विजय बहादुर बताते हैं कि उनके यहां सेंधा नमक के 30 बोरे महीने में निकलते थे, लेकिन कई दिन से माल ना होने की वजह से स्टॉक खत्म हो गया है। इसी तरह छुआरों का भी स्टॉक भी खत्म होने की स्थिति में है। उनका कहना है कि देश हित में वे पाकिस्तान के आने वाली चीजों का बहिष्कार भी करने को तैयार हैं। पाकिस्तान को आर्थिक रुप चोट देना जरूरी है। जो चीजें नहीं आएंगी, उनके कई विकल्प देश में मौजूद हैं। मोरगंज बाजार सहारनपुर के छुआरा कारोबारी मयंक गोयल का कहना है कि बाजार में छुआरे की मांग घट गई है। ऐसे में व्यापारी रिस्क नहीं लेना चाहते है। रमजान माह में छुआरे की खपत अधिक होती है। अगर यही हालात रहे तो रमजान माह में छुआरे के दाम भी आसमान छू सकते हैं।
बोले व्यापारी, पाक को सबक सिखाना जरूरी-शामली के थोक व्यापारी मनोज कुमार कहते हैं कि पाकिस्तान देश में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। पुलवामा घटना के बाद उसे कड़ा सबक सिखाना जरूरी है। सभी को मिलकर वहां से होने वाले कारोबार को प्रभावित करना होगा। अब उसे आर्थिक चोट पहुंचानी जरूरी है। घेर चेंबर मोरगंज बाजार सहारनपुर के ड्राइफ्रूट कारोबारी चंदन कालड़ा का कहना है कि पुलवामा हमले का असर बाजार पर नजर आ रहा है। सहारनपुर जिले में रोजाना चार से पांच टन छुआरे की खपत है। अब मंहगा होने की वजह से बाजार में छुआरे की मांग घट गई है। व्यापारियों ने पाकिस्तान से छुआरा मंगवाना बंद कर दिया। घेर चेंबर मोरगंज बाजार सहारनपुर के व्यापारी अनित गर्ग का कहना है कि पाकिस्तान से अब छुआरा मंगवाना घाटे का सौदा है। शुल्क 200 प्रतिशत होने की वजह से छुआरे की मांग घटी है। इसके अलावा पाकिस्तान से भारी मात्रा में सेंधा नमक भारत आता है। सेंधा नमक भी नहीं मंगा रहे हैं, जिससे दाम बढ़ गए हैं।
बढ़ने लगीं कीमतें-शामली में जो छुआरा थोक में 70 रुपये मिल रहा था, उसकी कीमत 125 रुपये जा चुकी है। थोक में पांच से छह रुपये किलो मिलने वाला सेंधा नमक 11 तक पहुंच गया है। इसी तरह पिसे हुए नमक का रेट भी 15 से बढ़कर 25 तक पहुंच गया है। इसी तरह खजूर ,गोंद, गूगल आदि की कीमतें भी बढ़ रही हैं। सहारनपुर में किलोग्राम और पिसा सेंधा नमक दस से 12 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा थी। अब साबुत सेंधा नमक 15 से 16 रुपये किलोग्राम और पिसा हुआ नमक 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है।
