प्रयागराज में सियासी और संतों की संगम राजनीति: माघ मेले पर केशव मौर्य का बड़ा बयान, Shankaracharya से विरोध खत्म करने की अपील और अखिलेश पर तीखा हमला
Prayagraj माघ मेले को लेकर ज्योतिष पीठ के Shankaracharya स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच चल रहे विवाद पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने जहां शंकराचार्य से विरोध समाप्त कर संगम स्नान करने की प्रार्थना की, वहीं राजनीतिक मोर्चे पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और एआईएमआईएम नेता सहर शेख के बयानों पर तीखा पलटवार भी किया।
🔴 माघ मेले पर साफ रुख: “मेरा कोई कार्यक्रम नहीं”
प्रयागराज पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से जब यह पूछा गया कि क्या वह माघ मेले में जाकर शंकराचार्य से मुलाकात करेंगे, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि फिलहाल उनका मेले में जाने का कोई कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने शंकराचार्य जी से प्रार्थना की है कि वे अपना विरोध समाप्त करें और पवित्र संगम में स्नान कर एक सकारात्मक और अनुकूल संदेश दें।
केशव मौर्य के इस बयान को राजनीतिक और प्रशासनिक संतुलन की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। एक ओर सरकार व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर संत समाज से संवाद और सम्मान की बात भी दोहराई जा रही है।
🔴 बटुकों से मारपीट का मामला: जांच का आश्वासन
माघ मेले के दौरान बटुकों के साथ कथित पुलिस मारपीट के मामले पर भी डिप्टी सीएम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।
उन्होंने दोहराया कि सरकार संतों और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करती है और किसी भी तरह की ज्यादती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका यह बयान प्रशासनिक जवाबदेही और धार्मिक संवेदनशीलता—दोनों को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
🔴 शंकराचार्य पर टिप्पणी से इनकार: “वह पूज्य संत हैं”
शंकराचार्य द्वारा केशव मौर्य को “समझदार और सीएम बनाए जाने योग्य” बताए जाने पर डिप्टी सीएम ने राजनीतिक टिप्पणी करने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य पूज्य संत और जगतगुरु हैं, वे राजनीति से ऊपर हैं।
केशव मौर्य ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री कौन बने, यह तय करना उनकी पार्टी का काम है, न कि संतों का। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य के किसी भी बयान पर टिप्पणी करना उनकी मर्यादा के खिलाफ है।
🔴 सीएम स्तर से पहल, सम्मान की बात
डिप्टी सीएम ने यह भी बताया कि इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री के स्तर से पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार शंकराचार्य का सम्मान करती है और माघ मेले में उनके आगमन का हृदय से स्वागत करती है।
उन्होंने दोहराया कि उनका व्यक्तिगत प्रयास यही है कि शंकराचार्य विरोध समाप्त कर संगम स्नान करें, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
🔴 गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं और विकास का संदेश
प्रयागराज दौरे के दौरान केशव मौर्य ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश” की दिशा में देश और प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी पूरी ताकत से जुट जाएं। उनका कहना था कि अब दुनिया में कोई भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता और भारत में कोई उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता।
🔴 अखिलेश यादव पर तीखा हमला
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा बीजेपी को “विनाश” कहे जाने पर केशव मौर्य ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश यादव बिहार में चुनाव प्रचार करने गए थे, तो उन्हें उम्मीद थी कि अगर वहां आरजेडी जीतेगी तो यूपी में समाजवादी पार्टी मजबूत होगी।
केशव मौर्य ने दावा किया कि बिहार में आरजेडी को करारी हार मिली और अब 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की हार तय है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव “फ्रस्ट्रेशन और तनाव” में हैं, इसलिए लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं।
🔴 बूथ लेवल राजनीति की नसीहत
डिप्टी सीएम ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि गुंडों, अपराधियों और माफियाओं का साथ छोड़कर बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ें और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ें।
उन्होंने दावा किया कि बीजेपी को “गुंडों के दम पर” हराना संभव नहीं है और 2047 तक देश और प्रदेश में बीजेपी की सरकार जनता के आशीर्वाद से बनी रहेगी।
🔴 AIMIM नेता के बयान पर पलटवार
एआईएमआईएम नेता सहर शेख द्वारा मुंबई और पूरे देश को “हरे रंग में रंगने” के बयान पर केशव मौर्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग “मुंगेरीलाल के हसीन सपने” न देखें।
डिप्टी सीएम ने कहा कि भारत में न तो किसी तरह का “इस्लामीकरण” होगा और न ही “ईसाईकरण।” उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में संस्कृति की जय-जयकार होगी, सबका विकास होगा और सभी के जीवन में खुशहाली आएगी।
🔴 सामाजिक एजेंडा और विकास का दावा
केशव मौर्य ने अपने बयान में कहा कि सरकार का लक्ष्य गरीबी, भ्रष्टाचार, जातिवाद और परिवारवाद को खत्म करना है। उन्होंने दावा किया कि देश की प्रगति के लिए जरूरी हर कदम उठाया जाएगा और समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिलेगा।
उनके इस बयान को बीजेपी के विकास और सांस्कृतिक एजेंडे के रूप में देखा जा रहा है, जिसे आने वाले चुनावों में प्रमुख मुद्दा बनाया जा सकता है।
🔴 धार्मिक आयोजन और राजनीति का संगम
माघ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक संदेशों का भी मंच बन चुका है। संतों के बयान, सरकार की प्रतिक्रिया और विपक्ष के आरोप—सब मिलकर इस आयोजन को सियासी रंग दे रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि शंकराचार्य से जुड़े विवाद और उस पर सरकार की प्रतिक्रिया आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।
🔴 जनता की नजरें और आने वाले संकेत
Prayagraj Magh Mela Keshav Maurya statement के बाद जनता और राजनीतिक हलकों की नजर इस पर टिकी है कि क्या शंकराचार्य संगम स्नान कर कोई बड़ा संदेश देंगे या विवाद और गहराएगा।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में धर्म, राजनीति और विकास—तीनों एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं और हर बयान दूरगामी असर डाल सकता है।

