नेपाल के होटलों में छापेमारी: सपा समर्थकों को छोड़ना पड़ा देश, नेपाल में ली शरण
जिला पंचायत और ब्लाक प्रमुख चुनाव के मद्देनजर महराजगंज जिले के जिला पंचायत सदस्य (Zila Panchayat Sadasya) और कुछ ब्लाकों के क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने नेपाल (Nepal) में शरण ली है। उनका आरोप है कि भाजपा के शह पर अधिकारी उन्हें उनके मर्जी के खिलाफ वोट देने का दबाव डाल रहे हैं।
उधर, महराजगंज पुलिस के अनुरोध पर नेपाल पुलिस की टीमें इस सदस्यों की तलाश में नेपाल के होटलों में छापेमारी चल रही है। नेपाल पुलिस का कहना है कि कोविड काल में नेपाल में प्रवेश पर मनाही है।
नेपाल के भैरहवा, बुटवल, पोखरा व काठमांडू के होटलों में पुलिस ने इसको लेकर सर्च अभियान चलाया। वहीं, नौतनवा व निचलौल क्षेत्र के तमाम क्षेत्र पंचायत सदस्यों के मोबाइल स्विच आफ मिल रहे हैं। तमाम के फोन परिजन उठा रहे हैं। इससे लोग इन सदस्यों के नेपाल होने की आशंका जता रहे हैं। करीब एक सप्ताह पूर्व नौतनवा क्षेत्र के एक क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि को जबरन नेपाल पहुंचाने का आरोप भी लगा था। दो पक्षों में इसको लेकर नोकझोंक भी हुई थी।
बता दें कि महराजगंज में सांसद पंकज चौधरी के करीबी रविकांत पटेल को भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष का उम्मीदवार घोषित किया है। जिसके बाद भाजपा सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए हर दांव चल रही है। वहीं सपा अपने उम्मीदवार (Samajwadi Party Candidate) दुर्गा प्रसाद यादव के पक्ष में लामबंदी कर रही है।
ब्लाक प्रमुख चुनाव के दावेदरों द्वारा अपने पक्ष में करने के बाद क्षेत्र पंचायत सदस्यों को इधर-उधर भेज दिया गया है। नेपाल के साथ दिल्ली व गोवा भी भेजने की चर्चाएं हैं। इन्हीं चर्चाओं के बीच यह सूचना नेपाल प्रशासन को मिली बताई जा रही है। इसकी पुष्टि नेपाल पुलिस के जिम्मेदारों ने की, लेकिन अभी कोई कुछ साफ नहीं बोल रहा है। जबकि, सिद्धार्थन होटल संघ रुपन्देही के अध्यक्ष सीपी श्रेष्ठ का कहना है कि कोविड प्रोटोकॉल में अभी होटल खोलने की अनुमति नहीं है। बहुत से लोगों को मना किया जा रहा है। कोई गुप्त रूप से बुकिंग करता है तो संगठन साथ नहीं देगा।

