एसडीएम पर घूसखोरी का आरोप, अफसरों तक पहुंची आडियो क्लिप: सूत्र
योगी सरकार में भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस के बावजूद कुछ अधिकारी कारगुजारी से बाज नहीं आ रहे हैं। जमीनी मसले में एक लाख रुपये की रिश्वत का मामला सामने आया है। काम करने के बदले रुपये लेने के आरोप एसडीएम सदर पर लगे हैं।
प्रकरण से जुड़ी आडियो अधिकारियों के पास पहुंची तो जांच बैठ गई। कमिश्नर एवी राजमौलि के आदेश पर डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को जांच सौंपी है।
रोहाना टोल के समीप कृषि भूखंड की रजिस्ट्री के बाद कब्जा लेने का मामला काफी समय से लंबित है। इस मामले में पीड़ित ने कमिश्नर सहारनपुर मंडल से शिकायत की है। साथ ही कुछ आडियो भी भेजी हैं।
आडियो दूसरे अधिकारियों के पास भी पहुंची हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सदर तहसील से जुडे़ जमीन प्रकरण के निस्तारण के लिए एक लाख रुपये एसडीएम सदर के लिए दिए गए थे।
धनराशि देने के बावजूद मामले का निस्तारण नहीं हुआ। इस पर पीड़ित ने पैसे लौटाने की मांग की, लेकिन अधिकारी ने डांटते-फटकारते हुए इंकार कर दिया। किसी तरह पचास हजार रुपये वापस किए गए
लेकिन शेष धनराशि वापस देने के लिए अधिकारी और उनके कर्मचारी मुकदमे की धमकी देते रहे। कहीं सुनवाई होती नहीं देख पीड़ित भाजपा नेता विपुल बहेड़ी एडवोकेट के पास पहुंचे।
भाजपा नेता ने एसडीएम सदर से बात की तो शुरुआत में उन्होंने भाजपा नेता को ही धमका दिया। भाजपा नेता के सरकार की जीरो टालरेंस और मजलूमों के साथ अन्याय नहीं होने का हवाला देते हुए एसडीएम सदर से बात की तो सुर बदल गए।
बाद में एक कर्मचारी के माध्यम से 50 हजार रुपये वापस किए गए। इसकी शिकायत कमिश्नर एवी राजमौलि से हुई तो उन्होंने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए डीएम सेल्वा कुमारी को जांच करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह को जांच सौपी है।- सूत्र

