उच्चतम न्यायालय ने The Kerala Story की रिलीज पर रोक की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार
The Kerala Story: उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को फिल्म से संबंधित याचिकाओं पर विचार करने से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ताओं से उच्च न्यायालय में जाने को कहा. बता दें कि फिल्म पांच मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ के समक्ष तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए याचिकाओं का उल्लेख किया गया. इसमें से एक में मांग की गयी है कि फिल्म में यह ‘डिस्क्लेमर’ होना चाहिए कि यह कल्पना पर आधारित है.
सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ की रिलीज पर रोक लगाने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई से मंगलवार को इनकार कर दिया. वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल तथा अधिवक्ता निजाम पाशा ने न्यायमूर्ति के एम जोसफ एवं न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ को सूचित किया कि फिल्म के ट्रेलर को एक करोड़ 60 लाख बार देखा गया है. यह फिल्म शुक्रवार यानी 5 मई को रिलीज हो रही है.
Plea seeking ban on the film ‘The Kerala Story’ mentioned before the Supreme Court saying it promotes hate speech. Supreme Court refuses to hear the plea immediately. pic.twitter.com/t3OnAyCNPE
— ANI (@ANI) May 2, 2023
अधिवक्ता पाशा ने कहा, ‘‘यह फिल्म घृणा फैलाने वाले भाषण का सबसे बदतर उदाहरण है. विशुद्ध तौर पर यह दृश्य-श्रव्य (ऑडियो विजुअल) दुष्प्रचार है.’’ पीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा, ‘‘घृणा भाषण भी कई प्रकार के होते हैं. इस फिल्म को प्रमाणपत्र मिला है और बोर्ड ने इसे मंजूरी दी है. यह ऐसा नहीं है कि कोई व्यक्ति मंच पर चढ़ गया और अनाप-शनाप भाषणबाजी करने लगा. अगर आपको फिल्म की रिलीज को चुनौती देनी है तो आपको प्रमाणपत्र को चुनौती देनी चाहिए और वह भी उचित मंच के माध्यम से.’’
इस पर अधिवक्ता सिब्बल ने कहा कि जो जरुरी होगा, वह सब करेंगे. न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा कि याचिकाकर्ता को पहले उच्च न्यायालय जाना चाहिए. अधिवक्ता पाशा ने कहा कि फिल्म शुक्रवार को रिलीज होने वाली है, ऐसे में वक्त नहीं है. पीठ ने कहा, ‘‘यह कोई आधार नहीं है. ऐसे तो हर कोई उच्चतम न्यायालय आने लगेगा. ’’पाशा ने कहा कि इसीलिए उन्होंने घृणा भाषण मामले में हस्तक्षेप अर्जी दाखिल की है. गौरतलब है कि यह फिल्म धर्मांतरण पर आधारित है.
वहीं द केरला स्टोरी मूवी का विरोध केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने भी किया है. उनका कहना है कि यह फिल्म संघ के विचारों को बढ़ावा दे रही है. बेवजह लव जिहाद के मुद्दे पर फिल्म बनाकर संघ के विचारों को प्रचारित किया जा रहा है. फिल्म का कई राजनीतिक दलों ने भी विरोध किया है, जिसके बाद सेंसर बोर्ड ने फिल्म के कई सीन और डायलाॅग हटा दिये हैं. फिल्म में मुख्य भूमिका अदा शर्मा ने निभाई है.

