फर्जी कंपनी

Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरें

Muzaffarnagar में फर्जी वेबसाइट बनाकर करोड़ों की ठगी का खुलासा, विदेशी खरीदार और बड़े ऑर्डर का झांसा देकर व्यापारियों को फंसाता था गिरोह; 3 गिरफ्तार

Muzaffarnagar साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार, ‘विजन ट्रेड इंडिया’ नाम से कथित फर्जी वेबसाइट बनाकर व्यापारियों को विदेशी खरीदार और बड़े ऑर्डर दिलाने का झांसा देने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक देश के अलग-अलग राज्यों की 30 से अधिक शिकायतों में 1.50 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी सामने आई है। तीन मोबाइल फोन, कंपनी से संबंधित दस्तावेज, पैन कार्ड और कथित फर्जी प्रमाण-पत्र बरामद किए गए हैं। पुलिस अन्य बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है, इसलिए मामले में आगे और तथ्य सामने आ सकते हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।

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उत्तर प्रदेश

Aligarh News: AMU से PhD, पॉश ऑफिस और हर महीने 40 हजार रुपये रिटर्न का सपना… जुनैद अहमद ने ऐसे बिछाया करोड़ों की ठगी का जाल, पुलिस ने दबोचा

Aligarh में सामने आया यह कथित वित्तीय घोटाला केवल एक फर्जी कंपनी और कुछ निवेशकों की शिकायत तक सीमित नहीं दिख रहा है। पुलिस के अनुसार एएमयू कर्मचारियों सहित कई लोगों से करोड़ों रुपये जुटाने, ऊंचे मासिक रिटर्न का लालच देने, शुरुआती दौर में भुगतान कर भरोसा कायम करने और बाद में कार्यालय बंद कर फरार होने के आरोपों की जांच की जा रही है। जुनैद अहमद को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि सुहेल अहमद, उकैस, दीपक कुमार, मोहम्मद बिलाल और जेबा परवीन समेत अन्य कथित सहयोगियों की भूमिका की जांच जारी है। पुलिस अब बैंक खातों, निवेशकों के लेनदेन, आरोपी की संपत्ति और पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। पीड़ितों की रकम की वापसी जांच में सामने आने वाली संपत्ति और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरें

YouTube देखकर सीखी ठगी, फर्जी कंपनियां बनाकर करोड़ों का खेल! Muzaffarnagar पुलिस ने तीन शातिर जालसाज दबोचे

Muzaffarnagar पुलिस द्वारा फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों से कथित रूप से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का खुलासा आर्थिक अपराधों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस उनके नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन तथा संभावित अन्य पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही धोखाधड़ी की वास्तविक राशि और पूरे नेटवर्क की विस्तृत तस्वीर सामने आ सकेगी।

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