dowry punishment

उत्तर प्रदेश

Farrukhabad: 31 साल बाद आया इंसाफ: पत्नी की हत्या कर शव नदी में फेंकने वाले पति को 7 साल की कैद

Farrukhabad दहेज के कारण होने वाली हत्याओं के कई मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं। उदाहरण के लिए, 1993 के एक मामले में, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 29 साल बाद आरोपियों की बरी होने के फैसले को पलटते हुए निचली अदालत को नए सिरे से फैसला करने का निर्देश दिया। इस मामले में, 22 वर्षीय महिला की शादी के दो साल के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी, और आरोप था कि उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया था।

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