Energy Security

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रूस ने आर्कटिक में शुरू किया ‘Vostok Oil Project’, भारत को मिलेगा होर्मुज का बड़ा विकल्प; 4.4 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट, 49.9% हिस्सेदारी और पुतिन का बड़ा दांव

Vostok Oil Project भारत के लिए केवल एक नया तेल स्रोत नहीं है, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई रूट के विविधीकरण का संभावित बड़ा विकल्प है। आर्कटिक क्षेत्र से 2027 की दूसरी छमाही तक सालाना करीब 3 करोड़ टन कच्चा तेल उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है और परियोजना से जुड़ी वानकोरनेफ्ट में ONGC Videsh, Indian Oil, Oil India और Bharat Petro Resources की संयुक्त 49.9% हिस्सेदारी है। करीब 4.4 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली इस परियोजना का तेल 790 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए कारा सागर के बुख्ता सेवेर टर्मिनल तक पहुंचाया जाएगा।

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भारत-रूस तेल सौदे पर ट्रम्प बनाम Moscow: “भारत आज़ाद है” बोले पेस्कोव, रूसी तेल छोड़ना इतना आसान क्यों नहीं

अमेरिका और Moscow रूस अपने-अपने दावों के साथ इस खेल में दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले महीनों में यही तय करेगा कि ऊर्जा सुरक्षा में समझदारी भारी पड़ेगी या भू-राजनीतिक बयानबाज़ी।

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वैश्विक

तेल, रक्षा और सांस्कृतिक संबंध: पीएम मोदी की ऐतिहासिक Guyana यात्रा पर दुनिया की नजरें

Guyana, जो हाल के वर्षों में अपनी विशाल तेल और गैस संपत्तियों की खोज के कारण वैश्विक चर्चा का केंद्र बना है, भारत के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। लगभग आठ अरब बैरल कच्चे तेल के भंडार के साथ, गुयाना आने वाले समय में दुनिया के शीर्ष 10 तेल उत्पादक देशों में शामिल हो सकता है। ऐसे में भारत, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इस अवसर को भुनाने की कोशिश में है।

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