संघ जैसा कोई संगठन नहीं है: मेरठ में बोले Mohan Bhagwat, RSS को बताया व्यक्ति निर्माण की कार्यशाला
Mohan Bhagwat का यह संदेश केवल संघ की व्याख्या नहीं था, बल्कि भारतीय समाज की सांस्कृतिक एकता, व्यक्ति निर्माण और राष्ट्र उत्थान की व्यापक सोच को सामने रखने वाला विचारात्मक वक्तव्य भी था। संघ के शताब्दी वर्ष में यह संवाद आने वाले समय की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।
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