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ISRO की 100वीं उड़ान: भारत के नेविगेशन सिस्टम में नया सितारा

ISRO की स्थापना 1969 में हुई थी, और तब से लेकर अब तक संगठन ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। 1975 में भारत का पहला सैटेलाइट आर्यभट्ट लॉन्च किया गया, और 1980 में रोहिणी सैटेलाइट RS-1 को स्वदेशी SLV-3 रॉकेट के माध्यम से लॉन्च किया गया। 2014 में मंगलयान मिशन की सफलता और 2023 में चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग ने भारत को अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक प्रमुख स्थान दिलाया है।

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इसरो के वर्ष के दूसरे मिशन को झटका: पृथ्वी अवलोकन उपग्रह को स्थापित नहीं किया जा सका

ISRO: प्रक्षेपण से पहले इसरो ने इस साल फरवरी में ब्राजील के पृथ्वी अवलोकन उपग्रह अमेजोनिया-1 और 18 सह-यात्री उपग्रहों को प्रक्षेपित किया था। गुरुवार के रॉकेट लॉन्च को भी अप्रैल या मई में आयोजित करने की योजना थी, हालांकि, कोविड प्रकोप की वजह से वैज्ञानिक इसे अब कर रहे हैं।

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