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उत्तर प्रदेश

गर्भस्थ शिशु भी ‘व्यक्ति’ है: Allahabad High Court का ऐतिहासिक फैसला, रेलवे को 8 लाख अतिरिक्त मुआवजा देने का आदेश

Allahabad High Court की लखनऊ बेंच का यह फैसला केवल एक मुआवजा आदेश नहीं, बल्कि न्यायिक इतिहास में संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का मजबूत उदाहरण बनकर सामने आया है। गर्भस्थ शिशु को स्वतंत्र क्षति मानते हुए अतिरिक्त मुआवजा देने का निर्देश यह संकेत देता है कि न्याय व्यवस्था संभावित जीवन के अधिकारों को भी गंभीरता से स्वीकार कर रही है और भविष्य में ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को अधिक प्रभावी राहत मिलने का रास्ता मजबूत हुआ है।

 

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