सन्त का सारा जीवन परहित व जनकल्याण मे ही व्यतीत होता हैः कपिल देव
मुजफ्फरनगर। सन्त का ना कभी जन्म होता है और ना ही मृत्यु सन्त तो अमर हैं। जो लोककल्याण के लिए समय समय पर अवतरित होते रहते हैं।
गुरूदेव ज्ञान सागर जी महाराज वास्तव मे ज्ञान का अथाह सागर थे। ये मेरा सौभाग्य रहा कि परम पूज्य आचार्य श्री 108 ज्ञानसागर जी महाराज के दर्शन एवं समय समय पर उनका आर्शीवाद प्राप्त होता रहा।
परम पूज्य आचार्य श्री 108 ज्ञानसागर जी महाराज के लिए एक भावपूर्ण विनयांजलि सभा महावीर चौक स्थित अर्पण बैंकट हॉल मे आयोजित की गई। विनयांजलि सभा मे मुख्यरूप से सम्बोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने उक्त उदगार व्यक्त किए।
मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने अपने सम्बोधन मे कहा कि सन्त का सारा जीवन परहित व जनकल्याण मे ही व्यतीत होता है। धर्म का प्रचार प्रसार एवं लोककल्याण की भावना एक सच्चे साधु की पहचान है।
उन्होने कहा कि गुरूवर आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज अपने नाम के अनुरूप ज्ञान का सागर थे। अतः आज इस विनयांजलि सभा के माध्यम से हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि गुरूदेव के बताये हुए मार्ग पर उनके आर्शीवाद को जन-मानस तक पहुंचायेंगे एवं सभी धार्मिक कार्यो में तन-मन-धन से सहयोग करेंगे। उल्लेखनीय है कि परमपूज्य आचार्य श्री 108 ज्ञानसागर जी महाराज का आकस्मिक समाधिकरण 15 नवम्बर 2020 के हो गया।
ज्ञानोदय क्लब,मुजफ्फरनगर के तत्वाधान मे आयोजित विनयांजलि सभा मे पधारे भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला,सभासद प्रियांशु जैन,रोहित जैन,एवं दिल्ली से पधारे पत्रिका चाणक्य वार्ता के मुख्य संपाक अमित जैन आदि ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम मे एल.ई.डी.स्क्रीन के माध्यम से गुरूवर के चरित्र चित्रण को सभी को दिखाया गया। कार्यक्रम का संचालन रविन्द्र जैन वहलना वालों व पुनीत जैन जिनेन्द्र एजेन्सीज वालो ने किया। कार्यक्रम मे मुख्यरूप से ज्ञानोदय परिवार मुजफ्फरनगर के सदस्य पवन कुमार,आशीष जैन, राजेन्द्र जैन, मुदित जैन, प्रवीण जैन हुण्डई वाले,राजकुमार जैन नावला वाले, राजेश जैन, दिनेश जैन,हर्ष वर्धन जैन, दीपक जैन, अर्हम जैन, अतुल जैन, मुकेश जैन, मनीष जैन, रिषभ जैन, अश्वनी जैन, अंकित जैन, नीरज जैन,सिद्धान्त जैन,अमित जैन, रोहित जैन,अश्वनी जैन,नीरज जैन, संजय जैन,पारस जैन आदि मौजूद रहे।
