Noida-Ghaziabad में बिल्डर्स से रंगदारी वसूलने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ: एसटीएफ ने नोएडा ऑफिस में पूछताछ के बाद दिल्ली के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो बिल्डर्स और Noida-Ghaziabad कारोबारियों से रंगदारी वसूलते थे। ये आरोपी बिल्डर्स और व्यापारियों के खिलाफ झूठी शिकायतें दायर करते थे और इसके जरिए उनसे पैसे वसूलते थे। गिरफ्तारी में दिल्ली के अंकुर गुप्ता, नरेंद्र धवन और उसके बेटे हरनाम धवन का नाम सामने आया है।
रंगदारी वसूलने का तरीका:
आरोपियों का तरीका था कि वे ईडी, सीबीआई, विकास प्राधिकरण और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में फर्जी शिकायतें दायर करते थे और इन शिकायतों को मीडिया में फैलवाकर आरोपितों पर दबाव बनाते थे। इसके बाद कुछ बिल्डर्स और कारोबारी इन झूठी शिकायतों से बचने के लिए आरोपियों को रकम दे देते थे। यह अपराधी गिरोह इस तरह से पैसे वसूलता था, जबकि असल में उनके द्वारा दायर की गई शिकायतें पूरी तरह से झूठी होती थीं।
एसटीएफ की कार्रवाई:
एसटीएफ ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 62,720 रुपये, एक अमेरिकी डॉलर, फर्जी आधार कार्ड और 17 डाक रसीदें बरामद की हैं। इन प्रमाणों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। एसटीएफ के अधिकारियों ने कहा कि यह एक बड़ा रैकेट था जो लंबे समय से बिल्डर्स और कारोबारियों से पैसे वसूलने का काम कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों का इतिहास:
गिरफ्तार किए गए आरोपी अंकुर गुप्ता, नरेंद्र धवन और उनके बेटे हरनाम धवन का इतिहास भी काफी आपराधिक रहा है। ये लोग पहले भी ऐसे कई रैकेट्स में शामिल रहे थे, लेकिन इस बार एसटीएफ की सूझबूझ और कार्रवाई ने उन्हें पकड़ने में सफलता प्राप्त की। गिरफ्तारी के बाद, इन आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस रैकेट के और भी सदस्य और उनके द्वारा किए गए अन्य अपराधों का खुलासा हो सके।
एसटीएफ का बयान:
एसटीएफ के अधिकारी ने बताया कि इस रैकेट के पीछे एक संगठित गिरोह था, जो ठेकेदारों, बिल्डर्स और अन्य व्यापारियों को निशाना बना रहा था। एसटीएफ अब इस मामले में और जांच कर रहा है और यह सुनिश्चित करेगा कि इस प्रकार के अपराधों को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाए।
एसटीएफ की कार्रवाई ने एक बड़ी रंगदारी वसूली रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो बिल्डर्स और व्यापारियों को झूठी शिकायतों के जरिए परेशान करता था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिले प्रमाणों के आधार पर पुलिस और एसटीएफ अब इस मामले में और जांच कर रहे हैं।

