UdhamSinghNagar Bus Accident: नेपाल जा रही 71 यात्रियों से भरी बस पलटी, एक माह की बच्ची समेत 9 घायल, 2 की हालत गंभीर
UdhamSinghNagar Bus Accident: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में बुधवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया, जिसने देर रात सफर कर रहे यात्रियों को दहला दिया। हरिद्वार से नेपाल जा रही भारत-नेपाल मैत्री सेवा की बस अचानक अनियंत्रित होकर गदरपुर क्षेत्र में सड़क किनारे पलट गई। बस में चालक दल सहित कुल 71 लोग सवार थे।
घटना सुबह लगभग 2 बजे गोपाल नगर तिराहे के पास हुई, जब अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। अचानक तेज झटका लगने के बाद बस पलटते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
बारिश और चालक की झपकी बनी हादसे की वजह, खेत में जा पलटी बस
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे के समय क्षेत्र में हल्की बारिश हो रही थी, जिससे सड़क फिसलन भरी हो गई थी। इसी दौरान चालक को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है। नियंत्रण खोते ही बस हाईवे से नीचे उतरकर सुरक्षा बैरियर तोड़ते हुए खेत में जा पलटी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस की गति सामान्य थी, लेकिन अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और चालक उसे संभाल नहीं सका। पुलिस अब चालक से पूछताछ कर रही है और तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
71 यात्रियों से भरी थी बस, अधिकतर नेपाल के डांग जिले के निवासी
इस हादसे में कुल 71 यात्री सवार थे, जिनमें चालक दल के तीन सदस्य भी शामिल थे। प्रशासन के अनुसार अधिकांश यात्री नेपाल के डांग जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो हरिद्वार से धार्मिक यात्रा पूरी कर अपने घर लौट रहे थे।
हादसे के बाद सुरक्षित बचे यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था की गई। साथ ही प्रशासन ने सभी यात्रियों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है ताकि उनके परिजनों को सूचना दी जा सके।
एक माह की बच्ची नव्या सहित 9 लोग घायल, 2 की हालत गंभीर
इस हादसे में कुल 9 यात्री घायल हुए, जिनमें एक माह की मासूम बच्ची नव्या भी शामिल है। डॉक्टरों के अनुसार घायल यात्रियों में काठमांडू निवासी जया भूट्टा (40) और धनश्री नेपाल (36) की हालत गंभीर बनी हुई है।
दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रुद्रपुर के उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है। अन्य घायलों का उपचार स्थानीय अस्पताल में जारी है और चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।
हादसे के बाद मौके पर मचा हड़कंप, रातभर चला राहत और बचाव अभियान
बस पलटने के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीणों ने राहत कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस सेवाओं के पहुंचने से पहले ही यात्रियों को निकालने का प्रयास शुरू कर दिया था।
सूचना मिलते ही पुलिस, 112 आपातकालीन सेवा और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। संयुक्त प्रयास से घायल यात्रियों को तेजी से अस्पताल पहुंचाया गया।
शीशे तोड़कर निकाले गए अंदर फंसे यात्री
हादसे के दौरान कई यात्री बस के भीतर फंस गए थे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर बस के शीशे तोड़े और एक-एक कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बचाव अभियान के दौरान प्राथमिकता बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सुरक्षित निकालने की रही। राहत दल की तत्परता के कारण बड़ा नुकसान टल गया।
सेफ्टी बैरियर तोड़ते हुए खेत में जा गिरी बस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस पहले सड़क किनारे लगे सुरक्षा बैरियर से टकराई और फिर संतुलन खोते हुए खेत में जा पलटी। हादसे के बाद बस कई घंटों तक वहीं पलटी अवस्था में पड़ी रही।
हाईवे विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बस को हटाने के लिए क्रेन मंगाई। हालांकि दुर्घटना के बावजूद हाईवे पर यातायात सामान्य रूप से चलता रहा।
Udham Singh Nagar Bus Accident के बाद प्रशासन हुआ सतर्क
हादसे के बाद जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। घायलों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई और यात्रियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए।
प्रशासन ने बस के तकनीकी निरीक्षण के भी निर्देश दिए हैं ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
भारत-नेपाल मैत्री सेवा बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दुर्घटना के बाद भारत-नेपाल के बीच संचालित मैत्री सेवा बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी की रात्री यात्रा के दौरान चालक की थकान दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनती है।
ऐसे मामलों में नियमित स्वास्थ्य जांच, ड्राइवर शिफ्ट प्रणाली और निगरानी तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता बताई जा रही है।
रात के समय यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए चेतावनी जैसा हादसा
यह हादसा लंबी दूरी की रात्री बस सेवाओं के जोखिम को भी उजागर करता है। विशेष रूप से मानसून के मौसम में फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि ऐसी यात्राओं में चालक की सतर्कता और वाहन की तकनीकी जांच अत्यंत आवश्यक होती है।
स्थानीय लोगों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
यदि समय रहते स्थानीय लोग मदद के लिए आगे नहीं आते, तो नुकसान और अधिक बढ़ सकता था। ग्रामीणों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू कर यात्रियों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।
पुलिस अधिकारियों ने भी स्थानीय नागरिकों के सहयोग की सराहना की है।

