वैश्विक

UK Prison Drone Smuggling: ब्रिटेन की जेलों में ड्रोन से मोबाइल, ड्रग्स और हथियारों की ‘उबर ईट्स’ जैसी सप्लाई, 1,700 से ज्यादा घटनाओं से हड़कंप

UK Prison Drone Smuggling का मामला ब्रिटेन की जेल सुरक्षा व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कैदी अब जेल के अंदर बैठकर मोबाइल फोन के जरिए ड्रग्स, चार्जर, सिम कार्ड और यहां तक कि चाकू जैसे हथियार भी मंगवा रहे हैं।

ड्रोन इन सामानों को सीधे जेल परिसर के मैदान या सेल की खिड़की के पास गिरा देते हैं। इस पूरे सिस्टम को अदालत में सुनवाई के दौरान एक जज ने “उबर ईट्स जैसी डिलीवरी” तक करार दिया, जिससे इस नेटवर्क की संगठित और तेज़ कार्यप्रणाली का अंदाजा लगाया जा सकता है।


140 से ज्यादा ड्रोन उड़ानों का आरोपी बना बड़ा तस्करी नेटवर्क का चेहरा

इस मामले में 29 वर्षीय Shafqat Ullah Mohseni को 140 से अधिक अवैध ड्रोन उड़ानों का दोषी पाया गया है। आरोप है कि उसने दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच इंग्लैंड की नौ अलग-अलग जेलों में प्रतिबंधित सामान की सप्लाई करवाई।

जांच में सामने आया कि इस दौरान उसने कैदियों के परिवारों से लगभग 30 लाख रुपये के बराबर रकम वसूली। यह रकम ड्रोन के जरिए सामान पहुंचाने की फीस के रूप में ली गई थी।

इस घटना ने ब्रिटेन की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


UK Prison Drone Smuggling का तेजी से फैलता खतरा: रिकॉर्ड 1,712 घटनाएं दर्ज

मार्च 2025 तक ब्रिटेन की जेलों में ड्रोन देखे जाने की 1,712 घटनाएं दर्ज की गईं। विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि अधिकतर ड्रोन उड़ानें रात के समय संचालित की जाती हैं।

यह आंकड़ा दर्शाता है कि UK Prison Drone Smuggling अब isolated घटनाओं का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह संगठित अपराध का नया मॉडल बन चुका है।


कैसे काम करता है जेल के अंदर से ड्रोन ऑर्डर का पूरा नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार कैदी चोरी-छिपे जेल के अंदर रखे गए मोबाइल फोन के जरिए बाहर सक्रिय गैंग से संपर्क करते हैं। इसके बाद वे प्रतिबंधित सामान की सूची भेजते हैं।

गैंग सदस्य ड्रोन के जरिए सामान पैक कर निर्धारित समय पर जेल परिसर में गिरा देते हैं। कई मामलों में ड्रोन सीधे खिड़की तक पहुंचकर डिलीवरी करते हैं।

यह पूरी प्रक्रिया इतनी व्यवस्थित होती है कि सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देना आसान हो जाता है।


परिवारों को धमकाकर वसूले जाते हैं पैसे

UK Prison Drone Smuggling के इस नेटवर्क का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि भुगतान अक्सर कैदियों के परिवारों से कराया जाता है।

गैंग परिवारों को धमकी देते हैं कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो जेल के अंदर बंद उनके रिश्तेदार को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इस डर के कारण कई परिवार मजबूरी में भुगतान करने को तैयार हो जाते हैं।

इस तरह यह नेटवर्क तस्करी के साथ-साथ जबरन वसूली का भी रूप ले चुका है।


पहले दीवार के ऊपर से फेंका जाता था सामान, अब ड्रोन बना सबसे आसान तरीका

पहले जेलों में प्रतिबंधित सामान पहुंचाने के लिए दीवारों के ऊपर से पैकेट फेंके जाते थे। लेकिन अब कमर्शियल ड्रोन तकनीक ने इस प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है।

ड्रोन सटीक लोकेशन पर उड़ान भर सकते हैं और कम समय में डिलीवरी कर सकते हैं। यही वजह है कि अपराधी गिरोह तेजी से इस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।


जेल के अंदर सामान की कीमत बाजार से 10 गुना तक ज्यादा

जेल के अंदर प्रतिबंधित सामान की कीमत सामान्य बाजार कीमत से 5 से 10 गुना तक अधिक वसूली जाती है। इससे कैदियों के बीच आर्थिक दबाव और हिंसा की घटनाएं बढ़ने लगी हैं।

ड्रग्स की उपलब्धता बढ़ने से नशे की लत और गैंग नियंत्रण की स्थिति भी गंभीर हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह जेल प्रशासन के लिए दीर्घकालिक खतरा बन सकता है।


UK Prison Drone Smuggling से बढ़ रहा जेलों में हिंसा और गैंग नियंत्रण

जेलों में ड्रग्स और मोबाइल की उपलब्धता बढ़ने से कैदियों के बीच शक्ति संतुलन बदलने लगा है। जिन कैदियों के पास संसाधन पहुंच रहे हैं, वे दूसरे कैदियों पर दबाव बनाने लगे हैं।

इससे जेलों के भीतर गैंग नेटवर्क मजबूत हो रहे हैं और हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं।

यह स्थिति जेल सुधार व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानी जा रही है।


सरकार अब यूक्रेन में इस्तेमाल हो रही एंटी-ड्रोन तकनीक का कर रही अध्ययन

ब्रिटेन सरकार ने इस बढ़ते खतरे को देखते हुए नई तकनीकी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार सरकार यूक्रेन में रूसी ड्रोन रोकने के लिए इस्तेमाल की जा रही तकनीक का अध्ययन कर रही है।

इस तकनीक को जेल परिसरों की सुरक्षा में लागू करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।

यह कदम भविष्य में UK Prison Drone Smuggling को रोकने में अहम साबित हो सकता है।


जेलों की खिड़कियों पर ग्रिल और छतों पर जाल लगाने की तैयारी

सुरक्षा एजेंसियों ने जेलों की खिड़कियों पर अतिरिक्त ग्रिल लगाने और इमारतों के ऊपर जालियां लगाने का काम शुरू कर दिया है।

इन उपायों का उद्देश्य ड्रोन के जरिए सीधे सेल तक पहुंचने वाले रास्तों को बंद करना है।

इसके अलावा जेल परिसरों के ऊपर निगरानी बढ़ाने की योजना भी तैयार की जा रही है।


डिजिटल फॉरेंसिक और मेटाडाटा से तस्करों तक पहुंचने की कोशिश

जांच एजेंसियां अब डिजिटल फॉरेंसिक तकनीक, फिंगरप्रिंट और मेटाडाटा विश्लेषण का इस्तेमाल कर तस्करों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

मोबाइल नेटवर्क ट्रेसिंग और ड्रोन फ्लाइट रिकॉर्ड की जांच से पूरे नेटवर्क की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

यह जांच भविष्य में संगठित गिरोहों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का आधार बन सकती है।


नेशनल ऑडिट ऑफिस की चेतावनी: ड्रोन से बढ़ सकता है नशे का संकट

National Audit Office की रिपोर्ट के अनुसार ड्रोन बड़े पैकेट को सटीक लोकेशन पर पहुंचाने में सक्षम होते हैं। इससे जेलों में ड्रग्स की उपलब्धता तेजी से बढ़ सकती है।

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या जेल प्रशासन के नियंत्रण से बाहर हो सकती है।


ब्रिटेन की जेल सुरक्षा व्यवस्था के सामने नई चुनौती

UK Prison Drone Smuggling ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल अपराधी गिरोह कितनी तेजी से कर रहे हैं। ड्रोन जैसी सुविधाजनक तकनीक अब सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक सुरक्षा उपाय अब पर्याप्त नहीं रह गए हैं और नई तकनीकी रणनीतियों की आवश्यकता तेजी से बढ़ रही है।


ब्रिटेन की जेलों में ड्रोन के जरिए प्रतिबंधित सामान की सप्लाई ने सुरक्षा व्यवस्था को नई चुनौती दे दी है। लगातार बढ़ती घटनाओं ने यह संकेत दे दिया है कि यदि जल्द सख्त तकनीकी निगरानी और कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो यह नेटवर्क भविष्य में और ज्यादा संगठित और खतरनाक रूप ले सकता है, जिसका असर जेल प्रशासन के साथ-साथ समाज की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।

News-Desk

News Desk एक समर्पित टीम है, जिसका उद्देश्य उन खबरों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। हम निष्पक्षता, सटीकता, और पारदर्शिता के साथ समाचारों को प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को हर महत्वपूर्ण विषय पर सटीक जानकारी मिल सके। आपके विश्वास के साथ, हम खबरों को बिना किसी पूर्वाग्रह के आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, हमें संपर्क करें: [email protected]

News-Desk has 21169 posts and counting. See all posts by News-Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

two + 4 =